पूर्वांचल के मंदिरों का होगा कायाकल्प: भृगु-दुर्वासा आश्रम से लेकर जैन मंदिर तक योगी सरकार की बड़ी योजना!

पूर्वांचल के मंदिरों का कायाकल्प, योगी सरकार की बड़ी योजना!

पूर्वांचल के मंदिरों का होगा कायाकल्प: भृगु-दुर्वासा आश्रम से लेकर जैन मंदिर तक योगी सरकार की बड़ी योजना!
Temples in Purvanchal to be rejuvenated

योगी सरकार ने प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए बड़ी योजना शुरू की है। इसके तहत भृगु ऋषि और दुर्वासा ऋषि के आश्रमों सहित कई पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। खासतौर पर पूर्वांचल के मंदिरों पर इस योजना में खास ध्यान दिया गया है। इसके लिए पर्यटन विभाग ने पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है।

किन-किन मंदिरों का होगा विकास?

बलिया में भृगु आश्रम स्थित चित्रगुप्त मंदिर और तेंदुआ पट्टी के हनुमान मंदिर परिसर का विकास किया जाएगा। बलिया के बसंतपुर गांव में उदासीन मठ का भी विकास होगा। आजमगढ़ में महाराजगंज के भैरोबाबा स्थल, फूलपुर पवई में दुर्वासा ऋषि आश्रम, मिश्रापुर का राम जानकी मंदिर और धन्नीपुर, सिंगपुर बांसगांव में परमहंस बाबा के स्थल का भी विकास किया जाएगा। मऊ के दुआरी गांव में श्री वीरा बाबा ब्रह्म स्थान का सौंदर्यीकरण होगा।कन्नौज में फूलमती देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

सरकार की कोशिश है कि अयोध्या, काशी, मथुरा के अलावा अन्य मंदिरों और तीर्थस्थलों को भी धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर लाया जाए। इसी मकसद से पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और आस-पास के इलाकों में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

सरकार की होमस्टे नीति 2025 के तहत, स्थानीय लोगों को अपने घरों को होमस्टे में बदलने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन बढ़े और स्थानीय लोगों को रोजगार मिले। 2024 में करीब 65 करोड़ पर्यटक उत्तर प्रदेश के विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर पहुंचे थे। अब नई योजना के तहत इन स्थलों को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही पुजारियों के कल्याण के लिए भी एक विशेष बोर्ड का गठन किया गया है।

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
05 Jul 2025 By Harsh Sharma

पूर्वांचल के मंदिरों का होगा कायाकल्प: भृगु-दुर्वासा आश्रम से लेकर जैन मंदिर तक योगी सरकार की बड़ी योजना!

पूर्वांचल के मंदिरों का कायाकल्प, योगी सरकार की बड़ी योजना!

योगी सरकार ने प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए बड़ी योजना शुरू की है। इसके तहत भृगु ऋषि और दुर्वासा ऋषि के आश्रमों सहित कई पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। खासतौर पर पूर्वांचल के मंदिरों पर इस योजना में खास ध्यान दिया गया है। इसके लिए पर्यटन विभाग ने पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है।

किन-किन मंदिरों का होगा विकास?

बलिया में भृगु आश्रम स्थित चित्रगुप्त मंदिर और तेंदुआ पट्टी के हनुमान मंदिर परिसर का विकास किया जाएगा। बलिया के बसंतपुर गांव में उदासीन मठ का भी विकास होगा। आजमगढ़ में महाराजगंज के भैरोबाबा स्थल, फूलपुर पवई में दुर्वासा ऋषि आश्रम, मिश्रापुर का राम जानकी मंदिर और धन्नीपुर, सिंगपुर बांसगांव में परमहंस बाबा के स्थल का भी विकास किया जाएगा। मऊ के दुआरी गांव में श्री वीरा बाबा ब्रह्म स्थान का सौंदर्यीकरण होगा।कन्नौज में फूलमती देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

सरकार की कोशिश है कि अयोध्या, काशी, मथुरा के अलावा अन्य मंदिरों और तीर्थस्थलों को भी धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर लाया जाए। इसी मकसद से पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और आस-पास के इलाकों में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

सरकार की होमस्टे नीति 2025 के तहत, स्थानीय लोगों को अपने घरों को होमस्टे में बदलने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन बढ़े और स्थानीय लोगों को रोजगार मिले। 2024 में करीब 65 करोड़ पर्यटक उत्तर प्रदेश के विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर पहुंचे थे। अब नई योजना के तहत इन स्थलों को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही पुजारियों के कल्याण के लिए भी एक विशेष बोर्ड का गठन किया गया है।

https://bhartiyabasti.com/government-scheme/the-temples-of-purvanchal-will-be-rejuvenated-from-bhrigu-durwasa-ashram/article-21258
On

About The Author

Harsh Sharma   Picture

 

हर्ष शर्मा उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक युवा डिजिटल पत्रकार हैं। उन्होंने Inkhabar, Expose India और Times Bull जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट राइटिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में काम किया है। SEO फ्रेंडली लेखन और डिजिटल न्यूज प्रोडक्शन में अनुभव रखते हैं। वर्तमान में भारतीय बस्ती में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।