यूपी के इस गांव में फ्री वाई-फाई और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा, युवाओं को होगा लाभ

यूपी के इस गांव में फ्री वाई-फाई और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा, युवाओं को होगा लाभ
यूपी के इस गांव में फ्री वाई-फाई और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा, युवाओं को होगा लाभ

उत्तर प्रदेश: यूपी में स्थित सिद्धार्थनगर जनपद की असकरनपुर ग्राम पंचायत तेजी से डिजिटल परिवर्तन की ओर बढ़ हो रही है. गांव को "डिजिटल विलेज" के रूप में निर्मित करने की दिशा में प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं. गांव में फ्री वाई-फाई सेवा की शुरुआत हो चुकी है, जिसके तहत 20 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं. इनमें से 11 स्थानों पर पहले ही वाई-फाई उपकरण स्थापित कर दिए गए हैं. इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण अपने घरों में बैठकर ही इंटरनेट की सुविधाओं का लाभ ले पा रहे हैं. इससे न सिर्फ मनोरंजन के साधनों तक पहुंच आसान हुई है, बल्कि स्कूली बच्चों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भी पढ़ाई में मदद मिल रही है. इसके साथ ही सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं जहां वाई-फाई हॉटस्पॉट लगे हैं, वहां सीसीटीवी कैमरों को भी स्थापित किया जा रहा है. 4 स्थानों पर कैमरे पहले ही इंस्टॉल हो चुके हैं और बाकी कैमरे जल्द लगाए जाएंगे.

असकरनपुर गांव की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है:- वातानुकूलित डिजिटल लाइब्रेरी, जो पंचायत भवन परिसर में संचालित हो रही है. यह लाइब्रेरी सुबह से लेकर रात 8:00 बजे तक विद्यार्थियों के लिए खुली रहती है, जहां वे शांत और ठंडे वातावरण में अध्ययन कर सकते हैं. वर्तमान में लगभग 40 से 50 छात्र जिनमें पास के गांवों के भी कई बच्चे शामिल हैं इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठा रहे हैं. गांव की कुल जनसंख्या करीब 4 हजार है, और इस पहल से बड़ी संख्या में छात्रों का शैक्षिक भविष्य उज्जवल होता दिखाई दे रहा है. स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में भी परिवर्तन किए गए हैं. पंचायत परिसर में एक आधुनिक स्वीमिंग पूल का निर्माण कराया गया है, जहां बच्चे तैराकी का अभ्यास कर रहे हैं. ग्रामीणों का मानना है कि इन आधुनिक सुविधाओं से न सिर्फ बच्चों का शारीरिक विकास होगा बल्कि गांव का नाम भी जिले और प्रदेश स्तर पर रोशन होगा.

असकरनपुर सिर्फ तकनीक या शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव में भी मिसाल बन रहा है. हर साल यहां पौधरोपण अभियान चलाया जाता है. गांव में स्थित नर्सरी से आसपास के क्षेत्र को भी पौधे वितरित किए जाते हैं. एक हेक्टेयर भूमि पर विकसित "आयुष वन" में पीपल, नीम, बरगद, अर्जुन, हरसिंगार जैसे औषधीय और छायादार वृक्ष लगाए गए हैं. बीडीओ हरिश्चंद्र सिंह के अनुसार, असकरनपुर में जो विकास कार्य हो रहे हैं, वे पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक हैं. साल 2023 में ग्राम पंचायत को मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार के अंतर्गत 10 लाख रुपये की धनराशि से सम्मानित किया गया था. इसके अतिरिक्त साल 2024 में गांव को आईएसओ प्रमाण पत्र भी प्राप्त हुआ. गांव में भव्य और स्वच्छ ग्राम सचिवालय, जन सेवा केंद्र, एकीकृत कूड़ा प्रबंधन केंद्र, हरा-भरा पार्क, खेल मैदान, अमृत सरोवर और आयुष वाटिका जैसे विकास कार्य संपन्न हो चुके हैं. ग्राम प्रधान आशा देवी ने बताया कि पंचायत जल्द ही "सद्भावना लॉन" की स्थापना करेगी, जहां धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होंगे. साथ ही, यह स्थान बेसहारा बुजुर्गों के लिए आश्रय स्थल के रूप में भी कार्य करेगा. इसके लिए मुख्यमंत्री पुरस्कार की राशि का समुचित इस्तेमाल किया जाएगा.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।