UP में CM के आदेश के बाद गैस एजेंसियों पर छापेमारी
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एडीएम सिविल सप्लाई डॉ. ज्योति गौतम के नेतृत्व में वाजिद अली कदर रोड स्थित इंडियन गैस एजेंसी पहुंची. वहां रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं को दी जा रही सुविधा की जांच की गई. अधिकारियों ने यह भी देखा कि कहीं रसोई गैस की कालाबाजारी तो नहीं हो रही है और सभी पात्र ग्राहकों को समय पर सिलेंडर मिल रहा है या नहीं.
निरीक्षण के दौरान एजेंसी पर मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई. टीम ने स्टॉक और बुकिंग से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया. साथ ही मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं से भी बातचीत कर जानकारी ली कि उन्हें गैस मिलने में कोई परेशानी तो नहीं हो रही.
जांच के बाद एडीएम सीएस डॉ. ज्योति गौतम ने बताया कि फिलहाल एजेंसी पर व्यवस्था सामान्य पाई गई है. उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार उपभोक्ताओं को तय प्रक्रिया के अनुसार सिलेंडर दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को परेशानी महसूस हो रही है, उनमें ज्यादातर ऐसे उपभोक्ता हैं जिनकी पिछली डिलीवरी के 25 दिन पूरे नहीं हुए हैं. नियम के अनुसार निर्धारित समय से पहले नया सिलेंडर जारी नहीं किया जाता.
प्रशासन का कहना है कि पूरे जिले में गैस आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. कहीं भी अनियमितता या कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं गैस सिलेंडर को लेकर गड़बड़ी या अधिक कीमत वसूली की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है