यूपी में 150 वर्ष पुराने रेलवे पुल की जगह बनेगा नया ब्रिज, कुंभ 2031 से पहले पूरा करने का लक्ष्य

यूपी में 150 वर्ष पुराने रेलवे पुल की जगह बनेगा नया ब्रिज, कुंभ 2031 से पहले पूरा करने का लक्ष्य
यूपी में 150 वर्ष पुराने रेलवे पुल की जगह बनेगा नया ब्रिज, कुंभ 2031 से पहले पूरा करने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रेलवे यात्रियों के लिए आने वाले समय में बड़ी सुविधा मिलने की तैयारी है. बढ़ते रेल यातायात और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे यमुना नदी पर एक नया रेल पुल बनाने की योजना बना रहा है. यह पुल बनने के बाद दिल्ली–हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम करने में मदद करेगा.

रेलवे अधिकारियों के अनुसार शहर में मौजूदा रेल पुल काफी पुराना हो चुका है. यह पुल करीब 150 साल पहले 1865 में बनाया गया था और आज भी उसी के जरिए ट्रेनों का संचालन हो रहा है. आने वाले वर्षों में इसके पुराने होने की वजह से रेलवे ने नए पुल की योजना पर काम शुरू कर दिया है.

प्रस्तावित पुल रामबाग इलाके के कोठा पारचा डाट पुल से शुरू होकर लाउडर रोड और इविंग क्रिश्चियन कॉलेज के पास से होते हुए नैनी के सैम हिगिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी और विज्ञान विश्वविद्यालय तक बनाया जाएगा. करीब 1546 मीटर लंबे इस पुल के बनने के बाद दिल्ली–हावड़ा रेल लाइन पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा.

यूपी में जमीन खरीद-फरोख्त के नियम होंगे सख्त, रजिस्ट्री से पहले दिखाने होंगे ये दस्तावेज यह भी पढ़ें: यूपी में जमीन खरीद-फरोख्त के नियम होंगे सख्त, रजिस्ट्री से पहले दिखाने होंगे ये दस्तावेज

आधुनिक तकनीक से तैयार होगा मजबूत पुल

नए पुल को बेहद आधुनिक तकनीक के साथ बनाया जाएगा. इसकी डिजाइन देश के सबसे ऊंचे रेलवे पुलों में से एक चेनाब रेल पुल की तर्ज पर तैयार की जा रही है. इस पुल में ‘स्फेरिकल बेयरिंग’ तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे यह काफी मजबूत और टिकाऊ बनेगा. 

यूपी के 75 जिलों के लिए सीएम योगी का आदेश, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश यह भी पढ़ें: यूपी के 75 जिलों के लिए सीएम योगी का आदेश, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश

पुल के हर खंभे पर सिस्मिक अरेस्टर लगाए जाएंगे, जो भूकंप के झटकों को कम करने में मदद करेंगे. साथ ही इसमें विशेष सिलिकॉन ग्रीस और स्लाइडिंग मैटेरियल का उपयोग किया जाएगा, जिससे करीब 30 साल तक बिना बड़ी मरम्मत के यह पुल सही रहेगा.

यूपी में ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर हाईकोर्ट सख्त, DM से मांगा जवाब यह भी पढ़ें: यूपी में ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर हाईकोर्ट सख्त, DM से मांगा जवाब

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन

यह प्रयागराज का दूसरा ऐसा पुल होगा, जिसमें एक ही गर्डर पर दो रेल लाइनें बिछाई जा सकेंगी. लेकिन शुरुआत में सिर्फ एक लाइन ही चालू की जाएगी.

रेलवे का अनुमान है कि यह नया पुल वर्ष 2050 तक ट्रेनों और यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने में सक्षम रहेगा. इसकी सुरक्षा और निगरानी के लिए पुल पर तीन निरीक्षण पाथ भी बनाए जाएंगे, जिससे इसकी जांच हमेशा की जा सके.

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस पुल को करीब 100 साल तक उपयोग में रहने को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है. यही वजह है कि इसके निर्माण में आधुनिक तकनीक और मजबूत ढांचे पर खास ध्यान दिया जा रहा है.

रेलवे इस परियोजना को तेजी से पूरा करना इसलिए भी चाहता है क्योंकि कि कुंभ 2031 से पहले यह पुल तैयार हो सके, आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और ट्रेनों को आसानी से संचालित किया जा सके. मेले के दौरान प्रयागराज में देशभर से भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं, जिससे रेलवे पर काफी दबाव बढ़ जाता है.

On

About The Author

Shobhit Pandey Picture

शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।