यूपी में होमगार्ड विभाग को सरकार के तरफ से तोहफा, 27 पीसीएस अधिकारी बनेंगे जिलाधिकारी
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पीसीएस से आईएएस तक का सफर
यह बैठक पीसीएस अधिकारियों को आईएएस संवर्ग में प्रमोशन देने के लिए एक अहम कदम है. विभागीय प्रोन्नति कमेटी ;डीपीसी की बैठक का उद्देश्य पीसीएस अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड का मूल्यांकन करना और यह तय करना था कि कौन से अधिकारी आईएएस संवर्ग में पदोन्नत किए जा सकते हैं. आईएएस में प्रमोशन की प्रक्रिया में अधिकारियों की कार्यकुशलता उनके प्रदर्शन उनकी वरिष्ठता और अन्य प्रशासनिक गुणों का गहन विश्लेषण किया जाता है. प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक से अधिक खुशखबरियां आईं हैं. यूपी के 27 पीसीएस अफसर आईएएस बनने जा रहे हैं. इधर होमगार्ड विभाग को केंद्र से 236 करोड़ प्राप्त हुए हैं. यूपी के वर्ष 2008 व 2010 बैच के पीसीएस अधिकारियों को आईएएस संवर्ग में प्रमोशन देने के लिए दिल्ली में विभागीय प्रोन्नति कमेटी (डीपीसी) की बैठक हुई.
केंद्र सरकार का बड़ा कदम
केंद्र सरकार ने प्रदेश के होमगार्ड विभाग को एक बड़ी सौगात दी है. केंद्र ने प्रदेश सरकार को होमगार्ड विभाग के सशक्तिकरण के लिए 236 करोड़ रुपये की राशि जारी की है. यह कदम प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है. इस वित्तीय सहायता का इस्तेमाल प्रदेश के होमगार्ड विभाग के बुनियादी ढांचे को सुधारने उपकरणों की खरीद और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर किया जाएगा. जिससे विभाग की कार्यक्षमता में सुधार आएगा और सुरक्षा व्यवस्था में एक नई ऊर्जा का संचार होगा. केंद्र सरकार ने होमगार्ड विभाग को 236.31 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है. होमगार्ड स्वयंसेवकों के ड्यूटी भत्ता, प्रशिक्षण, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन, वर्दी इत्यादि पर कुल व्यय का 25 फीसदी तथा लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों के दौरान होमगार्ड स्वयंसेवकों का ड्यूटी भत्ता, पेट्रोल, यात्रा व्यय आदि पर हुए व्यय की 50 फीसदी की प्रतिपूर्ति की यह राशि दस वर्ष (2011 से 2021) से लंबित थी. डीजी होमगार्ड बीके मौर्या ने बताया कि विभाग द्वारा प्रतिपूर्ति के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे.