UP में UPSC रैंक पर फर्जी दावा! दो दिन पहले हुआ सम्मान, अब सामने आई सच्चाई

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UP में UPSC रैंक पर फर्जी दावा! दो दिन पहले हुआ सम्मान, अब सामने आई सच्चाई
UP में UPSC रैंक पर फर्जी दावा! दो दिन पहले हुआ सम्मान, अब सामने आई सच्चाई

UPSC-2025 का रिजल्ट आए हुए 5 दिन से ज्यादा हो गया है लेकिन अब बिहार के बाद यूपी के बुलंदशहर में हाल ही में जिस छात्रा को UPSC-2025 में 113वीं रैंक हासिल करने का दावा करते हुए सम्मानित किया गया था, अब वही मामला विवादों में घिर गया है. जांच में सामने आया है कि बुलंदशहर की जिस शिखा गौतम को सफल अभ्यर्थी बताया जा रहा था, वह असल में उस रोल नंबर की उम्मीदवार नहीं थीं.

दरअसल सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम सामने आने के बाद बुलंदशहर की शिखा गौतम ने दावा किया था कि उन्होंने 113वीं रैंक हासिल की है. इस खबर के बाद स्थानीय स्तर पर उनका स्वागत भी किया गया और उन्हें बधाइयाँ दी जाने लगीं. लेकिन कुछ ही समय बाद उसी रोल नंबर को लेकर दूसरी उम्मीदवार ने आपत्ति दर्ज कराई.

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 हरियाणा के रोहतक में तैनात बीडीपीओ शिखा ने कहा कि जिस रोल नंबर पर बुलंदशहर की शिखा सफलता का दावा कर रही हैं, वह दरअसल उनका है. इस पर मामला सीधे यूपीएससी तक पहुंचा. उन्होंने आयोग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की.

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आयोग के स्तर पर जब रिकॉर्ड की जांच की गई तो पता चला कि असली अभ्यर्थी हरियाणा की वही शिखा हैं, जिन्होंने परीक्षा पास की है. इसके बाद बुलंदशहर की शिखा गौतम का दावा गलत पाया गया.

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 खास बात यह भी है कि बुलंदशहर में दो दिन पहले ही कथित सफलता को लेकर उनका सार्वजनिक स्वागत किया गया था. अब जब मामला सामने आया है तो लोगों में रोष है. 

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. कई लोग मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसे मामलों में पूरी जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही किसी को सफल अभ्यर्थी घोषित किया जाए, ताकि इस तरह की गलतफहमियों से बचा जा सके.

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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है