UP में सीमा से लगे गांवों में बड़ा बदलाव, मिलेंगी ये सभी नई सुविधाएं !
सीडीओ ने कहा कि यह केंद्र प्रायोजित योजना सीमावर्ती गांवों के व्यापक विकास के लिए बनाई गई है, ताकि इन क्षेत्रों से लोगों का पलायन रुके और उन्हें स्थायी रोजगार के अवसर मिलें.
योजना का लक्ष्य है –
बुनियादी ढांचे में सुधार: सड़क, ऊर्जा और टेलीकॉम कनेक्टिविटी
यह भी पढ़ें: SI भर्ती परीक्षा विवाद: लखनऊ में आत्मदाह की कोशिश, पेट्रोल पंप पर दीपक शर्मा ने खुद पर डाला डीजलआजीविका सृजन: कौशल विकास, उद्यमिता, सहकारी समितियों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा
स्थायी विकास: स्थानीय प्राकृतिक और मानवीय संसाधनों के आधार पर स्थायी इको-एग्री बिजनेस
यह भी पढ़ें: यूपी में 1 अप्रैल से अंडे पर लिखी होगी एक्सपायरी डेट, पुराना माल बेचा तो दुकानदार पर होगी कार्रवाईसामाजिक कल्याण: गांववासियों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना
पलायन रोकना: सीमावर्ती गांवों में स्थायी रहने के लिए प्रोत्साहन
पर्यटन और संस्कृति: ‘एक गांव, एक उत्पाद’ की अवधारणा के माध्यम से परंपरा और विरासत को बढ़ावा
वित्तीय समावेशन: सभी के लिए वित्तीय सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना
महिला एवं युवा सशक्तिकरण: कौशल विकास और उद्यमिता के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना
सीडीओ ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्थलीय भ्रमण कर योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करें, जिसमें विशेष ध्यान रोजगार सृजन पर दिया जाए.
कार्यक्रम के दौरान आयुष चिकित्सक डॉ. पीयूष नायक ने कार्ययोजना तैयार करने और सीमावर्ती गांवों के विकास में सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए.
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