राम मंदिर निर्माण का शंखनाद, शिव के भव्य शिवलिंग पर रुद्राभिषेक

भानु प्रताप सिंह
अयोध्या.अयोध्या में भगवान श्रीराम के जन्म भूमि विवाद के फैसले के बाद जहां राम जन्मभूमि निर्माण की प्रक्रिया में धीरे-धीरे तेजी आ रही है. समतलीकरण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है. वही मंदिर परिसर में कुबेर टीले पर स्थापित भगवान शिव के भव्य शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करके मंदिर निर्माण की शंखनाद फूंक दिया गया है. ऐसा माना जाता है कि जब भगवान श्री राम लंका विजय के लिए प्रस्थान से पहले रामेश्वरम में समुद्र तट पर लंका विजय के निमित्त रामेश्वर महादेव की स्थापना करके विधिवत पूजा की थी.
आज आषाढ़ कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कुबेर टीले पर स्थापित भगवान शिव का विद्वत रुद्राभिषेक करके श्रीराम जन्मभूमिका निर्माण प्रारंभ हो गया है इसका संकेत दे दिया. महंत कमल नयन दास ने बताया कि बहुत जल्द ट्रस्ट द्वारा मंदिर के शिलान्यास की तिथि की घोषणा की जाएगी. जिसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी को निमंत्रण भेज दिया गया है और उनका अयोध्या आना लगभग तय हो गया है.
लगभग 28 वर्षों के बाद पहली बार कुबेर टीले पर स्थापित भगवान शिव का श्रीराम जन्मभूमि कार रामलला के पक्ष में फैसला आने के बाद विधिवत पूजन अर्चन किया गया. यह शिवलिंग 67.77 एकड़ के परिसर में स्थापित है. अयोध्या वशिष्ट कुंड के निवासी धनपत यादव पहलवान ने कुस्ती जीतकर के भगवान शिव का भव्य शिवलिंग कुबेर टीले पर स्थापित और राम जन्मभूमि विवाद के पहले तक महाशिवरात्रि को भगवान शिव की भव्य बारात भी निकाली जाती थी. लेकिन राम जन्मभूमि विवाद तूल पकड़ने और केंद्र सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण के बाद कुबेर टीले पर स्थापित भगवान शिव का पूजन अर्चन बंद हो गया था.
आज से भगवान शिव का विधिवत पूजन अर्चन प्रारंभ हो गया है. जिसका शुभारंभ भगवान शिव के रुद्राभिषेक के साथ हुआ. भगवान शिव के विद्युत पूजन अर्चन से यह साफ संकेत मिलता है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की प्रतीक्षा समाप्त हुई और मंदिर का निर्माण विधिवत रूप से प्रारंभ हो गया है. श्री राम जन्मभूमि फैसले और सरकार द्वारा ट्रस्ट गठन के बाद से ही परिसर में मंदिर निर्माण का कार्य प्रारंभ हो गया है. 3 एकड़ में समतलीकरण का कार्य लगभग पूरा हो गया है. जहां मंदिर निर्माण होना है वहां के मिट्टी परीक्षण का कार्य भी प्रारंभ हो गया है जिससे कि यह पता लगाया जा सके कि इस पर कौन से पत्थर का मंदिर कितने दिन तक स्थापित रहेगा.इस अवसर पर संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास भी उपस्थित रहे.
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