यूपी के इस जिले में प्रशासन का दिखा तांडव, अवैध निर्माणों को किया गया तत्काल ध्वस्त
बुलडोजर कार्रवाई अभियान प्रारंभ
यूपी के रामपुर जिले में स्टेट हाईवे निर्माण के दौरान 21 दुकान और मकान भी अतिक्रमण के घेरे में आ चुके हैं अधिकारियों का साफ तौर से कहना है कि इमारते पीडब्ल्यूडी और तालाब की जगह में निर्मित पाया गया है. अभी शुक्रवार के दिन एसडीम सहित अमला मौके पर पहुंच गया और दो दिन के भीतर इमारत खाली करने का अल्टीमेट जारी किया गया. इसी दौरान इमारत पटवाई में स्टेशन से लगभग लगभग 100 मीटर दूरी बनी हुई है. इसी दौरान रामपुर से बाजपुर तक स्टेट हाईवे का निर्माण होना सुनिश्चित हुआ है
इसके फलस्वरुप इस रोड की चौड़ाई लगभग लगभग 7 मीटर से बढ़कर 10 मी मापी गई है अब दुकान रोड चौड़ीकरण की घेरे में आ चुका है. पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि रोड के चारों ओर किनारे 14 दुकान अवैध रूप से कुछ लोगों के द्वारा कब्जा करके निर्माण करवाया गया है इसको तोड़ने के लिए निशानदेही भी करवा दिया गया है. इस दौरान इसके पीछे तालाब की जगह में आठ मकान बनाए जाने का सख्त आरोप लगाया गया है.
अवैध निर्माण को किया गया ध्वस्त
इस जागरूकता अभियान के तहत इस पर हल्का लेखपाल टीम द्वारा चिन्नांकन कार्रवाई की थी. लेकिन इसके बावजूद भी कुछ लोगों ने अपनी आदतों से बाज नहीं आये इन्होंने कब्जे को नहीं छोड़ा. इसी बीच शुक्रवार के दिन एसडीएम टीम के साथ पहुंचे और जगह खाली करने को रविवार तक समय सीमा निर्धारित किया गया. इस मामले को लेकर अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष आदेश शंखधार ने कहा है कि इस कब्जे की शिकायत की थी उन्होंने आगे बताया है कि तहसीलदार कोर्ट से धारा 67 के तहत बेदखली का आदेश हो चुका है.
लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने अवैध कब्जा नहीं हटवाया था इसकी शिकायत के बाद जिला प्रशासन अपनी हरकत में आ गया और तालाब की जगह में बने मकान पर भी कार्रवाई करना आरंभ कर दिया. आगे बताया गया है कि तालाब की जगह में आठ मकान के अलावा एक और भवन है जिसमें मदरसा संचालित करवाया जा रहा है. एसडीएम ने सभी दुकानों और मकान तथा मदरसा वाले जगह को दिन रविवार तक समय सीमा निर्धारित किया है.
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शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।