भारत पाकिस्तान में तनाव के बीच कानपुर के 47 जगहों पर सुरक्षा सख्त, सेना-CISF तैनात

भारत पाकिस्तान में तनाव के बीच कानपुर के 47 जगहों पर सुरक्षा सख्त, सेना-CISF तैनात
भारत पाकिस्तान में तनाव के बीच कानपुर के 47 जगहों पर सुरक्षा सख्त, सेना-CISF तैनात

उत्तर प्रदेश (कानपुर): भारत-पाकिस्तान के मध्य बढ़ते तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया गया है. खुफिया इनपुट्स और सोशल मीडिया पर फैलती अफवाहों को ध्यान में रखते हुए पुलिस, अर्धसैनिक बल और सेना की ओर से शहर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. कमिश्नरेट पुलिस ने सुरक्षा की नई योजना तैयार कर लिया है, जिसमें संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक रूप से बढ़ाया गया है.

एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि शहर के भीतर 47 अहम स्थानों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सशक्त किया जाए. इनमें 12 विशेष प्रतिष्ठानों की निगरानी प्रणाली को उन्नत किया गया है, जबकि 35 अन्य संस्थानों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. इस व्यवस्था के अंतर्गत पूरे शहर को चार अलग-अलग ज़ोन में विभाजित करते हुए प्रत्येक ज़ोन की जिम्मेदारी संबंधित डीसीपी को सौंपी गई है. इसके अतिरिक्त एलआईयू के एडीसीपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने मीडिया को जानकारी दी है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं. फर्जी वीडियो, अफवाह फैलाने वाले मैसेज और भड़काऊ पोस्ट तेजी से वायरल किए जा रहे हैं. इस चुनौती से निपटने के लिए एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पांडे को साइबर निगरानी का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. वे साइबर सेल के सहयोग से सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर 24 घंटे नजर रखेंगे. एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर ने कहा कि “ब्लैक आउट” और अन्य संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जा रही है. पहले जो भी तकनीकी या रणनीतिक खामियां सामने आई थीं, उन्हें दूर करते हुए सुरक्षा की रूपरेखा को और भी मजबूत किया जा रहा है.

सुरक्षा व्यवस्था के तहत पीआरवी यूनिट, डायल-112 सेवा और चीता मोबाइल दस्तों को भी पूरी तरह अलर्ट मोड में रखा गया है. शहरभर में पेट्रोलिंग टीमों की तैनाती बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके. पेट्रोल पंप, होटल, लॉज और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. सभी होटलों और रेस्टोरेंट संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को ठहरने की अनुमति न दी जाए. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी के सहयोग से रेलवे स्टेशन, रेलवे पुलों और ट्रैकों की निगरानी भी तेज कर दी गई है. विशेष तौर पर गंगा नदी पर बने रेलवे ब्रिज, पावर प्लांट और मोबाइल टावर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ाई गई है. खुफिया एजेंसियों:- आईबी, एटीएस, एसटीएफ और मिलिट्री इंटेलिजेंस से लगातार तालमेल बनाकर जानकारी साझा की जा रही है.

Uttar Pradesh Panchayat Chunav: 26 मई को खत्म होगा प्रधानों का कार्यकाल, आगे कोर्ट करेगा फैसला यह भी पढ़ें: Uttar Pradesh Panchayat Chunav: 26 मई को खत्म होगा प्रधानों का कार्यकाल, आगे कोर्ट करेगा फैसला

इसके अलावा, बाहरी राज्यों से शहर में आकर रह रहे लोगों की गतिविधियों पर भी पुलिस की कड़ी निगरानी है. किराए के मकानों, हॉस्टलों और पीजी में रह रहे बाहरी नागरिकों की पहचान पत्रों की जांच की जा रही है. शहर में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग कर वाहन चेकिंग की जा रही है ताकि कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु शहर में प्रवेश न कर सके. जुमे की नमाज को लेकर भी पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं. सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाकों में पेट्रोलिंग तेज करने और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी रखने के लिए कहा गया है. क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया दल) और पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र बल) को भी रिजर्व में रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत तैनाती की जा सके. शहर के सभी धार्मिक स्थलों की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी के माध्यम से निरंतर नजर रखी जा रही है. धार्मिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी समुदायों से सहयोग की अपील की गई है. सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक और भड़काऊ कंटेंट पर कड़ी निगरानी रखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है. 

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
09 May 2025 By Shobhit Pandey

भारत पाकिस्तान में तनाव के बीच कानपुर के 47 जगहों पर सुरक्षा सख्त, सेना-CISF तैनात

उत्तर प्रदेश (कानपुर): भारत-पाकिस्तान के मध्य बढ़ते तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया गया है. खुफिया इनपुट्स और सोशल मीडिया पर फैलती अफवाहों को ध्यान में रखते हुए पुलिस, अर्धसैनिक बल और सेना की ओर से शहर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. कमिश्नरेट पुलिस ने सुरक्षा की नई योजना तैयार कर लिया है, जिसमें संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक रूप से बढ़ाया गया है.

एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि शहर के भीतर 47 अहम स्थानों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सशक्त किया जाए. इनमें 12 विशेष प्रतिष्ठानों की निगरानी प्रणाली को उन्नत किया गया है, जबकि 35 अन्य संस्थानों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. इस व्यवस्था के अंतर्गत पूरे शहर को चार अलग-अलग ज़ोन में विभाजित करते हुए प्रत्येक ज़ोन की जिम्मेदारी संबंधित डीसीपी को सौंपी गई है. इसके अतिरिक्त एलआईयू के एडीसीपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने मीडिया को जानकारी दी है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं. फर्जी वीडियो, अफवाह फैलाने वाले मैसेज और भड़काऊ पोस्ट तेजी से वायरल किए जा रहे हैं. इस चुनौती से निपटने के लिए एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पांडे को साइबर निगरानी का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. वे साइबर सेल के सहयोग से सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर 24 घंटे नजर रखेंगे. एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर ने कहा कि “ब्लैक आउट” और अन्य संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जा रही है. पहले जो भी तकनीकी या रणनीतिक खामियां सामने आई थीं, उन्हें दूर करते हुए सुरक्षा की रूपरेखा को और भी मजबूत किया जा रहा है.

सुरक्षा व्यवस्था के तहत पीआरवी यूनिट, डायल-112 सेवा और चीता मोबाइल दस्तों को भी पूरी तरह अलर्ट मोड में रखा गया है. शहरभर में पेट्रोलिंग टीमों की तैनाती बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके. पेट्रोल पंप, होटल, लॉज और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. सभी होटलों और रेस्टोरेंट संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को ठहरने की अनुमति न दी जाए. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी के सहयोग से रेलवे स्टेशन, रेलवे पुलों और ट्रैकों की निगरानी भी तेज कर दी गई है. विशेष तौर पर गंगा नदी पर बने रेलवे ब्रिज, पावर प्लांट और मोबाइल टावर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ाई गई है. खुफिया एजेंसियों:- आईबी, एटीएस, एसटीएफ और मिलिट्री इंटेलिजेंस से लगातार तालमेल बनाकर जानकारी साझा की जा रही है.

इसके अलावा, बाहरी राज्यों से शहर में आकर रह रहे लोगों की गतिविधियों पर भी पुलिस की कड़ी निगरानी है. किराए के मकानों, हॉस्टलों और पीजी में रह रहे बाहरी नागरिकों की पहचान पत्रों की जांच की जा रही है. शहर में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग कर वाहन चेकिंग की जा रही है ताकि कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु शहर में प्रवेश न कर सके. जुमे की नमाज को लेकर भी पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं. सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाकों में पेट्रोलिंग तेज करने और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी रखने के लिए कहा गया है. क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया दल) और पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र बल) को भी रिजर्व में रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत तैनाती की जा सके. शहर के सभी धार्मिक स्थलों की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी के माध्यम से निरंतर नजर रखी जा रही है. धार्मिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी समुदायों से सहयोग की अपील की गई है. सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक और भड़काऊ कंटेंट पर कड़ी निगरानी रखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है. 

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।