लद्दाख सीमा पर हिंसा के लिए चीन की कार्रवाई जिम्मेदार: एस जयशंकर
नई दिल्ली. गलवान घाटी में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीनी समकक्ष वांग यी से बात की. विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री को बताया कि चीनी पक्ष ने जो पहले कार्रवाई की जो हिंसा और हताहतों के लिए जिम्मेदार है.
एस जयशंकर ने स्पष्ट किया कि इसका द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा. चीनी पक्ष को अपने कार्यों के बारे में आश्वस्त करने और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए समय की आवश्यकता है.
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MEA के अनुसार विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, ‘वरिष्ठ कमांडरों द्वारा 6 जून को हुए समझौते को ईमानदारी से लागू करना चाहिए. दोनों पक्षों के सैनिकों को भी द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए.उन्हें LAC का कड़ाई से सम्मान करना चाहिए और उसका पालन करना चाहिए और इसे बदलने के लिए एकतरफा कार्रवाई नहीं करनी चाहिए.’
विदेश मंत्रालय के अनुसार ‘अंत में यह सहमति व्यक्त की गई कि समग्र स्थिति को जिम्मेदार तरीके से संभाला जाएगा और दोनों पक्ष 6 जून की डिएस्केलेशन समझौते को ईमानदारी से लागू करेंगे. दोनों पक्ष द्विपक्षीय समझौते और प्रोटोकॉल के अनुसार मामलों को आगे बढ़ाने और शांति सुनिश्चित करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं करेंगे.’
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लद्दाख सीमा पर हिंसा के लिए चीन की कार्रवाई जिम्मेदार: एस जयशंकर
नई दिल्ली. गलवान घाटी में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीनी समकक्ष वांग यी से बात की. विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री को बताया कि चीनी पक्ष ने जो पहले कार्रवाई की जो हिंसा और हताहतों के लिए जिम्मेदार है.
एस जयशंकर ने स्पष्ट किया कि इसका द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा. चीनी पक्ष को अपने कार्यों के बारे में आश्वस्त करने और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए समय की आवश्यकता है.
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MEA के अनुसार विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, ‘वरिष्ठ कमांडरों द्वारा 6 जून को हुए समझौते को ईमानदारी से लागू करना चाहिए. दोनों पक्षों के सैनिकों को भी द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए.उन्हें LAC का कड़ाई से सम्मान करना चाहिए और उसका पालन करना चाहिए और इसे बदलने के लिए एकतरफा कार्रवाई नहीं करनी चाहिए.’
विदेश मंत्रालय के अनुसार ‘अंत में यह सहमति व्यक्त की गई कि समग्र स्थिति को जिम्मेदार तरीके से संभाला जाएगा और दोनों पक्ष 6 जून की डिएस्केलेशन समझौते को ईमानदारी से लागू करेंगे. दोनों पक्ष द्विपक्षीय समझौते और प्रोटोकॉल के अनुसार मामलों को आगे बढ़ाने और शांति सुनिश्चित करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं करेंगे.’
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