7 दिन से गिरते जा रहे Adani Ports के शेयर! क्या मिडिल ईस्ट की जंग बना रही है करोड़ों के नुकसान की वजह?
अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APEZ) के शेयरों में आज फिर गिरावट देखने को मिली। कंपनी के शेयर 2% टूटकर 1343.15 रुपये पर बंद हुए। यह लगातार सातवां दिन है जब APEZ के शेयर नीचे आए हैं। इससे एक दिन पहले, यानी 18 जून को भी शेयर दिनभर में करीब 2% गिरकर 1369 रुपये तक पहुंच गए थे।
लगातार सात दिनों से गिर रहे हैं अडानी पोर्ट्स के शेयर
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अडानी पोर्ट्स के शेयरों पर साफ नजर आ रहा है। गुरुवार को जंग का सातवां दिन है और अडानी पोर्ट्स के शेयर लगातार सात दिनों से गिरते जा रहे हैं। दरअसल, निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अडानी का इजरायल में मौजूद हाइफा पोर्ट कितना सुरक्षित रहेगा। जंग की शुरुआत के बाद से दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन से लगातार हमले कर रहे हैं। अब तक ईरान ने इजरायल पर 400 से ज्यादा मिसाइलें और सैकड़ों ड्रोन दागे हैं।
ईरान के हमलों से बढ़ी चिंता
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि ईरान के हमलों में अब तक 24 इजरायली नागरिकों की मौत हो चुकी है और 800 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालात इतने खराब हैं कि 3,800 से ज्यादा लोगों को संवेदनशील इलाकों से हटाया जा चुका है। कुछ दिन पहले ईरान ने इजरायल के हाइफा पोर्ट और उसके पास की एक रिफाइनरी को भी निशाना बनाया था। ऐसे में सवाल उठता है कि इस पूरे विवाद का असर अडानी पोर्ट्स पर क्यों पड़ रहा है?
क्यों टूट रहे हैं अडानी पोर्ट्स के शेयर?
अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APEZ) ने जनवरी 2023 में इजरायल की कंपनी गैडोट ग्रुप के साथ मिलकर करीब 1.18 अरब डॉलर में हाइफा पोर्ट की 70% हिस्सेदारी खरीदी थी। यह पोर्ट इजरायल के सबसे अहम बंदरगाहों में से एक है। अब जब वहां जंग चल रही है और यह इलाका खतरे में है, तो निवेशकों को नुकसान की चिंता सता रही है, जिसकी वजह से शेयरों में लगातार गिरावट आ रही है।
अब निवेशकों को इस बात की चिंता सता रही है कि अगर ईरान हाइफा पोर्ट पर हमला करता है, तो वहां का कामकाज ठप हो सकता है। इससे व्यापार रुक सकता है और करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। हालांकि, अडानी ग्रुप के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) ने साफ तौर पर कहा है कि हाइफा पोर्ट पर चल रहे विवाद का कोई असर नहीं पड़ा है और पोर्ट पूरी तरह से सामान्य तरीके से काम कर रहा है।
इधर निवेशकों के बीच इतना डर फैल गया है कि सिर्फ पिछले पांच दिनों में ही अडानी पोर्ट्स के शेयरों में 6% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। हालांकि, अगर बीते छह महीनों की बात करें तो कंपनी के शेयरों में 13% से ज्यादा की बढ़त भी देखने को मिली है। वहीं, पिछले एक साल में इसके शेयर करीब 5% तक गिर चुके हैं। यानी अडानी पोर्ट्स के शेयरों में कभी तेजी तो कभी गिरावट का सिलसिला लगातार बना हुआ है।
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हर्ष शर्मा उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक युवा डिजिटल पत्रकार हैं। उन्होंने Inkhabar, Expose India और Times Bull जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट राइटिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में काम किया है। SEO फ्रेंडली लेखन और डिजिटल न्यूज प्रोडक्शन में अनुभव रखते हैं। वर्तमान में भारतीय बस्ती में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।