स्टेशन से ट्रेन छूटने के 10 मिनट में नहीं पहुंचे अपने सीट पे तो कैन्सल हो जाएगा आपका टिकट !

स्टेशन से ट्रेन छूटने के 10 मिनट में नहीं पहुंचे अपने सीट पे तो कैन्सल हो जाएगा आपका टिकट !
Indian Railway

इंडियन रेल्वे से रोजाना लाखों लोग सफर करते है ऐसे मे अगर कोई भी बदलाव होता है तो लाखों लोग इससे प्रभावित होंगे कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बताया गया की जिस स्टेशन से आपका टिकट है अगर आप वहा से बोर्ड नहीं करते है तो आपका टिकट कैन्सल हो जाएगा

कई बार लोग किसी दूसरे स्टेशन से टिकट कर के दूसरे स्टेशन से बोर्डिंग करते है ऐसे लोगों के लिए ये जरूरी है जानना की ये खबर सही है या नहीं आपको बता दे रेल्वे ने इसपर साफ साफ कहा है ऐसा कुछ भी नहीं है पहले के तरह ही सारे रूल है किसी भी तरह का कोई भी बदलाव नहीं किया गया है 

मीडिया रिपोर्ट मे बताया गया था की जिस स्टेशन से आपका टिकट है अगर आप वहा से बोर्ड नहीं करते तो दस मीनट के बाद आपका टिकट कैन्सल हो जाएगा जिसपे रेल्वे ने जवाब दे दिया है 

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
05 Jul 2024 By Vagarth Sankrityaayan

स्टेशन से ट्रेन छूटने के 10 मिनट में नहीं पहुंचे अपने सीट पे तो कैन्सल हो जाएगा आपका टिकट !

इंडियन रेल्वे से रोजाना लाखों लोग सफर करते है ऐसे मे अगर कोई भी बदलाव होता है तो लाखों लोग इससे प्रभावित होंगे कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बताया गया की जिस स्टेशन से आपका टिकट है अगर आप वहा से बोर्ड नहीं करते है तो आपका टिकट कैन्सल हो जाएगा

कई बार लोग किसी दूसरे स्टेशन से टिकट कर के दूसरे स्टेशन से बोर्डिंग करते है ऐसे लोगों के लिए ये जरूरी है जानना की ये खबर सही है या नहीं आपको बता दे रेल्वे ने इसपर साफ साफ कहा है ऐसा कुछ भी नहीं है पहले के तरह ही सारे रूल है किसी भी तरह का कोई भी बदलाव नहीं किया गया है 

मीडिया रिपोर्ट मे बताया गया था की जिस स्टेशन से आपका टिकट है अगर आप वहा से बोर्ड नहीं करते तो दस मीनट के बाद आपका टिकट कैन्सल हो जाएगा जिसपे रेल्वे ने जवाब दे दिया है 

https://bhartiyabasti.com/india-news/if-you-do-not-find-yourself-at-your-seat-after-the-train-leaves-the-station/article-14345
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वागार्थ सांकृत्यायन
संपादक, भारतीय बस्ती

वागार्थ सांकृत्यायन एक प्रतिबद्ध और जमीनी सरोकारों से जुड़े पत्रकार हैं, जो पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। भारतीय बस्ती के संपादक के रूप में वे खबरों को सिर्फ़ घटनाओं की सूचना तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उनके सामाजिक और मानवीय पक्ष को भी उजागर करते हैं।

उन्होंने भारतीय बस्ती को एक मिशन के रूप में विकसित किया है—जिसका उद्देश्य है गांव, कस्बे और छोटे शहरों की अनसुनी आवाज़ों को मुख्यधारा की मीडिया तक पहुंचाना। उत्तर प्रदेश की राजनीति, समाज और संस्कृति पर उनकी विशेष पकड़ है, जो खबरों को गहराई और विश्वसनीयता प्रदान करती है