Jammu Kashmir Assembly Elections 2024: जम्मू कश्मीर में EC रचेगा इतिहास, 16 साल में पहली बार होगा ये काम
Jammu Kashmir Assembly Elections 2024 dates
Jammu Kashmir Elections 2024: भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा की. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने विज्ञान भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन राज्यों के लिए चुनाव की तारीखों की जानकारी दी. 16 साल में ऐसा पहली बार होगा जब चुनाव सिर्फ 3 चरणों में होगा. इससे पहले साल 2008 के चुनाव में 2 चरणों में प्रक्रिया खत्म हुई थी. वहीं इस बार 3 चरणों में चुनाव होंगे.
जम्मू-कश्मीर में 18 सितंबर से 1 अक्टूबर तक तीन चरणों में चुनाव होंगे, जबकि हरियाणा में 1 अक्टूबर को एक चरण में मतदान होगा. जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव होंगे. पहला चरण 18 सितंबर, दूसरा चरण 25 सितंबर और तीसरा चरण 1 अक्टूबर को होगा. नतीजे 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे.
जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रक्रिया पर कड़ी नजर रहने की उम्मीद है, क्योंकि राज्य में 2018 से निर्वाचित सरकार नहीं है. जम्मू-कश्मीर में दस साल के अंतराल के बाद चुनाव होंगे.आखिरी विधानसभा चुनाव 2014 में हुए थे.
मतदान कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर चरण 1 (24 विधानसभा क्षेत्र)

Jammu Kashmir Assembly Elections: इस बार कौन मारेगा बाजी?
पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार जून 2018 में गिर गई थी जब बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से समर्थन वापस ले लिया गया था. अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद यह पहला चुनाव भी होगा. कुल 90 विधानसभा सीटों में से 24 पर पहले चरण में, 26 पर दूसरे चरण में और 40 पर तीसरे चरण में मतदान होगा.
हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर में चुनाव तैयारियों की समीक्षा की थी. यात्रा के दौरान जम्मू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुमार ने इस बात पर जोर दिया था कि आयोग वहां "जल्द से जल्द" चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है. पिछले साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 30 सितंबर तक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था.
Jammu Kashmir Assembly Elections 2024: जम्मू कश्मीर में EC रचेगा इतिहास, 16 साल में पहली बार होगा ये काम
Jammu Kashmir Assembly Elections 2024 dates
Jammu Kashmir Elections 2024: भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा की. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने विज्ञान भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन राज्यों के लिए चुनाव की तारीखों की जानकारी दी. 16 साल में ऐसा पहली बार होगा जब चुनाव सिर्फ 3 चरणों में होगा. इससे पहले साल 2008 के चुनाव में 2 चरणों में प्रक्रिया खत्म हुई थी. वहीं इस बार 3 चरणों में चुनाव होंगे.
जम्मू-कश्मीर में 18 सितंबर से 1 अक्टूबर तक तीन चरणों में चुनाव होंगे, जबकि हरियाणा में 1 अक्टूबर को एक चरण में मतदान होगा. जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव होंगे. पहला चरण 18 सितंबर, दूसरा चरण 25 सितंबर और तीसरा चरण 1 अक्टूबर को होगा. नतीजे 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे.
जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रक्रिया पर कड़ी नजर रहने की उम्मीद है, क्योंकि राज्य में 2018 से निर्वाचित सरकार नहीं है. जम्मू-कश्मीर में दस साल के अंतराल के बाद चुनाव होंगे.आखिरी विधानसभा चुनाव 2014 में हुए थे.
मतदान कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर चरण 1 (24 विधानसभा क्षेत्र)

Jammu Kashmir Assembly Elections: इस बार कौन मारेगा बाजी?
पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार जून 2018 में गिर गई थी जब बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से समर्थन वापस ले लिया गया था. अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद यह पहला चुनाव भी होगा. कुल 90 विधानसभा सीटों में से 24 पर पहले चरण में, 26 पर दूसरे चरण में और 40 पर तीसरे चरण में मतदान होगा.
हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर में चुनाव तैयारियों की समीक्षा की थी. यात्रा के दौरान जम्मू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुमार ने इस बात पर जोर दिया था कि आयोग वहां "जल्द से जल्द" चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है. पिछले साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 30 सितंबर तक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था.
ताजा खबरें
About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है