बस्ती में वोटर लिस्ट विवाद, सफाई कर्मचारियों ने डीएम से की फिरोज अहमद पर दर्ज केस हटाने की मांग
सोमवार को उ.प्र. पंचायतीराज ग्रामीण कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष अजय कुमार आर्य के नेतृत्व में सफाई कर्मियों ने जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा. मांग किया कि 589 मतदाताओं के डुपलीकेट मतदाता सूची से 123 मतदाताओं का नाम विलोपित होने के मामले में रूधौली विकास खण्ड के ग्राम पंचायत बरगदवा में तैनात सफाई कर्मचारी फिरोज अहमद पर रूधौली थाने में दर्ज मुकदमें को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाय.
डीएम को सम्बोधित पत्र में कहा गया है कि जांच के अनुसार, डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची की फीडिंग 28 मई 2026 को हुई थी. पोर्टल का ओटीपी उप जिलाधिकारी के मोबाइल नंबर पर आया, जिसे राजस्व निरीक्षक रितेश नयन को दिया गया और आगे यह ओटीपी फिरोज अहमद (ब्लाक रुधौली) व एडीओ पंचायत सुभाषचन्द्र (सांऊघाट) को हस्तांतरित किया गया. जांच टीम ने अपनी आख्या में कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत रूप से ओटीपी प्राप्त कर मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए, जो गंभीर प्रवृत्ति का मामला है, और यह भी सिफारिश किया कि किस कम्प्यूटर आईपी से फीडिंग हुई, इसकी पुलिस जांच जरूरी है.
ज्ञापन देने के बाद सफाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष अजय कुमार आर्य ने कहा कि 29 जून की जांच आख्या में कहीं भी फिरोज अहमद का नाम उल्लिखित नहीं था, बावजूद इसके एसडीएम द्वारा उन्हें एफआईआर में शामिल कर दिया गया. कहा कि मतदाता सूची की फीडिंग की जिम्मेदारी राजस्व निरीक्षक की थी, जिन्हें कम्प्यूटर ऑपरेटर के साथ बैठकर स्वयं ओटीपी डालकर फीडिंग करानी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ओटीपी अन्य लोगों को वितरित कर दिया. ज्ञापन की प्रति डीएम के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उपनिदेशक पंचायत बस्ती मण्डल, जिला पंचायत राज अधिकारी और थानाध्यक्ष रुधौली को भी भेजा गया है.
ज्ञापन सौंपने वालों में सफाई कर्मचारी संघ के मण्डलीय मंत्री रूद्रनरायन फर्फ रूदल, मंत्री मंशाराम, संगठन मंत्री अमित चक्रवर्ती, अशोक कुमार चौहान, रूधौली ब्लाक अध्यक्ष संजय कुमार यादव, हृदयलाल, अरूण कुमार आदि शामिल रहे.
बस्ती में वोटर लिस्ट विवाद, सफाई कर्मचारियों ने डीएम से की फिरोज अहमद पर दर्ज केस हटाने की मांग
सोमवार को उ.प्र. पंचायतीराज ग्रामीण कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष अजय कुमार आर्य के नेतृत्व में सफाई कर्मियों ने जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा. मांग किया कि 589 मतदाताओं के डुपलीकेट मतदाता सूची से 123 मतदाताओं का नाम विलोपित होने के मामले में रूधौली विकास खण्ड के ग्राम पंचायत बरगदवा में तैनात सफाई कर्मचारी फिरोज अहमद पर रूधौली थाने में दर्ज मुकदमें को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाय.
डीएम को सम्बोधित पत्र में कहा गया है कि जांच के अनुसार, डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची की फीडिंग 28 मई 2026 को हुई थी. पोर्टल का ओटीपी उप जिलाधिकारी के मोबाइल नंबर पर आया, जिसे राजस्व निरीक्षक रितेश नयन को दिया गया और आगे यह ओटीपी फिरोज अहमद (ब्लाक रुधौली) व एडीओ पंचायत सुभाषचन्द्र (सांऊघाट) को हस्तांतरित किया गया. जांच टीम ने अपनी आख्या में कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत रूप से ओटीपी प्राप्त कर मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए, जो गंभीर प्रवृत्ति का मामला है, और यह भी सिफारिश किया कि किस कम्प्यूटर आईपी से फीडिंग हुई, इसकी पुलिस जांच जरूरी है.
ज्ञापन देने के बाद सफाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष अजय कुमार आर्य ने कहा कि 29 जून की जांच आख्या में कहीं भी फिरोज अहमद का नाम उल्लिखित नहीं था, बावजूद इसके एसडीएम द्वारा उन्हें एफआईआर में शामिल कर दिया गया. कहा कि मतदाता सूची की फीडिंग की जिम्मेदारी राजस्व निरीक्षक की थी, जिन्हें कम्प्यूटर ऑपरेटर के साथ बैठकर स्वयं ओटीपी डालकर फीडिंग करानी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ओटीपी अन्य लोगों को वितरित कर दिया. ज्ञापन की प्रति डीएम के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उपनिदेशक पंचायत बस्ती मण्डल, जिला पंचायत राज अधिकारी और थानाध्यक्ष रुधौली को भी भेजा गया है.
ज्ञापन सौंपने वालों में सफाई कर्मचारी संघ के मण्डलीय मंत्री रूद्रनरायन फर्फ रूदल, मंत्री मंशाराम, संगठन मंत्री अमित चक्रवर्ती, अशोक कुमार चौहान, रूधौली ब्लाक अध्यक्ष संजय कुमार यादव, हृदयलाल, अरूण कुमार आदि शामिल रहे.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है