श्रमिक एक्सप्रेस के शौचालय में मिला बस्ती लौट रहे प्रवासी मजदूर का शव
झांसी / बस्ती. उत्तर प्रदेश स्थित झांसी में श्रमिक एक्सप्रेस (एसबी 068236) ट्रेन के शौचालय में जिस मजदूर की लाश मिली थी वह राज्य के ही बस्ती जिले का निवासी था. मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम को इस बात खुलासा हुआ कि बोगी के शौचालय में एक शख्स की लाश मिली. शव की पहचान पूर्वी यूपी के बस्ती जिला स्थित अलुआगौर निवासी मोहन लाल शर्मा के रूप में हुई है. उनके पास से उनका आधार कार्ड मिला जिसके आधार पर शव की पहचान हुई. शर्मा ने मुंबई में एक दिहाड़ी मजदूर का काम करते थे लेकिन लॉकडाउन में वह भी घर लौट रहे थे. मान जा रहा है कि उन्हें काम नहीं मिल रहा था.
अंग्रेजी टीवी चैनल NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार शर्मा 23 मई को झाँसी पहुँचे जिसके बाद उन्हें और अन्य प्रवासियों को घरल लौटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा गोरखपुर जाने वाली ट्रेन पर चढ़ने के लिए स्टेशन भेजा गया.

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रिपोर्ट के अनुसार यह स्पष्ट नहीं है कि श्रमिक एक्सप्रेस का अंतिम गंतव्य गोरखपुर था या प्रवासियों को ले जाने के लिए ट्रेन ने बिहार में सीमा पार की. इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है.
यह भी पढ़ें: बस्ती में वोटर लिस्ट विवाद, सफाई कर्मचारियों ने डीएम से की फिरोज अहमद पर दर्ज केस हटाने की मांगहालांकि, बुधवार को उसी ट्रेन से झाँसी लौटे और, जैसे ही रेलकर्मी गुरुवार को डिब्बों की सफाई करने के लिए आगे बढ़े तभी वे शर्मा का शव देखकर वे चौंक गए. रिपोर्ट के मुताबिक शर्मा के एक रिश्तेदार कन्हैया लाल ने कहा, ‘झांसी पुलिस ने ग्राम प्रधान (प्रमुख) को फोन किया और हमें पता चला कि वह ( शर्मा) 28,000 रुपये, साबुन और कुछ किताबों के साथ मिले. वह घर आना चाहते थे क्योंकि वहां कोई काम नहीं था. हमसे कहा गया कि हम झांसी से शव लेकर जा सकते हैं.’
पुलिस ने पुष्टि की है कि शर्मा का पोस्टमार्टम किया जा रहा है और COVID-19 की रिपोर्ट आने के बाद शव सौंप दिया जाएगा.
यह भी पढ़ें: जिलाधिकारी बस्ती आशुतोष निरंजन के ट्रांसफर की उड़ी अफवाह
श्रमिक एक्सप्रेस के शौचालय में मिला बस्ती लौट रहे प्रवासी मजदूर का शव
झांसी / बस्ती. उत्तर प्रदेश स्थित झांसी में श्रमिक एक्सप्रेस (एसबी 068236) ट्रेन के शौचालय में जिस मजदूर की लाश मिली थी वह राज्य के ही बस्ती जिले का निवासी था. मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम को इस बात खुलासा हुआ कि बोगी के शौचालय में एक शख्स की लाश मिली. शव की पहचान पूर्वी यूपी के बस्ती जिला स्थित अलुआगौर निवासी मोहन लाल शर्मा के रूप में हुई है. उनके पास से उनका आधार कार्ड मिला जिसके आधार पर शव की पहचान हुई. शर्मा ने मुंबई में एक दिहाड़ी मजदूर का काम करते थे लेकिन लॉकडाउन में वह भी घर लौट रहे थे. मान जा रहा है कि उन्हें काम नहीं मिल रहा था.
अंग्रेजी टीवी चैनल NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार शर्मा 23 मई को झाँसी पहुँचे जिसके बाद उन्हें और अन्य प्रवासियों को घरल लौटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा गोरखपुर जाने वाली ट्रेन पर चढ़ने के लिए स्टेशन भेजा गया.

श्रमिक एक्सप्रेस में मिली लाश
रिपोर्ट के अनुसार यह स्पष्ट नहीं है कि श्रमिक एक्सप्रेस का अंतिम गंतव्य गोरखपुर था या प्रवासियों को ले जाने के लिए ट्रेन ने बिहार में सीमा पार की. इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है.
हालांकि, बुधवार को उसी ट्रेन से झाँसी लौटे और, जैसे ही रेलकर्मी गुरुवार को डिब्बों की सफाई करने के लिए आगे बढ़े तभी वे शर्मा का शव देखकर वे चौंक गए. रिपोर्ट के मुताबिक शर्मा के एक रिश्तेदार कन्हैया लाल ने कहा, ‘झांसी पुलिस ने ग्राम प्रधान (प्रमुख) को फोन किया और हमें पता चला कि वह ( शर्मा) 28,000 रुपये, साबुन और कुछ किताबों के साथ मिले. वह घर आना चाहते थे क्योंकि वहां कोई काम नहीं था. हमसे कहा गया कि हम झांसी से शव लेकर जा सकते हैं.’
पुलिस ने पुष्टि की है कि शर्मा का पोस्टमार्टम किया जा रहा है और COVID-19 की रिपोर्ट आने के बाद शव सौंप दिया जाएगा.
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