बस्ती में अवैध बालू खनन का कारोबार जोरों पर, शिकायत करने पर थाने पहुंच जाता है 'माननीय आकाओं' का फोन

बस्ती में अवैध बालू खनन का कारोबार जोरों पर, शिकायत करने पर थाने पहुंच जाता है 'माननीय आकाओं' का फोन
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संवाददाता बस्ती. जिले में धड़ल्ले के साथ अवैध बालू खनन का कार्य चल रहा है. पट्टाशुदा भूमि से बालू खनन न कराकर आस पास के कृषि भूमि पर खनन कार्य में जेसीबी लगा दी गई है. लोडर से ट्रैक्टरो में बालू भरकर अन्यत्र भंडारण किये जा रहे हैं. जिन किसानों के खेत से अवैध रूप से बालू खनन कराया जा रहा है, विरोध करने पर उन्हें मारने पीटने, जान से मारने की धमकियां मिल रही है. अवैध रूप से बालू खनन कराने वाले कारोबारियों पर शिकायत बाद भी कार्यवाही नही हो रही है. खनन विभाग द्वारा कारवाई की जगह चुप्पी साध लेना बहुत कुछ बयां करता है.

कलवारी थाना क्षेत्र के मांझाकला में बालू खनन के लिए पट्टा हुई गाटा संख्या 1424, 1189 एवं 1186 में 1.6110 हेक्टेयर भूमि में कृषि योग्य भूमि बनाने के लिए खनन अनुज्ञा पत्र जारी हुआ है. जिसमें कृषि योग्य भूमि बनाने के लिए फावड़े के सहारे खनन करना था. लेकिन जेसीबी ,पोकलैण्ड मशीन, लगाकर अलग अलग कई जगहो से बालू माफिया द्वारा बेखौफ बालू खुदाई कार्य जारी है. यहां चल रहे अवैध बालू खनन को लेकर मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र देने वाले हियुवा कार्यकर्ता ने पत्र में कहा है कि बालू माफिया यहीं नहीं रूकना चाहते हैं. कम समय में बालू के पहाड़ खड़ा कर धन कमाने की लालच में बालू लिफ्टर मशीन को सरयू नदी की धारा मे लगाकर सैकड़ों डम्फर बालू निकाला जा रहा है. बालू का भंडारण डकही ग्राम सभा के साथ अन्यत्र कई जगहों पर खुले आम किया जा रहा है. लेकिन खनन विभाग, पुलिस प्रशासन ने आंख मूंद रखी है. अवैध बालू खनन से कटान का खतरा बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि बालू खुदाई कार्य इसी तरह चलता रहा तो सरयू जब भी विकराल रूप लेगी परिणाम भयावह हो सकते है.

बालू माफिया, नेताओं, पुलिस खनन विभाग का गठजोड़ कलवारी थाना क्षेत्र से लेकर सरयू किनारे के छावनी थाना क्षेत्र तक में फैला हुआ है. छावनी थाना क्षेत्र में खनन विभाग द्वारा लक्ष्मनपुर लालमन में कुछ लोगो ने बालू खनन का पट्टा कराया है, लेकिन पटटाशुदा भूमि पर बालू खनन न करके बालू माफिया बगल के राजस्व गांव गौरिया नैन में कृषि भूमि में जबरिया बालू खनन कर रहे है. अवैध रूप से बालू खनन के बाद ट्रालियो में भरकर बालू अलग स्थानों पर डम्प किया जा रहा है. गौरिया नैन निवासी राम हरख, सीता राम राजेष, राम सुभावन ,बब्लू का कहना है कि गांव में उनकी कृषि भूमि पर अवैध रूप से बालू खनन किया जा रहा है. छावनी थाना में शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि अवैध बालू खनन से मना करने पर दबंगों ने मारपीट किया और उनकी ट्राली भी खींच ले गये.

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कहा कि अवैध बालू खनन का कार्य बंधा से दो सौ मीटर दूर करने और कृषि योग्य भूमि बर्बाद करने से रोकने पर दबंग मारपीट पर उतारू है. सरयू के तट पर बसे गांवो में अवैध बालू खनन का खेल खुले आम चल रहा है. लेकिन इसको लेकर प्रशासन, पुलिस, खनन विभाग ने आंख बंद कर लिया है. अवैध खनन कार्य कराने वालों को राजनैतिक संरक्षण होने की चर्चा है. कहा तो यहां तक जाता है कि जब कभी अवैध बालू खनन की शिकायत होती है तो राजनीतिक आकाओं के फोन पहुंच जाते है जिस कारण भी अवैध खनन करने वाले बेखौफ हैं. यदि अवैध बालू खनन कार्य पर रोक न लगा तो बरसात के मौसम में मूसलाधार बारिस सरयू से सटे गांवों में तबाही का कारण बनेगा.

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भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
08 Jun 2021 By Jitendra Kaushal Singh

बस्ती में अवैध बालू खनन का कारोबार जोरों पर, शिकायत करने पर थाने पहुंच जाता है 'माननीय आकाओं' का फोन

संवाददाता बस्ती. जिले में धड़ल्ले के साथ अवैध बालू खनन का कार्य चल रहा है. पट्टाशुदा भूमि से बालू खनन न कराकर आस पास के कृषि भूमि पर खनन कार्य में जेसीबी लगा दी गई है. लोडर से ट्रैक्टरो में बालू भरकर अन्यत्र भंडारण किये जा रहे हैं. जिन किसानों के खेत से अवैध रूप से बालू खनन कराया जा रहा है, विरोध करने पर उन्हें मारने पीटने, जान से मारने की धमकियां मिल रही है. अवैध रूप से बालू खनन कराने वाले कारोबारियों पर शिकायत बाद भी कार्यवाही नही हो रही है. खनन विभाग द्वारा कारवाई की जगह चुप्पी साध लेना बहुत कुछ बयां करता है.

कलवारी थाना क्षेत्र के मांझाकला में बालू खनन के लिए पट्टा हुई गाटा संख्या 1424, 1189 एवं 1186 में 1.6110 हेक्टेयर भूमि में कृषि योग्य भूमि बनाने के लिए खनन अनुज्ञा पत्र जारी हुआ है. जिसमें कृषि योग्य भूमि बनाने के लिए फावड़े के सहारे खनन करना था. लेकिन जेसीबी ,पोकलैण्ड मशीन, लगाकर अलग अलग कई जगहो से बालू माफिया द्वारा बेखौफ बालू खुदाई कार्य जारी है. यहां चल रहे अवैध बालू खनन को लेकर मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र देने वाले हियुवा कार्यकर्ता ने पत्र में कहा है कि बालू माफिया यहीं नहीं रूकना चाहते हैं. कम समय में बालू के पहाड़ खड़ा कर धन कमाने की लालच में बालू लिफ्टर मशीन को सरयू नदी की धारा मे लगाकर सैकड़ों डम्फर बालू निकाला जा रहा है. बालू का भंडारण डकही ग्राम सभा के साथ अन्यत्र कई जगहों पर खुले आम किया जा रहा है. लेकिन खनन विभाग, पुलिस प्रशासन ने आंख मूंद रखी है. अवैध बालू खनन से कटान का खतरा बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि बालू खुदाई कार्य इसी तरह चलता रहा तो सरयू जब भी विकराल रूप लेगी परिणाम भयावह हो सकते है.

बालू माफिया, नेताओं, पुलिस खनन विभाग का गठजोड़ कलवारी थाना क्षेत्र से लेकर सरयू किनारे के छावनी थाना क्षेत्र तक में फैला हुआ है. छावनी थाना क्षेत्र में खनन विभाग द्वारा लक्ष्मनपुर लालमन में कुछ लोगो ने बालू खनन का पट्टा कराया है, लेकिन पटटाशुदा भूमि पर बालू खनन न करके बालू माफिया बगल के राजस्व गांव गौरिया नैन में कृषि भूमि में जबरिया बालू खनन कर रहे है. अवैध रूप से बालू खनन के बाद ट्रालियो में भरकर बालू अलग स्थानों पर डम्प किया जा रहा है. गौरिया नैन निवासी राम हरख, सीता राम राजेष, राम सुभावन ,बब्लू का कहना है कि गांव में उनकी कृषि भूमि पर अवैध रूप से बालू खनन किया जा रहा है. छावनी थाना में शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि अवैध बालू खनन से मना करने पर दबंगों ने मारपीट किया और उनकी ट्राली भी खींच ले गये.

कहा कि अवैध बालू खनन का कार्य बंधा से दो सौ मीटर दूर करने और कृषि योग्य भूमि बर्बाद करने से रोकने पर दबंग मारपीट पर उतारू है. सरयू के तट पर बसे गांवो में अवैध बालू खनन का खेल खुले आम चल रहा है. लेकिन इसको लेकर प्रशासन, पुलिस, खनन विभाग ने आंख बंद कर लिया है. अवैध खनन कार्य कराने वालों को राजनैतिक संरक्षण होने की चर्चा है. कहा तो यहां तक जाता है कि जब कभी अवैध बालू खनन की शिकायत होती है तो राजनीतिक आकाओं के फोन पहुंच जाते है जिस कारण भी अवैध खनन करने वाले बेखौफ हैं. यदि अवैध बालू खनन कार्य पर रोक न लगा तो बरसात के मौसम में मूसलाधार बारिस सरयू से सटे गांवों में तबाही का कारण बनेगा.

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Jitendra Kaushal Singh Picture

जितेंद्र कौशल सिंह भारतीय बस्ती के पत्रकार हैं. शुरुआती शिक्षा दीक्षा बस्ती जिले से ही करने वाले  जितेंद्र  खेती, कृषि, राजनीतिक और समसामयिक विषयों पर खबरें लिखते हैं.