UP Housing Scheme 2026: मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत 22 शहरों में नए घर
चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगी योजनाएं
सरकार की योजना है कि शहरों की जरूरत और आबादी को ध्यान में रखते हुए आवासीय परियोजनाएं एक साथ नहीं, बल्कि चरणों में शुरू की जाएं. इससे निर्माण कार्य बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकेगा और सुविधाओं की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जा सकेगा. जिन शहरों में भूमि की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित हो चुकी है, वहां योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर तेज हुई प्रक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले हर जरूरतमंद परिवार को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए. इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना को लागू किया गया है. इस योजना के अंतर्गत विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद को भूमि खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे योजनाओं में किसी तरह की देरी न हो.
जमीन खरीद के लिए सरकार दे रही सहायता
सरकार ने विकास प्राधिकरणों को यह सुविधा दी है कि वे चीफ कैपिटल के आधार पर भूमि खरीद सकें. योजना से होने वाली आय के जरिए यह धनराशि बाद में सरकार को लौटाई जाएगी. आवास विभाग के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 31 शहरों में आवासीय परियोजनाएं लाई जानी हैं, जिनके लिए हजारों करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है.
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नई आवासीय योजनाएं केवल घरों तक सीमित नहीं होंगी. सरकार का जोर है कि लोगों को बेहतर जीवनशैली मिले. इसी कारण हर परियोजना में स्कूल, कॉलेज, नर्सिंग होम, पार्क और सामुदायिक केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हर योजना में हरित क्षेत्र यानी पार्क और खुले स्थानों को विशेष महत्व दिया जाएगा.
आवास विभाग के मुताबिक, प्रदेश के लगभग 22 शहरों में नई आवासीय योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिससे लगभग 50 हजार लोगों को आवास की सुविधा मिलने की संभावना है. इन योजनाओं के लिए करीब 7183.94 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिसमें से अब तक 1539.25 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है.
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2026 में इन योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लॉन्च किया जाए. आवास विभाग द्वारा कुल 13887 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिसमें से 6440 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं.
इन शहरों में दिखेगा आवासीय विकास
गोरखपुर, चित्रकूट, आगरा, बुलंदशहर, वाराणसी, मुरादाबाद, कानपुर, सहारनपुर, मथुरा-वृंदावन, फिरोजाबाद, लखनऊ आईटी सिटी और वेलनेस सिटी, खुर्जा, बांदा, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़-पिलखुआ और रामपुर सहित कई शहरों में आवासीय योजनाएं प्रस्तावित हैं. इसके अलावा आवास विकास परिषद द्वारा करीब चार अन्य शहरों में भी नई परियोजनाएं लाई जाएंगी.
प्राधिकरणों से मांगे गए विस्तृत प्रस्ताव
सरकार ने आवास विकास परिषद और अन्य विकास प्राधिकरणों से विस्तृत प्रस्ताव मांगे हैं. उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि वे कितनी भूमि पर योजना लाएंगे, भूमि खरीद में कितना खर्च आएगा और जमीन अधिग्रहण के बाद कितने समय में योजना शुरू की जाएगी. इन प्रस्तावों के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।