बस्ती में जबरन लगाए गए स्मार्ट मीटर, हटाने और बिल माफ करने की मांग

बस्ती में जबरन लगाए गए स्मार्ट मीटर, हटाने और बिल माफ करने की मांग
बस्ती में जबरन लगाए गए स्मार्ट मीटर, हटाने और बिल माफ करने की मांग

भ्रामक सूचना देकर स्मार्ट बिजली मीटर लगाये जाने को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया. मंगलवार को साऊंघाट विकास खण्ड क्षेत्र के कुर्थियां के नागरिकों ने किसान नेता उदयपाल पटेल, ग्राम प्रधान इरफान अहमद के नेतृत्व में अधीक्षण अभियन्ता विद्युत वितरण कार्यालय के समक्ष धरना दिया. ज्ञापन देकर मांग किया कि स्मार्ट मीटर को हटाकर पूर्व की भांति विद्युत आपूर्ति कराया जाय. धरने में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव दीवान चन्द पटेल, मण्डल उपाध्यक्ष जयराम वर्मा, जिलाध्यक्ष गौरीशंकर चौधरी, ब्रम्हदेव चौधरी, आज्ञाराम  चौधरी, पारसनाथ, रामशव्द चौधरी, जगदीश चौधरी के साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे.

गांव में जबरन लगाए गए स्मार्ट मीटर, ग्रामीणों का आरोप

ज्ञापन देने के बाद  किसान नेता उदयपाल पटेल, ग्राम प्रधान इरफान अहमद ने बताया कि विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने कुर्थियां  गाँव के सभी निवासियों को झूठी और भ्रामक सूचना देकर जबरदस्ती से स्मार्ट मीटर स्थापित करा दिया.  कहा कि यदि अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगवाओगे तो भविष्य में दस हजार रूपया जुर्माना लगेगा. यह सूचना पूरी तरह गलत, झूठ और भ्रामक है. किसी को भी कोई लिखित आदेश दिया नहीं गया है, न ही कोई आधिकारिक अधिसूचना है. कर्मचारियों ने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर से बिल में कोई बदलाव नहीं होगा, परंतु मीटर लगने के तुरंत बाद  बिल बढ़ गए. यह धोखाधड़ी है. इन स्मार्ट मीटरों में त्रुटि है या इन्हें गलत तरीके से स्थापित किया गया है. वे बार-बार बिजली को बिना किसी सूचना के स्वचालित रूप से काट देते हैं, जिससे  कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 और भारतीय दंड संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है.

स्मार्ट मीटर हटाने और पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग

अधीक्षण अभियन्ता विद्युत को दिये पत्र में सभी अनावश्यक स्मार्ट मीटरों को तत्काल प्रभाव से हटाये जाने, विद्युत आपूर्ति को तुरन्त पूर्व की भांति स्थापित किया जाने,  स्मार्ट मीटरों के कारण हुए अतिरिक्त बिलों को माफ किये जाने, गलत सूचना देने वाले विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई, भविष्य में किसी भी निवासी को बिना पूर्व सूचना और लिखित अनुमति के ऐसे अनावश्यक उपकरण न लगाने के लिए लिखित निर्देश दिए जाने आदि की मांग शामिल है.

बस्ती में अधिवेशन में गूंजा पुरानी पेंशन बहाली, आठवे वेतन आयोग, कोराना काल के भत्ते का मुद्दा यह भी पढ़ें: बस्ती में अधिवेशन में गूंजा पुरानी पेंशन बहाली, आठवे वेतन आयोग, कोराना काल के भत्ते का मुद्दा


धरना प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से शिवकुमार, इन्द्रावती, बाबूलाल, अरबाज, आकाश भारती, राधेश्याम, आकाश कन्नौजिया, शान्ती, ममता, तारामती, सिपाली, राजाराम, मीरा, रामचन्द्र, रेशमा, मंजू देवी, ऊषा भारती, अनिल कुमार, रामफेर, राम सूरत, गरिमा देवी, राम बहोर, रामकिशोर, अनीता, सुनीता, रफीकुन्निशां, फूलमती, सीताराम, गंगाराम, धर्मराज,मो. शाहिद, सुनील, ओम प्रकाश, राम प्रकाश, हरीराम, खुशबुन्निशां, सोनी, पप्पू, मालती देवी, वसीउल्लाह, मंजू देवी, गुजराती, राजेन्द्र के साथ ही बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे.

बस्ती में प्रसव के दौरान बच्चे का सिर धड़ से अलग हो जाने के मामले में एसपी को दिया पत्र यह भी पढ़ें: बस्ती में प्रसव के दौरान बच्चे का सिर धड़ से अलग हो जाने के मामले में एसपी को दिया पत्र

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
21 Apr 2026 By Shobhit Pandey

बस्ती में जबरन लगाए गए स्मार्ट मीटर, हटाने और बिल माफ करने की मांग

भ्रामक सूचना देकर स्मार्ट बिजली मीटर लगाये जाने को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया. मंगलवार को साऊंघाट विकास खण्ड क्षेत्र के कुर्थियां के नागरिकों ने किसान नेता उदयपाल पटेल, ग्राम प्रधान इरफान अहमद के नेतृत्व में अधीक्षण अभियन्ता विद्युत वितरण कार्यालय के समक्ष धरना दिया. ज्ञापन देकर मांग किया कि स्मार्ट मीटर को हटाकर पूर्व की भांति विद्युत आपूर्ति कराया जाय. धरने में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव दीवान चन्द पटेल, मण्डल उपाध्यक्ष जयराम वर्मा, जिलाध्यक्ष गौरीशंकर चौधरी, ब्रम्हदेव चौधरी, आज्ञाराम  चौधरी, पारसनाथ, रामशव्द चौधरी, जगदीश चौधरी के साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे.

गांव में जबरन लगाए गए स्मार्ट मीटर, ग्रामीणों का आरोप

ज्ञापन देने के बाद  किसान नेता उदयपाल पटेल, ग्राम प्रधान इरफान अहमद ने बताया कि विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने कुर्थियां  गाँव के सभी निवासियों को झूठी और भ्रामक सूचना देकर जबरदस्ती से स्मार्ट मीटर स्थापित करा दिया.  कहा कि यदि अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगवाओगे तो भविष्य में दस हजार रूपया जुर्माना लगेगा. यह सूचना पूरी तरह गलत, झूठ और भ्रामक है. किसी को भी कोई लिखित आदेश दिया नहीं गया है, न ही कोई आधिकारिक अधिसूचना है. कर्मचारियों ने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर से बिल में कोई बदलाव नहीं होगा, परंतु मीटर लगने के तुरंत बाद  बिल बढ़ गए. यह धोखाधड़ी है. इन स्मार्ट मीटरों में त्रुटि है या इन्हें गलत तरीके से स्थापित किया गया है. वे बार-बार बिजली को बिना किसी सूचना के स्वचालित रूप से काट देते हैं, जिससे  कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 और भारतीय दंड संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है.

स्मार्ट मीटर हटाने और पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग

अधीक्षण अभियन्ता विद्युत को दिये पत्र में सभी अनावश्यक स्मार्ट मीटरों को तत्काल प्रभाव से हटाये जाने, विद्युत आपूर्ति को तुरन्त पूर्व की भांति स्थापित किया जाने,  स्मार्ट मीटरों के कारण हुए अतिरिक्त बिलों को माफ किये जाने, गलत सूचना देने वाले विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई, भविष्य में किसी भी निवासी को बिना पूर्व सूचना और लिखित अनुमति के ऐसे अनावश्यक उपकरण न लगाने के लिए लिखित निर्देश दिए जाने आदि की मांग शामिल है.


धरना प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से शिवकुमार, इन्द्रावती, बाबूलाल, अरबाज, आकाश भारती, राधेश्याम, आकाश कन्नौजिया, शान्ती, ममता, तारामती, सिपाली, राजाराम, मीरा, रामचन्द्र, रेशमा, मंजू देवी, ऊषा भारती, अनिल कुमार, रामफेर, राम सूरत, गरिमा देवी, राम बहोर, रामकिशोर, अनीता, सुनीता, रफीकुन्निशां, फूलमती, सीताराम, गंगाराम, धर्मराज,मो. शाहिद, सुनील, ओम प्रकाश, राम प्रकाश, हरीराम, खुशबुन्निशां, सोनी, पप्पू, मालती देवी, वसीउल्लाह, मंजू देवी, गुजराती, राजेन्द्र के साथ ही बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।