बस्ती में बढ़ते कोरोना के मामले: सीएम योगी आदित्यनाथ में पांच दिन में मांगी रिपोर्ट
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अधिक कोरोना संक्रमण वाले प्रदेश के 11 जिलों को लेकर चिंतित हैं. साथ ही वह दिल्ली एनसीआर से सटे जिलों को लेकर खास सतर्क हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को भी स्पष्ट कह दिया है कि विशेष सतर्कता बरती जाए. इलाज और व्यवस्था में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए. इन जिलों में कोरोना के खिलाफ बनाई जा रही रणनीति की कमान अब खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभाल ली है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिक संक्रमण वाले मुरादाबाद, फीरोजाबाद, बुलंदशहर, झांसी, आगरा, मेरठ, कानपुर नगर, अलीगढ़, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, और बस्ती के लिए अलग से नोडल अधिकारियों की टीम बना दी है. संक्रमण बढ़ने के कारणों पर पांच दिन में रिपोर्ट मांगी है, जिसके आधार पर अपने निर्देशन में रणनीति बनाई जाएगी.
इसके अलावा सोमवार को लोकभवन में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा बैठक में भी योगी ने ऐसे जिलों को लेकर चिंता जताई. उन्होंने 11 जिलों के साथ ही दिल्ली के करीब वाले हापुड़ और बागपत की स्थिति की भी जानकारी ली.
यह भी पढ़ें: युवाओं के सुझावों पर विधायक अजय सिंह ने दिया भरोसा, बोले- जनभागीदारी से बदलेगी हर्रैया की तस्वीरइस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अनलॉक का अर्थ है अनुशासन. कोरोना से बचाव के लिए अनलॉक व्यवस्था के दौरान पूर्ण अनुशासन के साथ रहना आवश्यक है. उन्होंने कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए लगातार सतर्कता बरतने पर बल दिया है. मुख्यमंत्री लोक भवन में आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कोविड तथा नॉन कोविड अस्पतालों की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए हर स्तर पर संवाद आवश्यक है. उन्होंने 11 जनपदों में नोडल अधिकारी के रूप में तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ निरन्तर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए है. उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों तथा मण्डलायुक्तों के साथ भी नियमित संवाद कायम रखते हुए व्यवस्थायों को बेहतर बनाए रखा जाए.
यह भी पढ़ें: बस्ती में लक्ष्मण निषाद हत्याकांड पर सपा का बड़ा कदम, महेंद्र नाथ यादव ने परिवार को दी 1 लाख की सहायतामुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमित रोगियों की स्थिति को देखते हुए उन्हें उपचार के लिए एल-1, एल-2 अथवा एल-3 श्रेणी के अस्पताल में भर्ती किया जाए. उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य की दृष्टि से एन0सी0आर0 के जनपदों में सतर्कता बरती जाए. जनपद गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, हापुड़ तथा बुलन्दशहर पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इन जिलों में उपचार की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए. उन्होंने एन0सी0आर0 क्षेत्र के जनपदों के कोविड अस्पतालों में बेड तथा चिकित्साकर्मियों की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश भी दिए हैं.
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. इस सम्बन्ध में बैक अप भी तैयार रखा जाए. उन्होंने कहा कि समय पर उपचार मृत्यु दर को नियंत्रित करने में काफी मददगार है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक इकाइयों का सर्वे कराते हुए इन इकाइयों में रोजगार की आवश्यकता का आकलन किया जाए.
बैठक में यह जानकारी दी गई कि मनरेगा के तहत प्रदेश में 57 लाख 12 हजार श्रमिकों को कार्य मिला जो, वर्त मान में देश में सर्वाधिक है. इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, अवस्थापना एवं औद्यो गिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल तथा संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एम0एस0एम0ई0 नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
बस्ती में सोमवार को 4 नये मामले
बता दें सोमवार को बस्ती में कोरोना के चार नए केस मिले हैं. महाराष्ट्र से आए कुदरहा ब्लॉक के गायघाट कस्बा निवासी चाचा-भतीजा पॉजिटिव मिले हैं. इसके अलावा विक्रमजोत ब्लॉक के देवखाल निवासी 30 वर्षीय युवक भी कोरोना पॉजिटिव मिला है. दिल्ली से आए इस युवक को गांव के परिषदीय स्कूल में क्वारंटीन किया गया था.
क्वारंटीन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग युवक के संपर्क में आने वालों का पता लगा रहा है. छावनी थाना क्षेत्र के शंकरपुर निवासी 24 वर्षीय युवक भी पॉजिटिव मिला है.
मुम्बई से आए इस युवक का 10 जून को सैम्पल लिया गया था. इसके बाद से यह होम क्वारंटीन था. इसी के साथ जिले में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 257 हो गई है. इसमें 177 ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं और 12 की मौत हो चुकी है.
नोडल अधिकारी राजशेखर ने की बैठक
इससे पहले कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम के लिए शासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित प्रोटोकाल का अनुपालन करने के लिए परिवहन निगम के प्रबन्ध निदेशक एवं जिले के नोडल अधिकारी डॉ0 राजशेखर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है. सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने सभी 12 कोरोना मृतक का सोशल आडिट कराने का निर्देश दिया है.
उन्होंने कहा कि नानकोविड अस्पतालों में आने वाले सभी मरीजों का ट्रीटमेन्ट करते समय सभी डाक्टर एवं स्टाफ सुरक्शा के मानको का अनुपालन करते हुए पीपी किट, मास्क, सेनेटाईजर का उपयोग करें. डॉक्टर एवं स्टाफ की सुरक्शा का पूरा इंतजाम किया जाय.

निर्देश दिया है कि सभी मरीजों का ट्रूनेट मशीन से जांच अवश्य करायी जाय. कोरोना के लक्शण वाले मरीजों का श्वाब लेकर जांच करायी जाय. उन्होंने कहा कि निगरानी समितियों के माध्यम से प्रत्येक गांव में कोरोना के बारे में प्राप्त हो रही नयी जानकारियां उसके लक्शण के बारे में जानकारी दी जाय. निगरानी समितियों के माध्यम से ही बनकटी ब्लाक के पांच गांव में चलाये गये रैपिड सर्वे की तरह अन्य गांव में गम्भीर रोगों के व्यक्तियों का सर्वे कराया जाय.
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति मुंह पर बिना मास्क या गमछा लगाये बाहर न निकले. इसके लिए निगरानी समितियों के माध्यम से जनजागरूकता फैलाई जाय. उन्होंने कहा कि कोरोना से ठीक हुए मरीजों तथा उसके परिवार एवं आस-पास शतर्क निगरानी रखी जाय.
कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रवासी कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराना है. स्किल मैपिंग के कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जाय. जिलाधिकारी आशुतोश निरंजन ने कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम के लिए उठाये गये कदमों की विस्तृत जानकारी दिया. उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोरोना वायरस से 12 लोगों की मृत्यु हुयी है तथा जिले में कोई कन्टेनमेन्ट जोन नही है.
उन्होंने बताया कि प्रवासी कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों द्वारा कार्य योजना बनाकर कार्य किया जा रहा है. 50-50 लोगों को माली एवं मशरूम पैदा करने के लिए ट्रेनिंग दी गयी है. लगभग 02 लाख छात्र-छात्राओं के डेªस तैयार करने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों एवं प्रवासी कामगारों को काम उपलब्ध कराया गया है. मनरेगा के अन्तर्गत प्रतिदिन लगभग 01 लाख 46 हजार लोगों को काम उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें 20 हजार से अधिक प्रवासी कामगार है.
पुलिस अधीक्शक हेमराज मीणा ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रतिबन्धों का कड़ाई से पालन किया गया है. पुलिस विभाग की टीम द्वारा लॉकडाउन तोड़ने वालों पर मुकदमा किया गया है तथा गांड़ियों का चालान किया गया है. पीजीआई लखनऊ के न्यूरो सर्जन डाक्टर अवधेश जायसवाल ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए विभिन्न प्रोटोकाल की जानकारी दिया.
बैठक में सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, एडीएम रमेश चन्द्र, डॉ0 नवनीत कुमार, डॉ0 जेपी त्रिपाठी, डॉ0 जीएम शुक्ला, डॉ0 फखरेयार हुसेन, डॉ0 सीके वर्मा, डॉ0 सीएल कन्नौजिया, डॉ0 अनिल यादव तथा अन्य चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे.
यह भी पढ़ें: बस्ती में 4 नये कोरोना पाॅजिटिव मिले, अब तक 12 की मौत
बस्ती में बढ़ते कोरोना के मामले: सीएम योगी आदित्यनाथ में पांच दिन में मांगी रिपोर्ट
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अधिक कोरोना संक्रमण वाले प्रदेश के 11 जिलों को लेकर चिंतित हैं. साथ ही वह दिल्ली एनसीआर से सटे जिलों को लेकर खास सतर्क हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को भी स्पष्ट कह दिया है कि विशेष सतर्कता बरती जाए. इलाज और व्यवस्था में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए. इन जिलों में कोरोना के खिलाफ बनाई जा रही रणनीति की कमान अब खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभाल ली है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिक संक्रमण वाले मुरादाबाद, फीरोजाबाद, बुलंदशहर, झांसी, आगरा, मेरठ, कानपुर नगर, अलीगढ़, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, और बस्ती के लिए अलग से नोडल अधिकारियों की टीम बना दी है. संक्रमण बढ़ने के कारणों पर पांच दिन में रिपोर्ट मांगी है, जिसके आधार पर अपने निर्देशन में रणनीति बनाई जाएगी.
इसके अलावा सोमवार को लोकभवन में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा बैठक में भी योगी ने ऐसे जिलों को लेकर चिंता जताई. उन्होंने 11 जिलों के साथ ही दिल्ली के करीब वाले हापुड़ और बागपत की स्थिति की भी जानकारी ली.
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अनलॉक का अर्थ है अनुशासन. कोरोना से बचाव के लिए अनलॉक व्यवस्था के दौरान पूर्ण अनुशासन के साथ रहना आवश्यक है. उन्होंने कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए लगातार सतर्कता बरतने पर बल दिया है. मुख्यमंत्री लोक भवन में आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कोविड तथा नॉन कोविड अस्पतालों की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए हर स्तर पर संवाद आवश्यक है. उन्होंने 11 जनपदों में नोडल अधिकारी के रूप में तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ निरन्तर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए है. उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों तथा मण्डलायुक्तों के साथ भी नियमित संवाद कायम रखते हुए व्यवस्थायों को बेहतर बनाए रखा जाए.
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमित रोगियों की स्थिति को देखते हुए उन्हें उपचार के लिए एल-1, एल-2 अथवा एल-3 श्रेणी के अस्पताल में भर्ती किया जाए. उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य की दृष्टि से एन0सी0आर0 के जनपदों में सतर्कता बरती जाए. जनपद गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, हापुड़ तथा बुलन्दशहर पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इन जिलों में उपचार की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए. उन्होंने एन0सी0आर0 क्षेत्र के जनपदों के कोविड अस्पतालों में बेड तथा चिकित्साकर्मियों की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश भी दिए हैं.
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. इस सम्बन्ध में बैक अप भी तैयार रखा जाए. उन्होंने कहा कि समय पर उपचार मृत्यु दर को नियंत्रित करने में काफी मददगार है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक इकाइयों का सर्वे कराते हुए इन इकाइयों में रोजगार की आवश्यकता का आकलन किया जाए.
बैठक में यह जानकारी दी गई कि मनरेगा के तहत प्रदेश में 57 लाख 12 हजार श्रमिकों को कार्य मिला जो, वर्त मान में देश में सर्वाधिक है. इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, अवस्थापना एवं औद्यो गिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल तथा संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एम0एस0एम0ई0 नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
बस्ती में सोमवार को 4 नये मामले
बता दें सोमवार को बस्ती में कोरोना के चार नए केस मिले हैं. महाराष्ट्र से आए कुदरहा ब्लॉक के गायघाट कस्बा निवासी चाचा-भतीजा पॉजिटिव मिले हैं. इसके अलावा विक्रमजोत ब्लॉक के देवखाल निवासी 30 वर्षीय युवक भी कोरोना पॉजिटिव मिला है. दिल्ली से आए इस युवक को गांव के परिषदीय स्कूल में क्वारंटीन किया गया था.
क्वारंटीन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग युवक के संपर्क में आने वालों का पता लगा रहा है. छावनी थाना क्षेत्र के शंकरपुर निवासी 24 वर्षीय युवक भी पॉजिटिव मिला है.
मुम्बई से आए इस युवक का 10 जून को सैम्पल लिया गया था. इसके बाद से यह होम क्वारंटीन था. इसी के साथ जिले में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 257 हो गई है. इसमें 177 ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं और 12 की मौत हो चुकी है.
नोडल अधिकारी राजशेखर ने की बैठक
इससे पहले कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम के लिए शासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित प्रोटोकाल का अनुपालन करने के लिए परिवहन निगम के प्रबन्ध निदेशक एवं जिले के नोडल अधिकारी डॉ0 राजशेखर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है. सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने सभी 12 कोरोना मृतक का सोशल आडिट कराने का निर्देश दिया है.
उन्होंने कहा कि नानकोविड अस्पतालों में आने वाले सभी मरीजों का ट्रीटमेन्ट करते समय सभी डाक्टर एवं स्टाफ सुरक्शा के मानको का अनुपालन करते हुए पीपी किट, मास्क, सेनेटाईजर का उपयोग करें. डॉक्टर एवं स्टाफ की सुरक्शा का पूरा इंतजाम किया जाय.

निर्देश दिया है कि सभी मरीजों का ट्रूनेट मशीन से जांच अवश्य करायी जाय. कोरोना के लक्शण वाले मरीजों का श्वाब लेकर जांच करायी जाय. उन्होंने कहा कि निगरानी समितियों के माध्यम से प्रत्येक गांव में कोरोना के बारे में प्राप्त हो रही नयी जानकारियां उसके लक्शण के बारे में जानकारी दी जाय. निगरानी समितियों के माध्यम से ही बनकटी ब्लाक के पांच गांव में चलाये गये रैपिड सर्वे की तरह अन्य गांव में गम्भीर रोगों के व्यक्तियों का सर्वे कराया जाय.
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति मुंह पर बिना मास्क या गमछा लगाये बाहर न निकले. इसके लिए निगरानी समितियों के माध्यम से जनजागरूकता फैलाई जाय. उन्होंने कहा कि कोरोना से ठीक हुए मरीजों तथा उसके परिवार एवं आस-पास शतर्क निगरानी रखी जाय.
कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रवासी कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराना है. स्किल मैपिंग के कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जाय. जिलाधिकारी आशुतोश निरंजन ने कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम के लिए उठाये गये कदमों की विस्तृत जानकारी दिया. उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोरोना वायरस से 12 लोगों की मृत्यु हुयी है तथा जिले में कोई कन्टेनमेन्ट जोन नही है.
उन्होंने बताया कि प्रवासी कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों द्वारा कार्य योजना बनाकर कार्य किया जा रहा है. 50-50 लोगों को माली एवं मशरूम पैदा करने के लिए ट्रेनिंग दी गयी है. लगभग 02 लाख छात्र-छात्राओं के डेªस तैयार करने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों एवं प्रवासी कामगारों को काम उपलब्ध कराया गया है. मनरेगा के अन्तर्गत प्रतिदिन लगभग 01 लाख 46 हजार लोगों को काम उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें 20 हजार से अधिक प्रवासी कामगार है.
पुलिस अधीक्शक हेमराज मीणा ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रतिबन्धों का कड़ाई से पालन किया गया है. पुलिस विभाग की टीम द्वारा लॉकडाउन तोड़ने वालों पर मुकदमा किया गया है तथा गांड़ियों का चालान किया गया है. पीजीआई लखनऊ के न्यूरो सर्जन डाक्टर अवधेश जायसवाल ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए विभिन्न प्रोटोकाल की जानकारी दिया.
बैठक में सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, एडीएम रमेश चन्द्र, डॉ0 नवनीत कुमार, डॉ0 जेपी त्रिपाठी, डॉ0 जीएम शुक्ला, डॉ0 फखरेयार हुसेन, डॉ0 सीके वर्मा, डॉ0 सीएल कन्नौजिया, डॉ0 अनिल यादव तथा अन्य चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे.
यह भी पढ़ें: बस्ती में 4 नये कोरोना पाॅजिटिव मिले, अब तक 12 की मौत
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भारतीय बस्ती, बस्ती और अयोध्या से प्रकाशित होने वाला प्रमुख समाचार पत्र है. इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग भारतीय बस्ती के संवाददाताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर की गई है