Basti News: आउट ऑफ स्कूल प्रशिक्षण सम्पन्न, बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
हर्रैया बीआरसी सभागार में नोडल अध्यापकों का तीन दिवसीय शारदा प्रशिक्षण खण्ड शिक्षा अधिकारी विजय आनंद की देखरेख में शनिवार को संपन्न हुआ. इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आउट ऑफ स्कूल बच्चों को विद्यालयी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना था. इसमें परिषदीय विद्यालयों के कुल 159 नोडल अध्यापकों ने भाग लिया.
बीईओ ने कहा कि शारदा कार्यक्रम के तहत आउट ऑफ स्कूल बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें आयु-संगत कक्षा में नामांकित करना और विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना विभागीय जिम्मेदारी है. कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, इसके लिए शिक्षकों को संवेदनशीलता के साथ धरातल पर कार्य करना होगा.
प्रशिक्षण के दौरान नोडल अध्यापकों को आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान करने, उनके सर्वेक्षण की प्रक्रिया समझने और उन्हें विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय में नामांकित कर शिक्षा से जोड़ने की रणनीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई. एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) मनोज मिश्र, संतोष कुमार शुक्ल, राजीव शुक्ल, काशीराम वर्मा, रवीश कुमार मिश्र और शिक्षक डॉ श्री नारायन मिश्र ने शिक्षकों को यह प्रशिक्षण प्रदान किया.
प्रशिक्षकों ने सर्वेक्षण प्रक्रिया, बच्चों की शैक्षिक स्थिति का आकलन करने और उन्हें विद्यालयी शिक्षा में प्रभावी ढंग से शामिल करने के तरीकों पर विशेष जोर दिया. बताया कि बच्चों के लर्निंग गैप को भरने के लिए विशेष ब्रिज कोर्स और गतिविधि आधारित शिक्षण अनिवार्य है. शारदा पोर्टल पर डेटा फीडिंग और बच्चों के बेसलाइन मूल्यांकन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी. बच्चों को स्कूल के वातावरण में ढालने के लिए उनके मनोवैज्ञानिक संवेदीकरण पर विशेष सत्र आयोजित किया गया.
Basti News: आउट ऑफ स्कूल प्रशिक्षण सम्पन्न, बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
हर्रैया बीआरसी सभागार में नोडल अध्यापकों का तीन दिवसीय शारदा प्रशिक्षण खण्ड शिक्षा अधिकारी विजय आनंद की देखरेख में शनिवार को संपन्न हुआ. इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आउट ऑफ स्कूल बच्चों को विद्यालयी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना था. इसमें परिषदीय विद्यालयों के कुल 159 नोडल अध्यापकों ने भाग लिया.
बीईओ ने कहा कि शारदा कार्यक्रम के तहत आउट ऑफ स्कूल बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें आयु-संगत कक्षा में नामांकित करना और विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना विभागीय जिम्मेदारी है. कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, इसके लिए शिक्षकों को संवेदनशीलता के साथ धरातल पर कार्य करना होगा.
प्रशिक्षण के दौरान नोडल अध्यापकों को आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान करने, उनके सर्वेक्षण की प्रक्रिया समझने और उन्हें विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय में नामांकित कर शिक्षा से जोड़ने की रणनीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई. एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) मनोज मिश्र, संतोष कुमार शुक्ल, राजीव शुक्ल, काशीराम वर्मा, रवीश कुमार मिश्र और शिक्षक डॉ श्री नारायन मिश्र ने शिक्षकों को यह प्रशिक्षण प्रदान किया.
प्रशिक्षकों ने सर्वेक्षण प्रक्रिया, बच्चों की शैक्षिक स्थिति का आकलन करने और उन्हें विद्यालयी शिक्षा में प्रभावी ढंग से शामिल करने के तरीकों पर विशेष जोर दिया. बताया कि बच्चों के लर्निंग गैप को भरने के लिए विशेष ब्रिज कोर्स और गतिविधि आधारित शिक्षण अनिवार्य है. शारदा पोर्टल पर डेटा फीडिंग और बच्चों के बेसलाइन मूल्यांकन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी. बच्चों को स्कूल के वातावरण में ढालने के लिए उनके मनोवैज्ञानिक संवेदीकरण पर विशेष सत्र आयोजित किया गया.
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