बस्ती में चालान को लेकर लोग गुस्सा, नगर पालिका की इस गलती की वजह से कट रहे चालान
पार्किंग व्यवस्था न होने से बढ़ी परेशानी
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. शहर में पार्किंग की सुविधा लगभग नहीं के बराबर है, इसके बावजूद वाहन चालकों पर चालान की कार्रवाई हो रही है. सोशल मीडिया पर बस्ती प्रोसेल के एक पोस्ट के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है. लोगों का कहना है कि जब गाड़ी खड़ी करने के लिए जगह ही नहीं है, तो आखिर वे जाएं कहां.
शादी के सीजन में बढ़ी भीड़
इन दिनों पक्के बाजार में शादी-ब्याह का समय होने की वजह से भीड़ काफी ज्यादा हो गई है. सड़क किनारे वाहन खड़े होने से रास्ता संकरा हो जाता है, जिससे रोजाना जाम की स्थिति बन रही है. आम लोगों के साथ-साथ दुकानदार भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं.
ट्रैफिक पुलिस ने दी सफाई
इस मामले में भारतीय बस्ती ने ट्रैफिक इंस्पेक्टर से बातचीत की. उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार माइक से घोषणा कराई जा रही थी कि लोग बाजार के अंदर गाड़ी न लाएं और उसे जीआईसी स्कूल के पास खड़ा करें. उनका कहना है कि चेतावनी के बाद ही कार्रवाई की गई, क्योंकि सड़क पर खड़े वाहनों से आवागमन बाधित हो रहा था.
उन्होंने यह भी कहा कि नगर पालिका को कई बार लिखित रूप में पार्किंग और ट्रैफिक लाइट की मांग भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. शहर में बड़े अस्पताल, रोडवेज और बाजार क्षेत्रों में रोज लंबे जाम लगना अब आम बात बन गई है, जिससे हालात और खराब होते जा रहे हैं.
बस्ती में चालान को लेकर लोग गुस्सा, नगर पालिका की इस गलती की वजह से कट रहे चालान
पार्किंग व्यवस्था न होने से बढ़ी परेशानी
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. शहर में पार्किंग की सुविधा लगभग नहीं के बराबर है, इसके बावजूद वाहन चालकों पर चालान की कार्रवाई हो रही है. सोशल मीडिया पर बस्ती प्रोसेल के एक पोस्ट के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है. लोगों का कहना है कि जब गाड़ी खड़ी करने के लिए जगह ही नहीं है, तो आखिर वे जाएं कहां.
शादी के सीजन में बढ़ी भीड़
इन दिनों पक्के बाजार में शादी-ब्याह का समय होने की वजह से भीड़ काफी ज्यादा हो गई है. सड़क किनारे वाहन खड़े होने से रास्ता संकरा हो जाता है, जिससे रोजाना जाम की स्थिति बन रही है. आम लोगों के साथ-साथ दुकानदार भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं.
ट्रैफिक पुलिस ने दी सफाई
इस मामले में भारतीय बस्ती ने ट्रैफिक इंस्पेक्टर से बातचीत की. उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार माइक से घोषणा कराई जा रही थी कि लोग बाजार के अंदर गाड़ी न लाएं और उसे जीआईसी स्कूल के पास खड़ा करें. उनका कहना है कि चेतावनी के बाद ही कार्रवाई की गई, क्योंकि सड़क पर खड़े वाहनों से आवागमन बाधित हो रहा था.
उन्होंने यह भी कहा कि नगर पालिका को कई बार लिखित रूप में पार्किंग और ट्रैफिक लाइट की मांग भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. शहर में बड़े अस्पताल, रोडवेज और बाजार क्षेत्रों में रोज लंबे जाम लगना अब आम बात बन गई है, जिससे हालात और खराब होते जा रहे हैं.
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About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है