बस्ती के बैंक कर्मियों में गुस्सा, 1 मई से आंदोलन शुरू होने का ऐलान
देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में खास पहचान रखने वाले क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, जहां एक ओर भारत सरकार ग्रामीण बैंकों को प्रदेश स्तर पर मिला कर इन्हें मजबूत आर्थिक आधार दे रही है, वहीं दूसरी ओर इनमें काम करने वाले लाखों अधिकारियों और कर्मचारी की जायज मांगों को भी नजर अंदाज किया जा रहा है.
भारत सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए ग्रामीण बैंक कर्मियों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (अरेबिया) ने भारत सरकार को हड़ताल की नोटिस भेज कर देश व्यापी आंदोलन की घोषणा की है.
यह जानकारी देते हुये अरेबिया के बरिष्ठ नेता कामरेड के.के. श्रीवास्तव ने बताया कि संगठन के महासचिव कामरेड येस बैंकटेश्वर रेडडी ने सभी यूनिटों को भेजे गए अपने पत्र में कहा है कि भारत सरकार ग्रामीण बैंक कर्मचारियों के पदोन्नति नियमों में संशोधन, नई मानव श्रम नीति का क्रियान्वयन, 25000 से अधिक खाली पदों पर काम कर रहे अस्थाई कर्मचारियों का नियमितिकरण तथा 12 वें वेतन समझौते से जुड़े तमाम लाभ देने के लिए जल्दी आदेश जारी करने का भरोसा दिया था लेकिन भारत सरकार इसमें विफल रही है,
जिसके कारण कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए 12 अप्रैल को यूनियन पदाधिकारियों की एक बैठक संपन्न हुई जिसमें हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है.जिसकी जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि दिनांक 1 मई 2026 से नियमानुसार कार्य, बैंकों के व्हाट्सएप ग्रुप का बहिष्कार किया जाएगा तथा दिनांक 6 मई को सभी 28 ग्रामीण बैंकों के मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा .
यह भी पढ़ें: बस्ती में प्रधानमन्त्री शहरी आवास योजना 2.0 में भ्रष्टाचार का आरोप, भाजपा नेता ने किया कार्रवाई की मांगदेश भर के सांसदों को ज्ञापन प्रेषित किए जाएंगे और नाबार्ड और रिजर्व बैंक के प्रमुख अधिकारियों को भी मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा .अरेबिया आगामी संसद सत्र के दौरान जंतर मंतर पर धरने का आयोजन भी करेगी और इसके बाद एक दिन की देश व्यापी हड़ताल भी मांगों पर ध्यानाकर्षण करने के लिए की जाएगी.
बस्ती के बैंक कर्मियों में गुस्सा, 1 मई से आंदोलन शुरू होने का ऐलान
देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में खास पहचान रखने वाले क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, जहां एक ओर भारत सरकार ग्रामीण बैंकों को प्रदेश स्तर पर मिला कर इन्हें मजबूत आर्थिक आधार दे रही है, वहीं दूसरी ओर इनमें काम करने वाले लाखों अधिकारियों और कर्मचारी की जायज मांगों को भी नजर अंदाज किया जा रहा है.
भारत सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए ग्रामीण बैंक कर्मियों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (अरेबिया) ने भारत सरकार को हड़ताल की नोटिस भेज कर देश व्यापी आंदोलन की घोषणा की है.
यह जानकारी देते हुये अरेबिया के बरिष्ठ नेता कामरेड के.के. श्रीवास्तव ने बताया कि संगठन के महासचिव कामरेड येस बैंकटेश्वर रेडडी ने सभी यूनिटों को भेजे गए अपने पत्र में कहा है कि भारत सरकार ग्रामीण बैंक कर्मचारियों के पदोन्नति नियमों में संशोधन, नई मानव श्रम नीति का क्रियान्वयन, 25000 से अधिक खाली पदों पर काम कर रहे अस्थाई कर्मचारियों का नियमितिकरण तथा 12 वें वेतन समझौते से जुड़े तमाम लाभ देने के लिए जल्दी आदेश जारी करने का भरोसा दिया था लेकिन भारत सरकार इसमें विफल रही है,
जिसके कारण कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए 12 अप्रैल को यूनियन पदाधिकारियों की एक बैठक संपन्न हुई जिसमें हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है.जिसकी जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि दिनांक 1 मई 2026 से नियमानुसार कार्य, बैंकों के व्हाट्सएप ग्रुप का बहिष्कार किया जाएगा तथा दिनांक 6 मई को सभी 28 ग्रामीण बैंकों के मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा .
देश भर के सांसदों को ज्ञापन प्रेषित किए जाएंगे और नाबार्ड और रिजर्व बैंक के प्रमुख अधिकारियों को भी मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा .अरेबिया आगामी संसद सत्र के दौरान जंतर मंतर पर धरने का आयोजन भी करेगी और इसके बाद एक दिन की देश व्यापी हड़ताल भी मांगों पर ध्यानाकर्षण करने के लिए की जाएगी.
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भारतीय बस्ती, बस्ती और अयोध्या से प्रकाशित होने वाला प्रमुख समाचार पत्र है. इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग भारतीय बस्ती के संवाददाताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर की गई है