राजनीतिक द्वेष से छवि खराब करने का आरोप, मनोज चौधरी बोले- निष्पक्ष जांच से सामने आएगी सच्चाई
तहसील रुधौली क्षेत्र के ग्राम पिपरपातीखुर्द निवासी मनोज कुमार चौधरी ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग राजनीतिक ईर्ष्या और द्वेष की भावना से उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं. उनका कहना है कि सागर चौधरी, शैलेश चौधरी, प्रेम सागर चौधरी, संतोष चौधरी समेत अन्य लोग प्रशासन के समक्ष मामले को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि वास्तविक विवाद कुछ और है. मनोज चौधरी ने कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में सरकारी अभिलेखों में दर्ज नाली की भूमि की निष्पक्ष पैमाइश कराने की मांग की है.
उनका आरोप है कि पूर्व में हुई पैमाइश में अनियमितता बरती गई, इसलिए किसी अन्य लेखपाल से दोबारा निष्पक्ष जांच और पैमाइश कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके. उन्होंने कहा कि यदि जांच में वह स्वयं दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए. वहीं यदि आरोप लगाने वाले लोग गलत पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध भी प्रशासन द्वारा ठोस और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. मनोज चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई व्यक्ति उनकी सामाजिक या राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से झूठे और भ्रामक आरोप लगाता है, तो उसके खिलाफ मानहानि का दावा दायर किया जाएगा. उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर पूरे मामले का विधिसम्मत निस्तारण कराने की मांग की है.
राजनीतिक द्वेष से छवि खराब करने का आरोप, मनोज चौधरी बोले- निष्पक्ष जांच से सामने आएगी सच्चाई
तहसील रुधौली क्षेत्र के ग्राम पिपरपातीखुर्द निवासी मनोज कुमार चौधरी ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग राजनीतिक ईर्ष्या और द्वेष की भावना से उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं. उनका कहना है कि सागर चौधरी, शैलेश चौधरी, प्रेम सागर चौधरी, संतोष चौधरी समेत अन्य लोग प्रशासन के समक्ष मामले को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि वास्तविक विवाद कुछ और है. मनोज चौधरी ने कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में सरकारी अभिलेखों में दर्ज नाली की भूमि की निष्पक्ष पैमाइश कराने की मांग की है.
उनका आरोप है कि पूर्व में हुई पैमाइश में अनियमितता बरती गई, इसलिए किसी अन्य लेखपाल से दोबारा निष्पक्ष जांच और पैमाइश कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके. उन्होंने कहा कि यदि जांच में वह स्वयं दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए. वहीं यदि आरोप लगाने वाले लोग गलत पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध भी प्रशासन द्वारा ठोस और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. मनोज चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई व्यक्ति उनकी सामाजिक या राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से झूठे और भ्रामक आरोप लगाता है, तो उसके खिलाफ मानहानि का दावा दायर किया जाएगा. उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर पूरे मामले का विधिसम्मत निस्तारण कराने की मांग की है.
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