Ayodhya Ram Mandir News: 44 की जगह अब 48 लेयर होगी राममंदिर की नींव

20 सितंबर तक पूरा हो जायेगा नींव भराई का काम

Ayodhya Ram Mandir News: 44 की जगह अब 48 लेयर होगी राममंदिर की नींव
Ram Mandir Ayodhya News

अयोध्या. रामनगरी में जल्द भव्य राममंदिर निर्माण की उम्मीद लगाए रामभक्तों को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि मंदिर निर्माण के लिये हो रहे नींव भराई के काम को थोड़ा और बढ़ा दिया गया, पहले नींव भराई 44 लेयर की होनी थी लेकिन अब मजबूती के मानकों को ध्यान में रखते हुये 4 लेयर और बढ़ा दी गई, इसी के साथ अब नींव की भराई 48 लेयर की होगी. श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का दावा है कि लेयर बढ़ाये जाने के बाद भी 20 सितंबर तक नींव भराई का काम पूरा कर लिया जायेगा.

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय न बताया कि राममंदिर की मजबूती के साथ ट्रस्ट किसी भी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करना चाहता है, यही कारण है कि ट्रस्ट हर कदम फूंक-फूंक कर रख रहा है.

गूगल पर भारतीय बस्ती को करें फॉलो- यहां करें क्लिक
टेलीग्राम पर भारतीय बस्ती को करें सब्सक्राइब - यहां करें क्लिक
व्हाट्सऐप पर भारतीय बस्ती को करें  सब्सक्राइब - यहां करें क्लिक
ट्विटर पर भारतीय बस्ती को करें फॉलो - यहां करें क्लिक
फेसबुक पर भारतीय बस्ती को करें लाइक - यहां करें क्लिक

Uttar Pradesh News: 5 लाख लोगों को राहत, नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो रूट पर बड़ा फैसला यह भी पढ़ें: Uttar Pradesh News: 5 लाख लोगों को राहत, नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो रूट पर बड़ा फैसला

ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय की मानें तो बुनियाद की लेयर भरने के बाद मजबूती के लिये प्रति लेयर को वाइब्रेटर से दबाया जा रहा है, पर मानकों के अनुसार अभी भी दो इंच का गैप आ रहा है, इसी कारण को देखते हुये लेयर की संख्या 44 की बजाय बढ़ा कर 48 की गईं हैं. उन्होंने उम्मीद जताई है कि 20 सितंबर तक नींव भराई का काम पूरा कर किया जायेगा.

UP के लाखों किसानों के लिए अलर्ट: PM Kisan की 22वीं किस्त पर संकट? तुरंत पूरा कर लें ये जरूरी काम यह भी पढ़ें: UP के लाखों किसानों के लिए अलर्ट: PM Kisan की 22वीं किस्त पर संकट? तुरंत पूरा कर लें ये जरूरी काम

On

About The Author

Bhartiya Basti Picture

भारतीय बस्ती, बस्ती और अयोध्या से प्रकाशित होने वाला प्रमुख समाचार पत्र है. इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग भारतीय बस्ती के संवाददाताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर की गई है