Google ने अपने अन्दाज में मनाया Vikram SaraBhai का 100वां जन्मदिन
Google ने भारत के प्रमुख वैज्ञानिक रहे डॉक्टर विक्रम साराभाई का 100वां जन्मदिन अपने अंदाज में मनाया है. Google ने एक doodle के जरिए उन्हें याद किया. 12 अगस्त 1919 को गुजरात के अहमदाबाद (तब के बॉम्बे प्रेसीडेंसी) में जन्में साराभाई को भारत सरकार ने विज्ञान के क्षेत्र में पद्मभूषण से सम्मानित किया था.
साराभाई ने अपने करियर में 83 शोध पत्र लिखे और 40 से ज्यादा संस्थानों की नींव रखी. साराभाई के नाम पर ही विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (Vikram Sarabhai Space Centre) खोला गया जो भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन, ( इसरो- Indian Space Research Organisation, ISRO) का महत्वपूर्ण केंद्र है.
बिना साराभाई का जिक्र किए भारतीय अंतरिक्ष इतिहास की कल्पना ही नहीं की जा सकती है. गूगल के डूडल में आप देख सकते हैं की विक्रम साराभाई की तस्वीर के साथ एक राकेट और चाँद दिख रहा है.
डॉ.साराभाई भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक के रूप में जाने जाते थे.डॉ.साराभाई ने अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने के साथ साथ जब वे साल 1947 में कैम्ब्रिज से स्वतंत्र भारत में लौटे तो अहमदाबाद स्थित अपने घर के पास परिवार और दोस्तों के द्वारा नियंत्रित चैरिटेबल ट्रस्ट को एक शोध संस्था को दान करने के लिए मनाया। इस तरह विक्रम साराभाई ने अहमदाबाद में PRL स्थापित किया. इस वक़्त उनकी उम्र सिर्फ 28 साल ही थी.
Google ने अपने अन्दाज में मनाया Vikram SaraBhai का 100वां जन्मदिन
Google ने भारत के प्रमुख वैज्ञानिक रहे डॉक्टर विक्रम साराभाई का 100वां जन्मदिन अपने अंदाज में मनाया है. Google ने एक doodle के जरिए उन्हें याद किया. 12 अगस्त 1919 को गुजरात के अहमदाबाद (तब के बॉम्बे प्रेसीडेंसी) में जन्में साराभाई को भारत सरकार ने विज्ञान के क्षेत्र में पद्मभूषण से सम्मानित किया था.
साराभाई ने अपने करियर में 83 शोध पत्र लिखे और 40 से ज्यादा संस्थानों की नींव रखी. साराभाई के नाम पर ही विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (Vikram Sarabhai Space Centre) खोला गया जो भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन, ( इसरो- Indian Space Research Organisation, ISRO) का महत्वपूर्ण केंद्र है.
बिना साराभाई का जिक्र किए भारतीय अंतरिक्ष इतिहास की कल्पना ही नहीं की जा सकती है. गूगल के डूडल में आप देख सकते हैं की विक्रम साराभाई की तस्वीर के साथ एक राकेट और चाँद दिख रहा है.
डॉ.साराभाई भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक के रूप में जाने जाते थे.डॉ.साराभाई ने अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने के साथ साथ जब वे साल 1947 में कैम्ब्रिज से स्वतंत्र भारत में लौटे तो अहमदाबाद स्थित अपने घर के पास परिवार और दोस्तों के द्वारा नियंत्रित चैरिटेबल ट्रस्ट को एक शोध संस्था को दान करने के लिए मनाया। इस तरह विक्रम साराभाई ने अहमदाबाद में PRL स्थापित किया. इस वक़्त उनकी उम्र सिर्फ 28 साल ही थी.
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