वाराणसी–आजमगढ़ का सफर अब बनेगा आसान, 15 KM नई रेल लाइन को हरी झंडी
.jpg)
उत्तर प्रदेश: पूर्वोत्तर रेलवे की एक बड़ी परियोजना को रेलवे बोर्ड द्वारा मंजूरी मिल चुकी है. खुरहट से पिपरीडीह (मऊ बाईपास) के बीच लगभग 15 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने की योजना अब जमीनी स्तर पर उतरने वाली है. इसके शुरू होने के बाद वाराणसी से आजमगढ़ का सफर काफी आसान और सुगम हो जाएगा.
मंजूरी के साथ मिला बजट
रेलवे बोर्ड ने इस योजना को हरी झंडी देने के साथ ही सर्वे के लिए 30 लाख रुपये का बजट भी जारी कर दिया है. वर्तमान में वाराणसी सिटी से आजमगढ़ की रेल दूरी लगभग 136 किलोमीटर है. ट्रेनें वाराणसी से संचालित होकर औड़िहार, मऊ, खुरहट और मोहम्मदाबाद होकर आजमगढ़ आती हैं. सबसे बड़ी परेशानी यह है कि मऊ जंक्शन से ट्रेन को यू-टर्न लेना पड़ता है, इसके अलावा इंजन बदलना पड़ता है. इस प्रक्रिया में समय तो ज्यादा लगता ही है, साथ ही यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है.
नई रेल लाइन से होगा लाभ
योजना के अंतर्गत मऊ जंक्शन से करीब 11 किलोमीटर पहले पिपरीडीह से खुरहट स्टेशन तक सीधा रेल ट्रैक का निर्माण किया जाएगा. इससे ट्रेन बिना इंजन बदले सीधे आजमगढ़ जा सकेगी. दूरी लगभग 11 किलोमीटर कम हो जाएगी. इंजन बदलने में लगने वाला समय बचेगा. परिचालन में लगभग 1 घंटे की बचत होगी.
सफर में समय की बचत
परियोजना पूरी होने के बाद एक्सप्रेस ट्रेन 125 किलोमीटर की दूरी केवल 2 घंटे में पूरी हो जाएगी. पैसेंजर ट्रेन लगभग 127 किलोमीटर की दूरी 2.5 घंटे में पूरी कर लेगी. वर्तमान में यही सफर 4 घंटे में पूरा होता है, यही कारण है कि यात्रियों के लिए यह परिवर्तन काफी लाभदायक होगा.
अभी तक यात्री ट्रेन के अलावा बसों को अधिक उपयुक्त मान रहे हैं. ऐसा इसीलिए क्योंकि रोडवेज बसें 3 घंटे में 179 रुपये में आजमगढ़ पहुंचा देती हैं. वहीं जनरथ बसें करीब 225 रुपये में 2.5 घंटे का सफर तय कराती हैं. इसके अतिरिक्त, ट्रेनें भले सस्ती हों परंतु समय अधिक लगने के कारण यात्री बस से सफर करना अधिक आसान मानते हैं.
ताजा खबरें
About The Author

शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।