उत्तर प्रदेश में ई-खसरा पड़ताल और किसान रजिस्ट्रेशन पर सख्त निर्देश
. उप कृषि निदेशक विनय कुमार वर्मा ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार एवं मार्गदर्शन में एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत किसानों का ई-खसरा पड़ताल एवं किसान रजिस्ट्रेशन (फार्मर आईडी) बनाए जाने का कार्य कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं कॉमन सर्विस सेंटर की सक्रिय भागीदारी से संचालित किया जा रहा है. हाल ही में संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सीएससी/जनसुविधा केन्द्र एवं संबद्ध एजेंसियों द्वारा भौतिक/ऑफलाइन मोड में किसान पहचान पत्र जारी करने की गलत व अवैधानिक गतिविधियाँ की जा रही हैं. इस प्रकार की गतिविधियों का न तो कृषि विभाग से कोई संबंध है और न ही यह योजना का हिस्सा है.
उप कृषि निदेशक श्री वर्मा ने बताया कि कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत किसी भी प्रकार का भौतिक/ऑफलाइन किसान पहचान पत्र जारी नहीं किया जा रहा है. केवल ऑनलाइन माध्यम से किसान पंजीकरण का कार्य ही वैध है. श्री वर्मा ने कृषकों से अपेक्षा की है कि ऐसे भ्रामक प्रयासों से सतर्क रहें. किसी भी प्रकार के पहचान पत्र (फार्मर आईडी) अथवा उसकी फोटो कॉपी को किसी भी संस्था द्वारा वितरित करना या प्रकाशित करना पूर्णतः प्रतिबंधित है.
किसान भाइयों से अनुरोध है कि यदि इस प्रकार का कोई मामला कहीं पर भी सामने आता है तो तत्काल इसकी सूचना अपने जनपद के कृषि विभाग/राजस्व विभाग के अधिकारियों को दें. इसके अतिरिक्त टोल-फ्री नंबर 0522-2317003 पर भी जानकारी दी जा सकती है. उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही किसान रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूर्ण करें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचें.
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