यूपी में जारी होगा नया लेबर कोड, होंगे यह बदलाव

यूपी में जारी होगा नया लेबर कोड, होंगे यह बदलाव
यूपी में जारी होगा नया लेबर कोड, होंगे यह बदलाव

उत्तर प्रदेश: प्रदेश में काम करने वाले कर्मचारियों और उद्योग जगत के लिए आने वाले महीने महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं. केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए लेबर कोड को राज्य में लागू करने की दिशा में तेज़ी से काम चल रहा है. अप्रैल से इसे लागू करने की तैयारी की जा रही है. राज्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए श्रम विभाग ने केंद्रीय मसौदे में कुछ छोटे बदलाव किए हैं और संशोधित प्रस्ताव विधि विभाग को भेज दिया गया है.

जनवरी में होगा ड्राफ्ट जारी, मांगी जाएंगी आपत्तियां

सरकार की योजना है कि जनवरी के दौरान लेबर कोड बिल का ड्राफ्ट सार्वजनिक किया जाए. इसके बाद 45 दिनों तक आम लोगों, उद्योगों और संगठनों से आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे. जरूरी संशोधन करने के बाद बिल को अंतिम रूप देकर अधिसूचित किया जाएगा. इसके साथ ही नए नियमों का पालन सभी पर अनिवार्य हो जाएगा.

29 कानूनों की जगह अब सिर्फ 4 कोड

अब तक देश में श्रम से जुड़े 29 केंद्रीय कानून लागू थे, जिन्हें समेटकर सरकार ने 4 लेबर कोड तैयार किए हैं. केंद्र सरकार ने इन्हें पिछले वर्ष 21 नवंबर को लागू भी कर दिया था. राज्यों को इन्हें अपनाने के लिए 90 दिन का समय दिया गया था. इसी क्रम में दिसंबर में 4 अलग-अलग समितियां गठित की गईं, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर 9 जनवरी को संशोधित बिल विधि विभाग को भेजा गया.

यूपी को मिलेगा नया एलीवेटेड ग्रीन फील्ड हाईवे, 5700 करोड़ की परियोजना को केंद्र की मंजूरी यह भी पढ़ें: यूपी को मिलेगा नया एलीवेटेड ग्रीन फील्ड हाईवे, 5700 करोड़ की परियोजना को केंद्र की मंजूरी

हर कर्मचारी को मिलेगा नियुक्ति पत्र

नए लेबर कोड की सबसे अहम बात यह है कि अब हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा. चाहे कर्मचारी स्थायी हो, अस्थायी, संविदा पर हो, दिहाड़ी मजदूर हो या आउटसोर्सिंग के जरिए रखा गया हो. नियुक्ति पत्र में वेतन, सेवा शर्तें और अन्य जरूरी जानकारियां साफ-साफ लिखनी होंगी. अभी तक कई कंपनियां नियुक्ति पत्र देने से बचती रही हैं, लेकिन नए नियम में इसकी अनुमति नहीं होगी.

लखनऊ में 12 गांवों में चला बुलडोजर, 20 करोड़ की सरकारी जमीन कब्जामुक्त यह भी पढ़ें: लखनऊ में 12 गांवों में चला बुलडोजर, 20 करोड़ की सरकारी जमीन कब्जामुक्त

ग्रेच्युटी, ईपीएफ और ईएसआई पर सख्ती

नए कोड में फिक्स्ड टर्म इंप्लॉयमेंट को भी ग्रेच्युटी के दायरे में लाया गया है. कर्मचारी ने जितने दिन काम किया है, उसी अनुपात में उसे ग्रेच्युटी देनी होगी. इसके अलावा ईपीएफ और ईएसआई का लाभ देना हर हाल में जरूरी होगा. कंपनियां अब इन सुविधाओं से बच नहीं पाएंगी.

UP के इस जिले में 14–15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित, स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद यह भी पढ़ें: UP के इस जिले में 14–15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित, स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद

बेसिक सैलरी बढ़ेगी, अधिकार मजबूत होंगे

अब कंपनियों को कुल वेतन का कम से कम 50% हिस्सा बेसिक पे के रूप में देना होगा. अभी कई कंपनियां बेसिक पे कम रखकर ईपीएफ की हिस्सेदारी से बचती हैं. श्रम विभाग का कहना है कि इससे कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन भविष्य की सुविधाएं मजबूत होंगी. इसके साथ ही 40 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों का सालाना हेल्थ चेकअप कराना भी कंपनियों के लिए अनिवार्य होगा.

एक लाइसेंस, पूरे देश में कारोबार

नए नियमों से उद्योग लगाने की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी. अब अलग-अलग राज्यों में फैक्ट्री खोलने के लिए अलग लाइसेंस नहीं लेना होगा. एक ही लाइसेंस पूरे देश में मान्य होगा. उद्यमी केवल भारत सरकार के पोर्टल पर आवेदन कर देश के किसी भी हिस्से में अपना कारोबार शुरू कर सकेंगे.

श्रमायुक्त मार्कण्डेय शाही ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में चारों लेबर कोड अप्रैल से लागू करने की तैयारी चल रही है. राज्य की परिस्थितियों के अनुसार जरूरी बदलाव किए गए हैं. विधि विभाग से मंजूरी मिलने के बाद बिल का प्रकाशन होगा. 45 दिन तक आपत्तियां ली जाएंगी और फिर अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी.

इंस्पेक्टर राज से राहत, नए नाम से होंगे अधिकारी

नए लेबर कोड के लागू होने के बाद उद्योग जगत को इंस्पेक्टर राज से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. अब लेबर इंस्पेक्टर को फैसिलिटेटर कहा जाएगा. उनके अधिकार सीमित होंगे और वे सीधे मुकदमा दर्ज नहीं कर सकेंगे. अधिकतम समझौता शुल्क लगाया जा सकेगा. हालांकि, यदि कोई कंपनी बार-बार नियमों का उल्लंघन करती है, तो एफआईआर का प्रावधान बना रहेगा.

रजिस्टरों की संख्या घटेगी, काम होगा आसान

नए कोड में रिटर्न फाइल करना भी सरल कर दिया गया है. अभी जहां 78 रजिस्टर रखने पड़ते हैं, वहीं अब केवल 8 रजिस्टर में सारी जानकारी दर्ज करनी होगी. यूनिफाइड सिंगल रिटर्न की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे उद्योगों का बोझ काफी कम होगा.

On

About The Author

Shobhit Pandey Picture

शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।