लखनऊ में 12 गांवों में चला बुलडोजर, 20 करोड़ की सरकारी जमीन कब्जामुक्त
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीन को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है. लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जों पर कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग ने बड़ा अभियान चलाया, जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई. इस कार्रवाई का असर कई गांवों में साफ तौर पर देखने को मिला, जहां सरकारी भूमि पर बने अवैध ढांचे ध्वस्त कर दिए गए.
प्रशासन की सख्त कार्रवाई, मचा हड़कंप
बीते शुक्रवार को सरोजनीनगर तहसील प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया. इस अभियान की कमान उप जिलाधिकारी अंकित शुक्ला ने संभाली. जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के तहत गठित राजस्व टीमों ने जेसीबी मशीनों की मदद से सरकारी जमीन पर बने कच्चे निर्माण हटाए. सुबह से शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक चलती रही.
12 गांवों में चला अभियान
प्रशासन की यह कार्रवाई तहसील क्षेत्र के 12 गांवों में की गई. बेहटा, शिवरी, अमौसी, समदा, लतीफनगर, बेंती, बरौना, हरिहरपुर, बिसरा, मोहम्मदीनगर, सरसवा और चकौली गांवों में टीमों ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जों को हटाया. अचानक हुई कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में अफरा-तफरी का माहौल नजर आया.
करोड़ों की सरकारी जमीन कराई गई मुक्त
अभियान के दौरान कुल 18 गाटों की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया. मुक्त कराई गई जमीन का कुल रकबा 3.0817 हेक्टेयर बताया गया है. प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस भूमि की अनुमानित बाजार कीमत करीब 20 करोड़ 31 लाख 85 हजार 600 रुपये है. लंबे समय से कब्जे में रही इस जमीन के खाली होने से सरकारी रिकॉर्ड भी दुरुस्त किया जाएगा.
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
उप जिलाधिकारी अंकित शुक्ला ने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे.
उन्होंने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से अपील की कि वे सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण न करें. यदि किसी को भूमि से जुड़ी कोई समस्या या भ्रम है तो वह सीधे प्रशासन से संपर्क करे. प्रशासन द्वारा सरकारी संपत्ति को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
लखनऊ में 12 गांवों में चला बुलडोजर, 20 करोड़ की सरकारी जमीन कब्जामुक्त
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीन को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है. लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जों पर कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग ने बड़ा अभियान चलाया, जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई. इस कार्रवाई का असर कई गांवों में साफ तौर पर देखने को मिला, जहां सरकारी भूमि पर बने अवैध ढांचे ध्वस्त कर दिए गए.
प्रशासन की सख्त कार्रवाई, मचा हड़कंप
बीते शुक्रवार को सरोजनीनगर तहसील प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया. इस अभियान की कमान उप जिलाधिकारी अंकित शुक्ला ने संभाली. जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के तहत गठित राजस्व टीमों ने जेसीबी मशीनों की मदद से सरकारी जमीन पर बने कच्चे निर्माण हटाए. सुबह से शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक चलती रही.
12 गांवों में चला अभियान
प्रशासन की यह कार्रवाई तहसील क्षेत्र के 12 गांवों में की गई. बेहटा, शिवरी, अमौसी, समदा, लतीफनगर, बेंती, बरौना, हरिहरपुर, बिसरा, मोहम्मदीनगर, सरसवा और चकौली गांवों में टीमों ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जों को हटाया. अचानक हुई कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में अफरा-तफरी का माहौल नजर आया.
करोड़ों की सरकारी जमीन कराई गई मुक्त
अभियान के दौरान कुल 18 गाटों की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया. मुक्त कराई गई जमीन का कुल रकबा 3.0817 हेक्टेयर बताया गया है. प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस भूमि की अनुमानित बाजार कीमत करीब 20 करोड़ 31 लाख 85 हजार 600 रुपये है. लंबे समय से कब्जे में रही इस जमीन के खाली होने से सरकारी रिकॉर्ड भी दुरुस्त किया जाएगा.
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
उप जिलाधिकारी अंकित शुक्ला ने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे.
उन्होंने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से अपील की कि वे सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण न करें. यदि किसी को भूमि से जुड़ी कोई समस्या या भ्रम है तो वह सीधे प्रशासन से संपर्क करे. प्रशासन द्वारा सरकारी संपत्ति को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।