100 साल चलेगा नया पुल! बाराबंकी में जमुरिया नदी पर हाईटेक बॉक्स कल्वर्ट ब्रिज तैयार
पुराने पुल से बढ़ गई थी परेशानी
अब तक शहर में यातायात एक पुराने, संकरे और एक लेन वाले पुल पर निर्भर था. वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ यह पुल शहर के लिए बड़ी समस्या बन चुका था. सुबह से लेकर शाम तक यहां जाम की स्थिति बनी रहती थी, जिससे आम लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती थी. इसी कारण नए और मजबूत पुल की मांग लंबे समय से की जा रही थी.
सड़क नेटवर्क का अहम हिस्सा है यह मार्ग
नगर पालिका परिषद नवाबगंज के भीतर से गुजरने वाला सफेदाबाद से चौपुला तक का मार्ग लगभग 16 किलोमीटर लंबा है. पहले यह सड़क लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा थी. बाद में लखनऊ-अयोध्या हाईवे बनने के बाद इस मार्ग को अलग कर दिया गया और इसका रखरखाव लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया गया. इस सड़क के असैनी से रामनगर तिराहा तक लग 12 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन में बदला जाना है, जिसमें जमुरिया नदी सबसे अहम बाधा थी.
आधुनिक तकनीक से तैयार हुआ नया पुल
नदी के बीच में बनने वाला नया पुल आधुनिक बॉक्स कल्वर्ट तकनीक से तैयार किया गया है. इस पुल में ऊपर और नीचे दो मजबूत छत बनाई गई हैं, जो मोटी कंक्रीट दीवारों पर टिकी हैं. इंजीनियरों के अनुसार, यह पुल भार सहन करने की क्षमता में किसी भी आर्च ब्रिज से कम नहीं है और इसकी आयु भी सौ साल से अधिक मानी जा रही है.
यह भी पढ़ें: UP में नया स्टेट हाइवे प्रस्तावित: अलीगढ़-हाथरस से संभल की दूरी होगी कम, 81 KM की नई सड़कअंग्रेजी दौर के पुल की जगह लिया नया ढांचा
लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर बताते हैं कि पहले जमुरिया नदी पर बना पुल ब्रिटिश सरकार के समय का था. उस दौर में रोमन आर्च तकनीक से पुल बनाए जाते थे, जिनका डिजाइन अर्धवृत्ताकार होता था. यह पुल भी करीब 1927 के आसपास बना था और लंबे समय तक भारी भार सहन करता रहा. हालांकि समय के साथ यह पुल कमजोर हो गया, जिसके बाद इसे हटाकर नया हाईटेक बॉक्स कल्वर्ट ब्रिज बनाया गया.
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राय ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि पुल का निर्माण अब अंतिम चरण में है और फरवरी महीने तक इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा. फिलहाल दोनों ओर संपर्क मार्ग को दुरुस्त किया जा रहा है. पुल के चालू होते ही शहर को जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
जमुरिया नदी पर बने इस नए पुल की कुल लागत लगभग 2.50 करोड़ रुपये है. इसमें पानी की निकासी के लिए 10-10 मीटर के 3 बड़े होल बनाए गए हैं. पुल की कुल लंबाई 30 मीटर है और यह चार मोटी दीवारों पर टिका हुआ है. परियोजना का 85% से अधिक काम पूरा किया जा चुका है.
ताजा खबरें
About The Author
शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।