यूपी के इस जिले में बस अड्डे होंगे शिफ्ट, जल्द शुरू होगा काम

यूपी के इस जिले में बस अड्डे होंगे शिफ्ट, जल्द शुरू होगा काम
यूपी के इस जिले में बस अड्डे होंगे शिफ्ट, जल्द शुरू होगा काम

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चारबाग बस अड्डे से चलने वाली बसों को लेकर परिवहन विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. लंबे समय से चल रही अव्यवस्था और बढ़ते दबाव को ध्यान हुए अब बसों की शिफ्टिंग एक साथ नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से की जाएगी. यह प्रक्रिया 15 जनवरी से शुरू होने जा रही है. यह ध्यान देने योग्य है कि अब बसों को केवल आलमबाग तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि अवध बस अड्डे को भी संचालन में शामिल किया गया है, जिससे एक ही स्थान पर भीड़ न बढ़े.

हाल ही में चारबाग की बसों को आलमबाग शिफ्ट करने को लेकर अव्यवस्था की आशंका सामने आई थी. बताया गया था कि आलमबाग बस अड्डे पर पहले से ही करीब 950 बसों की आवाजाही है और यदि चारबाग की लगभग 315 बसें वहां भेज दी जातीं, तो स्थिति संभालना मुश्किल हो जाता. इस चेतावनी को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया और व्यवस्था सुधारने के लिए नई रणनीति तैयार की.

अब दो बस अड्डों से होगा संचालन

नई योजना के अंतर्गत चारबाग की बसों को आलमबाग और अवध बस अड्डे दोनों जगह शिफ्ट किया जाएगा.

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  • गोरखपुर रूट की बसें अब अवध बस अड्डे से संचालित की जाएंगी.
  • कानपुर, रायबरेली और लालगंज रूट की बसों को आलमबाग भेजा जाएगा.

इस बंटवारे से बसों का दबाव कम होगा और यात्रियों को भी बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है. वर्तमान में यह तय किया जा रहा है कि किस बस अड्डे पर कितनी बसें जाएंगी, जिससे संचालन में किसी तरह की रुकावट न आए.

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पार्किंग को लेकर अफसरों का दावा

आलमबाग बस अड्डे पर पार्किंग को लेकर अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में रहेगी. यहां करीब 100 बसों की पार्किंग क्षमता है. इसके अलावा अलग-अलग समय स्लॉट में प्लेटफॉर्म खाली हो जाते हैं, जिससे बसों को खड़ा करने में दिक्कत नहीं होगी. विभाग का दावा है कि इससे सड़क पर बसें खड़ी नहीं होंगी और यात्रियों को परेशानी नहीं होगी.

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चारबाग बस अड्डे का नया रूप

चारबाग बस अड्डे को पूरी तरह आधुनिक रूप देने की तैयारी चल रही है. लगभग 6500 वर्गमीटर क्षेत्र में इसे नया रूप दिया जाएगा, जिस पर लगभग 55 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह 6 मंजिला अत्याधुनिक बस अड्डा होगा, जहां यात्रियों के लिए फूड कोर्ट, मॉल, वेटिंग लाउंज और अन्य सुविधाएं मौजूद होंगी. निर्माण पूरा होने के बाद चारबाग की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी.

कैसरबाग क्यों नहीं बना विकल्प

चारबाग की बसों को कैसरबाग बस अड्डे पर शिफ्ट करने का विकल्प भी सामने आया था, लेकिन इसे तुरंत खारिज कर दिया गया. वजह साफ है कि कैसरबाग से पहले ही सीतापुर, लखीमपुर और हरदोई रूट की लगभग 700 बसें चलती हैं. यह बस अड्डा पहले से ही ओवरलोडेड है और यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है. ऐसे में वहां और बसें भेजना समस्या को और बढ़ा सकता है.

जाम की चुनौती अब भी जारी 

हालांकि बसों की शिफ्टिंग से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन जाम की समस्या अभी पूरी तरह खत्म होती नजर नहीं आ रही है. चारबाग से बसें हटने के बाद जाम का दबाव आलमबाग और नहरिया क्षेत्र की ओर शिफ्ट हो सकता है. अवध बस अड्डे के आसपास भी ट्रैफिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. वर्तमान में यात्रियों को जाम से पूरी राहत दिलाने के लिए कोई ठोस ट्रैफिक प्लान सामने नहीं आया है. 

अधिकारियों का बयान

परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक आर.के. त्रिपाठी ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि चारबाग की बसों को आलमबाग और अवध बस अड्डे पर धीरे-धीरे शिफ्ट किया जाएगा. कैसरबाग पहले से ही क्षमता से अधिक भरा है, इसलिए वहां बसें नहीं भेजी जाएंगी. आलमबाग में जाम न लगे, इसके लिए संबंधित विभागों के साथ लगातार मंथन किया जा रहा है.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।