यूपी से बंगाल सिर्फ अब सिर्फ 9 घंटे में! बन रहा है ये खास एक्सप्रेस वे, 32000 करोड़ होंगे खर्च
इस एक्सप्रेसवे के लिए करीब 32,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह एक्सप्रेस वे आजमगढ़ लिंक एक्सप्रेस वे से भी जुड़ेगा. यह एक्सप्रेस वे यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल से गुजरेगा. यह एक्सप्रेस वे यूपी में 84.3 किलोमीटर, बिहार में 416.2 किलोमीटर और बंगाल में 18.97 किलोमीटर बनेगा. यूपी में यह एक्सप्रेस वे गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर के रास्ते गुजरेगा. इसके लिए 111 गावों की जमीन अधिग्रहित की गई है.
Bihar में कहां से होगी एंट्री?
वहीं बिहार में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौली, अररिया और किशनगंज के रास्ते सिलीगुड़ी तक एक्सप्रेस वे जाएगा. गोरखपुर के जगदीशपुर से शुरू होकर एक्सप्रेस वे कुशीनगर के तमकुहीराज तहसील से बिहार के गोपालगंज में पहुंचेगा. इस एक्सप्रेस वे से मोतिहारी से सिलीगुड़ी की दूी 390 और गोरखपुर से 130 किलोमीटर रह जाएगी.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा 2021 में प्रस्तावित गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे का निर्माण 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है. एनएचएआई ने एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल को एक्सप्रेसवे की डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया है. जिसके बाद मई 2022 में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई. योजना के अनुसार, इस परियोजना में कोई पुरानी सड़क शामिल नहीं है क्योंकि इसे आबादी से दूर बनाया जाएगा.
गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल है. इस परियोजना का उद्देश्य गोरखपुर को पूर्वोत्तर से जोड़ना है.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है