कांग्रेस के पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ल का निधन, प्रियंका ने जताया दुःख

कांग्रेस के पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ल का निधन, प्रियंका ने जताया दुःख
Ishwar Chandra Shukla

संवाददाता सिद्धार्थनगर (भाब). उत्तर प्रदेश स्थित सिद्धार्थनगर जिले के कद्दावर नेताओं में शुमार कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ल (Ishwar Chandra Shukla) का शनिवार रात हृदयगति रुकने से निधन हो गया. रविवार को उनका उस्का क्षेत्र के नौखनिया घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया. कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, प्रांतीय अध्यक्ष अजय कुमार ने ट्यूट कर संवेदना व्यक्त की है. अंतिम संस्कार में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सचिन नाइक सहित भारी संख्या में लोग शामिल हुए.

तीन जनवरी 1948 को उस्का क्षेत्र के करमा गांव में आद्या प्रसाद शुक्ल के घर जन्मे ईश्वर चंद्र शुक्ल इलाहाबाद विवि से एलएलबी, बीएड करने के बाद से राजनीति में सक्रिय हो गया थे. शुरआत दौर से ही कांग्रेस से जुड़ाव रहा. अपने व्यक्तित्व से हर किसी को प्रभावित करने वाले ईश्वर चंद्र ने विधानसभा चुनाव कई बार लड़ा लेकिन उन्हें नौगढ़ विधानसभा (अब कपिलवस्तु) से 2007 में मिली. विधायक रहने के दौरान लोगों की जरूरत पर तो खड़े ही रहते थे जब कुछ भी नहीं थे तब भी लोगों के बीच ही नजर आते थे. शनिवार की सुबह शहर के अपने बुधनगर मोहल्ला स्थित आवास से तैयार होकर बांसी क्षेत्र में भ्रमण के लिए निकले. देर शाम गए घर वापस आए. कुछ देर बाद शौच के लिए चले गए. शौचालय से बाहर निकलने के बाद सीधे अपने बेडरूम में जाकर लाइट बुझाई और बेड पर लेट गए.

रात करीब नौ बजे उनका पौत्र खाने के लिए बुलाने गया पर वह बोले नहीं. आवाज सुनकर बड़े पुत्र प्रभात शुक्ल कमरे पहुंचे गए. इस दौरान उनके छोटे पुत्र विमल शुक्ल ने कुछ दूर पर रह रहे डॉ. ओपी श्रीवास्तव को बुला लिया. उन्होंने नब्ज टटोली तो चलाना बंद हो चुकी थी. इस बाद भी इस उम्मीद में कि पापा की सांस वापस आ जाए पुत्र प्रभात शुक्ल लेकर जिला अस्पताल चले गए जहां डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया. रविावार की सुबह शव को उनके पैतृक गांव उस्का के करमा में ले जाया गया. जहां लोगों ने अंतिम दर्शन किया. दोपहर करीब 12 बजे नौखनिया घाट पर अंतिम सस्कार कर दिया गया. शव यात्रा व अंतिम संस्कार में भारी भीड़ रही.
दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर

पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ल को अंतिम संस्कार से पहले गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. नायब तहसीलदार, उस्का थाना की फोर्स इस दौरान मौजूद रही. गार्ड ऑफ ऑनर के बाद उन्हें पंचतत्व में विलीन कर दिया गया.

अंतिम संस्कार में ये रहे शामिल
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीस सचिव सचिन नाइक, जिला प्रभारी देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष काजी सुहैल अहमद, पूर्व सांसद मो मोकीम, पूर्व विधायक अनिल सिंह, भाजपा विधायक श्याम धनी राही, सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव, पूर्व विधायक विजय पासवान, पूर्व पालिका अध्यक्ष मोहम्मद जमील सिद्दीकी, निवर्तमान शिक्षक विधायक धु्रव कुमार त्रिपाठी, पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष पीआर आजाद, पूर्व नपं अध्यक्ष हेमंत जायसवाल, डॉ. दीपेंद्र सिंह, डॉ. बख्तियार उस्मानी, नपं अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेश यादव, डॉ. चंद्रेश उपाध्याय, राजाराम लोधी, मेरली मिश्र, कलाम सिद्दीकी, मुमताज अहमद आदि मौजूद रहे.

पूर्व विधायक के पिता के नाम पर उस्का में बसा है मोहल्ला
नगर पंचायत उस्का बाजार का सृजन हुआ तो मोहल्लों का नामकरण होने लगा. उनमें से एक मोहल्ला आद्या नगर के नाम से भी बसाया गया. यह पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ल के पिता थे.

स्व. ईश्वर चंद्र का सियासी सफर
1977 में यूथ कांग्रेस के महामंत्री बने, 1978 में को-ऑपेरटिव बैंक के डायरोक्टर चुने गए, 1980 से 90 तक उस्का बाजार के ब्लॉक प्रमुख रहे, 1989 में पहली बार विस चुनाव कांग्रेस के टिकट पर नौगढ़ (अब कपिलवस्तु) विस से लड़े, 2007 में नौगढ़ विस से पहली बार कांगेस के टिक पर विधायक चुने गए, नौगढ़ विस आरक्षित होने की वजह से 2012 का चुनाव बांसी विस से लड़े और हार का सामना करना पड़ा. वह कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष, आईसीसी मेंबर के साथ निवर्तमान प्रांतीय उपाध्यक्ष भी रहे.
प्रियंका शोक संदेश विधायक के पुत्र को सौंपा

पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ल के निधन पर कांग्रेस पार्टी की राष्ट्री महासचिव प्रियंका गांधी ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उनके पुत्र प्रभात शुक्ल के नाम से शोकसंदेश भेजा. जिलाध्यक्ष काजी सुहैल अहमद ने सौंपा. लिखा है कि ईश्वर चंद्र शुक्ल के निधन का समाचार मिला. उन्होंने अपने पूरे जीवन सादा जीवन, उच्च विचार के गुण के साथ हम तमाम लोगों को प्रेरणा दी है. कांग्रेस पार्टी के लिए अभिभावक की तरह रहे. निरंतर सेवा में लगे सिपाही थे. उनके निधन से पूरे कांग्रेस परिवार को अपूर्णनीय क्षति हुई है.

अंतिम संस्कार में टूटी दलीय आस्था
पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ल भले ही कांग्रेस के सिपाही रहे लेकिन उनके संबंध सभी दलों के नेताओं से बेहतर रहे. यही कारण रहा उनकी मौत की खबर सुनकर हर कोई हैरान रहा. उनके अंतिम संस्कार में सिर्फ कांग्रेसी या उनकेसमर्थकों की ही भीड़ नहीं रही बल्कि दूसरे दलों सपा, बसपा, भाजपा के लोग भी शामिल हुए.

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
28 Sep 2020 By Bhartiya Basti

कांग्रेस के पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ल का निधन, प्रियंका ने जताया दुःख

संवाददाता सिद्धार्थनगर (भाब). उत्तर प्रदेश स्थित सिद्धार्थनगर जिले के कद्दावर नेताओं में शुमार कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ल (Ishwar Chandra Shukla) का शनिवार रात हृदयगति रुकने से निधन हो गया. रविवार को उनका उस्का क्षेत्र के नौखनिया घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया. कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, प्रांतीय अध्यक्ष अजय कुमार ने ट्यूट कर संवेदना व्यक्त की है. अंतिम संस्कार में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सचिन नाइक सहित भारी संख्या में लोग शामिल हुए.

तीन जनवरी 1948 को उस्का क्षेत्र के करमा गांव में आद्या प्रसाद शुक्ल के घर जन्मे ईश्वर चंद्र शुक्ल इलाहाबाद विवि से एलएलबी, बीएड करने के बाद से राजनीति में सक्रिय हो गया थे. शुरआत दौर से ही कांग्रेस से जुड़ाव रहा. अपने व्यक्तित्व से हर किसी को प्रभावित करने वाले ईश्वर चंद्र ने विधानसभा चुनाव कई बार लड़ा लेकिन उन्हें नौगढ़ विधानसभा (अब कपिलवस्तु) से 2007 में मिली. विधायक रहने के दौरान लोगों की जरूरत पर तो खड़े ही रहते थे जब कुछ भी नहीं थे तब भी लोगों के बीच ही नजर आते थे. शनिवार की सुबह शहर के अपने बुधनगर मोहल्ला स्थित आवास से तैयार होकर बांसी क्षेत्र में भ्रमण के लिए निकले. देर शाम गए घर वापस आए. कुछ देर बाद शौच के लिए चले गए. शौचालय से बाहर निकलने के बाद सीधे अपने बेडरूम में जाकर लाइट बुझाई और बेड पर लेट गए.

रात करीब नौ बजे उनका पौत्र खाने के लिए बुलाने गया पर वह बोले नहीं. आवाज सुनकर बड़े पुत्र प्रभात शुक्ल कमरे पहुंचे गए. इस दौरान उनके छोटे पुत्र विमल शुक्ल ने कुछ दूर पर रह रहे डॉ. ओपी श्रीवास्तव को बुला लिया. उन्होंने नब्ज टटोली तो चलाना बंद हो चुकी थी. इस बाद भी इस उम्मीद में कि पापा की सांस वापस आ जाए पुत्र प्रभात शुक्ल लेकर जिला अस्पताल चले गए जहां डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया. रविावार की सुबह शव को उनके पैतृक गांव उस्का के करमा में ले जाया गया. जहां लोगों ने अंतिम दर्शन किया. दोपहर करीब 12 बजे नौखनिया घाट पर अंतिम सस्कार कर दिया गया. शव यात्रा व अंतिम संस्कार में भारी भीड़ रही.
दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर

पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ल को अंतिम संस्कार से पहले गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. नायब तहसीलदार, उस्का थाना की फोर्स इस दौरान मौजूद रही. गार्ड ऑफ ऑनर के बाद उन्हें पंचतत्व में विलीन कर दिया गया.

अंतिम संस्कार में ये रहे शामिल
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीस सचिव सचिन नाइक, जिला प्रभारी देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष काजी सुहैल अहमद, पूर्व सांसद मो मोकीम, पूर्व विधायक अनिल सिंह, भाजपा विधायक श्याम धनी राही, सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव, पूर्व विधायक विजय पासवान, पूर्व पालिका अध्यक्ष मोहम्मद जमील सिद्दीकी, निवर्तमान शिक्षक विधायक धु्रव कुमार त्रिपाठी, पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष पीआर आजाद, पूर्व नपं अध्यक्ष हेमंत जायसवाल, डॉ. दीपेंद्र सिंह, डॉ. बख्तियार उस्मानी, नपं अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेश यादव, डॉ. चंद्रेश उपाध्याय, राजाराम लोधी, मेरली मिश्र, कलाम सिद्दीकी, मुमताज अहमद आदि मौजूद रहे.

पूर्व विधायक के पिता के नाम पर उस्का में बसा है मोहल्ला
नगर पंचायत उस्का बाजार का सृजन हुआ तो मोहल्लों का नामकरण होने लगा. उनमें से एक मोहल्ला आद्या नगर के नाम से भी बसाया गया. यह पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ल के पिता थे.

स्व. ईश्वर चंद्र का सियासी सफर
1977 में यूथ कांग्रेस के महामंत्री बने, 1978 में को-ऑपेरटिव बैंक के डायरोक्टर चुने गए, 1980 से 90 तक उस्का बाजार के ब्लॉक प्रमुख रहे, 1989 में पहली बार विस चुनाव कांग्रेस के टिकट पर नौगढ़ (अब कपिलवस्तु) विस से लड़े, 2007 में नौगढ़ विस से पहली बार कांगेस के टिक पर विधायक चुने गए, नौगढ़ विस आरक्षित होने की वजह से 2012 का चुनाव बांसी विस से लड़े और हार का सामना करना पड़ा. वह कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष, आईसीसी मेंबर के साथ निवर्तमान प्रांतीय उपाध्यक्ष भी रहे.
प्रियंका शोक संदेश विधायक के पुत्र को सौंपा

पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ल के निधन पर कांग्रेस पार्टी की राष्ट्री महासचिव प्रियंका गांधी ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उनके पुत्र प्रभात शुक्ल के नाम से शोकसंदेश भेजा. जिलाध्यक्ष काजी सुहैल अहमद ने सौंपा. लिखा है कि ईश्वर चंद्र शुक्ल के निधन का समाचार मिला. उन्होंने अपने पूरे जीवन सादा जीवन, उच्च विचार के गुण के साथ हम तमाम लोगों को प्रेरणा दी है. कांग्रेस पार्टी के लिए अभिभावक की तरह रहे. निरंतर सेवा में लगे सिपाही थे. उनके निधन से पूरे कांग्रेस परिवार को अपूर्णनीय क्षति हुई है.

अंतिम संस्कार में टूटी दलीय आस्था
पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र शुक्ल भले ही कांग्रेस के सिपाही रहे लेकिन उनके संबंध सभी दलों के नेताओं से बेहतर रहे. यही कारण रहा उनकी मौत की खबर सुनकर हर कोई हैरान रहा. उनके अंतिम संस्कार में सिर्फ कांग्रेसी या उनकेसमर्थकों की ही भीड़ नहीं रही बल्कि दूसरे दलों सपा, बसपा, भाजपा के लोग भी शामिल हुए.

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