यूपी के पांच शहरों को मिलेगी मेट्रो कनेक्टिविटी, तीन राज्यों तक सफर कर सकेंगे लोग
अंग्रेजी अखबार इकॉनमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस परियोजना में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने केंद्र सरकार के साथ मेट्रो कॉरिडोर पर अक्सर चर्चा की. रिठाला-नरेला-कुंडली कॉरिडोर की अनुमानित लागत 6,231 करोड़ रुपये है, जिसमें दिल्ली के लिए 5,685 करोड़ रुपये और हरियाणा के लिए 545.8 करोड़ रुपये खर्च की संभावना है.
परियोजना में लगने वाली लागत केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बांटा जाएगा. दिल्ली में केंद्र सरकार कुल लागत का 40% अपनी ओर से देगी. इसमें दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) 1,000 करोड़ रुपये देगा. बाकी धनराशि द्विपक्षीय या बहुपक्षीय ऋणों (37.5%) और दिल्ली सरकार (20%) के माध्यम से वित्तपोषित की जाएगी. हरियाणा के हिस्से के लिए, 80% धन राज्य सरकार से आएगा, जबकि केंद्र सरकार 20% देगी. इस कॉरिडोर में 21 मेट्रो स्टेशन होंगे. मंजूरी मिलने के बाद चार साल में पूरा होने की उम्मीद है.
कौन से मेट्रो स्टेशन होंगे?
नई लाइन पर मुख्य स्टेशनों में रोहिणी सेक्टर, बरवाला, सनोथ, न्यू सनोथ और नरेला जेजे कॉलोनी जैसे गांव, बवाना में औद्योगिक क्षेत्र के दो स्टेशन और नरेला क्षेत्र के पांच स्टेशन शामिल होंगे, जिनमें अनाज मंडी, डीडीए खेल परिसर, नरेला गांव, डिपो स्टेशन और नरेला सेक्टर-5 शामिल हैं.
इस नई लाइन का मकसद नरेला-बवाना-अलीपुर इलाकों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है, जिससे इन इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा यह कॉरिडोर रोहिणी सब सिटी की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करेगा.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है