यूपी के हर जिले में अलर्ट जारी! कोहरे और ठंड पर सरकार की नई गाइडलाइन लागू
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और यूपी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कोहरे व शीतलहरी के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रदेश भर में सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं. जिलों के अधिकारियों को कहा गया है कि एडवाइजरी का कड़ाई से पालन कराते हुए आम जनता तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए.
क्या करें:
- सड़कों पर कोहरे और कम दृश्यता के दौरान सभी वाहनों को धीमी गति से चलाने के निर्देश दें.
- सड़क किनारे रिफ्लेक्टर, कैट्स-आई और रिफ्लेक्टर पेंट सही ढंग से लगवाए जाएं ताकि रात में दृश्यता बनी रहे.
- फिसलन वाले स्थानों—ब्रिज, ओवरब्रिज और नम इलाकों—पर रेत या नमक डालकर फिसलन कम करने की व्यवस्था करें.
- मुख्य रास्तों पर Slow Speed और Headlights On वाले बोर्ड लगाकर ड्राइवरों को सतर्क किया जाए.
- जिन क्षेत्रों में दृश्यता बहुत कम हो, वहां वैकल्पिक मार्ग और डायवर्जन की व्यवस्था की जाए.
- पुलिस कर्मियों के लिए ठंड से बचाव हेतु ऊनी वस्त्र और गर्म पेय की व्यवस्था की जाए.
- ट्रैफिक की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए वायरलेस और फोन से लगातार अपडेट लिया जाए.
- एम्बुलेंस और रिकवरी वैन को हर समय तैयार रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंच सके.
क्या न करें:
- कोहरे में किसी भी वाहन को तेज गति से न चलने दें.
- सड़कों पर अनावश्यक रुकावटें न लगाएं, इससे हादसों का खतरा बढ़ता है.
- बिना लाइट या रिफ्लेक्टर वाले वाहनों को सड़क पर न आने दें.
- ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात कर्मियों को अपनी जगह छोड़कर जाने की अनुमति न दें.
- किसी ड्राइवर को बिना सुरक्षा नियम बताए आगे न भेजें.
- जिन सड़कों पर ज्यादा ओस या फिसलन हो, वहां भारी वाहनों को तेज गति से न जाने दें.
- किसी भी आपात स्थिति की सूचना देने में देरी न करें, तुरंत उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट करें.
प्रशासन ने कहा है कि इन निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आम जनता सतर्क रहे और शीतलहरी व कोहरे के दौरान हादसों को कम किया जा सके.
यूपी के हर जिले में अलर्ट जारी! कोहरे और ठंड पर सरकार की नई गाइडलाइन लागू
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और यूपी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कोहरे व शीतलहरी के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रदेश भर में सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं. जिलों के अधिकारियों को कहा गया है कि एडवाइजरी का कड़ाई से पालन कराते हुए आम जनता तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए.
क्या करें:
- सड़कों पर कोहरे और कम दृश्यता के दौरान सभी वाहनों को धीमी गति से चलाने के निर्देश दें.
- सड़क किनारे रिफ्लेक्टर, कैट्स-आई और रिफ्लेक्टर पेंट सही ढंग से लगवाए जाएं ताकि रात में दृश्यता बनी रहे.
- फिसलन वाले स्थानों—ब्रिज, ओवरब्रिज और नम इलाकों—पर रेत या नमक डालकर फिसलन कम करने की व्यवस्था करें.
- मुख्य रास्तों पर Slow Speed और Headlights On वाले बोर्ड लगाकर ड्राइवरों को सतर्क किया जाए.
- जिन क्षेत्रों में दृश्यता बहुत कम हो, वहां वैकल्पिक मार्ग और डायवर्जन की व्यवस्था की जाए.
- पुलिस कर्मियों के लिए ठंड से बचाव हेतु ऊनी वस्त्र और गर्म पेय की व्यवस्था की जाए.
- ट्रैफिक की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए वायरलेस और फोन से लगातार अपडेट लिया जाए.
- एम्बुलेंस और रिकवरी वैन को हर समय तैयार रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंच सके.
क्या न करें:
- कोहरे में किसी भी वाहन को तेज गति से न चलने दें.
- सड़कों पर अनावश्यक रुकावटें न लगाएं, इससे हादसों का खतरा बढ़ता है.
- बिना लाइट या रिफ्लेक्टर वाले वाहनों को सड़क पर न आने दें.
- ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात कर्मियों को अपनी जगह छोड़कर जाने की अनुमति न दें.
- किसी ड्राइवर को बिना सुरक्षा नियम बताए आगे न भेजें.
- जिन सड़कों पर ज्यादा ओस या फिसलन हो, वहां भारी वाहनों को तेज गति से न जाने दें.
- किसी भी आपात स्थिति की सूचना देने में देरी न करें, तुरंत उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट करें.
प्रशासन ने कहा है कि इन निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आम जनता सतर्क रहे और शीतलहरी व कोहरे के दौरान हादसों को कम किया जा सके.
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About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है