टेक कंपनियों पर लगाम! अब न्यूज दिखाने पर मीडिया संस्थानों से शेयर करना होगा मुनाफा

टेक कंपनियों पर लगाम! अब न्यूज दिखाने पर मीडिया संस्थानों से शेयर करना होगा मुनाफा
टेक कंपनियों पर लगाम! अब न्यूज दिखाने पर मीडिया संस्थानों से शेयर करना होगा मुनाफा

 मीडिया हाउस के लिए एक अच्छी खुशखबरी है. टेक कंपनियों पर लगाम कसने के लिए अब केंद्र सरकार मीडिया हाउस के कंटेंट का इस्तेमाल करने पर भुगतान को लेकर ढ्ढञ्ज कानून लागू करने की दिशा में काम कर रही है. इस तरह का कानून ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और फ्रांस में पहले से लागू है.

बता दें कि टेक कंपनियों और मीडिया हाउस के बीच रेवेन्यू लेकर दुनियाभर में लंबे समय से विवाद है. डिजिटल मीडिया और न्यूज पब्लिशर्स का कहना है कि त्रशशद्दद्यद्ग और स्नड्डष्द्गड्ढशशद्म जैसी दिग्गज टेक कंपनियां सोर्स के तौर पर उनका कंटेंट इस्तेमाल करती हैं. इससे कंपनियों को तगड़ा मुनाफा होता है लेकिन मीडिया हाउस को इसके बदले में भुगतान नहीं किया जाता. इस मामले में अब सरकार भी एक्टिव हो गई है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार कानून लागू करने पर गहनता से विचार कर रही है. इसके बाद त्रशशद्दद्यद्ग, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियां अपना मुनाफा ओरिजनल कंटेंट प्रोवाइडर को बाटेंगी जिससे मीडिया कंपनियों को बढिय़ा मुनाफा होगा.

वहीं इस बारे में केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कानून के मुताबिक भारतीय मीडिया हाउस की रक्षा करने की जरूरत है. भारत ऐसा पहला देश नहीं है, जो इस तरह के कानून पर काम कर रहा है. कई देश पहले ही ये कर चुके हैं. दुनिया भर की सरकारें टेक कंपनियों के बिजनेस मॉडल को लेकर सजग हो रही हैं. इन कंपनियों का बिजनेस मॉडल मीडिया हाउस और पब्लिशर्स के लिए नुकसानदायक रहा है.

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
17 Jul 2022 By Bhartiya Basti

टेक कंपनियों पर लगाम! अब न्यूज दिखाने पर मीडिया संस्थानों से शेयर करना होगा मुनाफा

 मीडिया हाउस के लिए एक अच्छी खुशखबरी है. टेक कंपनियों पर लगाम कसने के लिए अब केंद्र सरकार मीडिया हाउस के कंटेंट का इस्तेमाल करने पर भुगतान को लेकर ढ्ढञ्ज कानून लागू करने की दिशा में काम कर रही है. इस तरह का कानून ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और फ्रांस में पहले से लागू है.

बता दें कि टेक कंपनियों और मीडिया हाउस के बीच रेवेन्यू लेकर दुनियाभर में लंबे समय से विवाद है. डिजिटल मीडिया और न्यूज पब्लिशर्स का कहना है कि त्रशशद्दद्यद्ग और स्नड्डष्द्गड्ढशशद्म जैसी दिग्गज टेक कंपनियां सोर्स के तौर पर उनका कंटेंट इस्तेमाल करती हैं. इससे कंपनियों को तगड़ा मुनाफा होता है लेकिन मीडिया हाउस को इसके बदले में भुगतान नहीं किया जाता. इस मामले में अब सरकार भी एक्टिव हो गई है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार कानून लागू करने पर गहनता से विचार कर रही है. इसके बाद त्रशशद्दद्यद्ग, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियां अपना मुनाफा ओरिजनल कंटेंट प्रोवाइडर को बाटेंगी जिससे मीडिया कंपनियों को बढिय़ा मुनाफा होगा.

वहीं इस बारे में केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कानून के मुताबिक भारतीय मीडिया हाउस की रक्षा करने की जरूरत है. भारत ऐसा पहला देश नहीं है, जो इस तरह के कानून पर काम कर रहा है. कई देश पहले ही ये कर चुके हैं. दुनिया भर की सरकारें टेक कंपनियों के बिजनेस मॉडल को लेकर सजग हो रही हैं. इन कंपनियों का बिजनेस मॉडल मीडिया हाउस और पब्लिशर्स के लिए नुकसानदायक रहा है.

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