बदलने जा रही है ऑनलाइन पेमेंट के नियम

बदलने जा रही है ऑनलाइन पेमेंट के नियम
बदलने जा रही है ऑनलाइन पेमेंट के नियम

 

नई दिल्ली ,23 सितंबर । देश की सर्वोच्च बैंक भारतीय रिजर्व बैंक ने कार्ड पेमेंट के नए नियम जारी किए हैं जो नए साल में एक जनवरी 2022 से लागू हो जाएंगे। आरबीआई के अनुसार ऑनलाइन पेमेंट के लिए अब टोकन सिस्टम लागू होगा। कार्ड के जरिए ट्रांजैक्शन में कार्ड जारी करने वाले बैंक या कार्ड नेटवर्क के अलावा कोई अन्य वास्तविक कार्ड डाटा स्टोर नहीं कर पाएगा। इसके तहत ट्रांजैक्शन ट्रैकिंग या विवाद की स्थिति में समझौते के लिए पेमेंट एग्रीग्रेटर सीमित डाटा स्टोर कर सकेंगे। इसके तहत वास्तविक कार्ड नंबर और कार्ड जारी कर्ता के नाम के आखिरी 4 अंक तक स्टोर करने की छूट होगी अन्य कोई भी जानकारी पेमेंट एग्रीग्रेटर नहीं रख सकेंगे। आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 में कार्ड और इंटरनेट से होने वाली फ्रॉड में 174 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है।इस अवधि में कुल 195 करोड रुपए फ्रॉड हुए हैं लेकिन अब आरबीआई की नइ नीति के तहत फ्रॉड करने की गुंजाइश नहीं रहेगी। इसके तहत मास्टर कार्ड, रुपए कार्ड विजा जैसे सर्विस प्रोवाइडर ग्राहक के कार्ड नंबर ,ष्टङ्कङ्क और दूसरी डिटेल्स की जगह एक 14 या 16 अंकों का नंबर जारी कर सकेंगे जो ग्राहक के कार्ड से लिंक होगा। ग्राहक को ऑनलाइन पेमेंट करते समय कार्ड की ओरिजिनल डिटेल की जगह 16 अंकों का कोड देना होगा, जिसके जरिए पेमेंट हो जाएगी और इस प्रक्रिया में यूजर्स की कार्ड डिटेल सेव नहीं होंगी।आरबीआई के अनुसार पहले यह सुविधा मोबाइल, फोन के जरिए प्राप्त की जा सकेगी। बाद में इसे लैपटॉप, डेस्कटॉप ,आईओसी डिवाइस आदि के जरिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
23 Sep 2021 By Bhartiya Basti

बदलने जा रही है ऑनलाइन पेमेंट के नियम

 

नई दिल्ली ,23 सितंबर । देश की सर्वोच्च बैंक भारतीय रिजर्व बैंक ने कार्ड पेमेंट के नए नियम जारी किए हैं जो नए साल में एक जनवरी 2022 से लागू हो जाएंगे। आरबीआई के अनुसार ऑनलाइन पेमेंट के लिए अब टोकन सिस्टम लागू होगा। कार्ड के जरिए ट्रांजैक्शन में कार्ड जारी करने वाले बैंक या कार्ड नेटवर्क के अलावा कोई अन्य वास्तविक कार्ड डाटा स्टोर नहीं कर पाएगा। इसके तहत ट्रांजैक्शन ट्रैकिंग या विवाद की स्थिति में समझौते के लिए पेमेंट एग्रीग्रेटर सीमित डाटा स्टोर कर सकेंगे। इसके तहत वास्तविक कार्ड नंबर और कार्ड जारी कर्ता के नाम के आखिरी 4 अंक तक स्टोर करने की छूट होगी अन्य कोई भी जानकारी पेमेंट एग्रीग्रेटर नहीं रख सकेंगे। आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 में कार्ड और इंटरनेट से होने वाली फ्रॉड में 174 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है।इस अवधि में कुल 195 करोड रुपए फ्रॉड हुए हैं लेकिन अब आरबीआई की नइ नीति के तहत फ्रॉड करने की गुंजाइश नहीं रहेगी। इसके तहत मास्टर कार्ड, रुपए कार्ड विजा जैसे सर्विस प्रोवाइडर ग्राहक के कार्ड नंबर ,ष्टङ्कङ्क और दूसरी डिटेल्स की जगह एक 14 या 16 अंकों का नंबर जारी कर सकेंगे जो ग्राहक के कार्ड से लिंक होगा। ग्राहक को ऑनलाइन पेमेंट करते समय कार्ड की ओरिजिनल डिटेल की जगह 16 अंकों का कोड देना होगा, जिसके जरिए पेमेंट हो जाएगी और इस प्रक्रिया में यूजर्स की कार्ड डिटेल सेव नहीं होंगी।आरबीआई के अनुसार पहले यह सुविधा मोबाइल, फोन के जरिए प्राप्त की जा सकेगी। बाद में इसे लैपटॉप, डेस्कटॉप ,आईओसी डिवाइस आदि के जरिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।

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