आर्थिक मोर्चे की मुश्किलें

आर्थिक मोर्चे की मुश्किलें
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इस बात में दो राय नहीं हो सकती कि आर्थिक मोर्चे पर देश कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है। रिर्जव बैंक ने 1.76 लाख करोड़ रुपये सरकार को देने का जो निर्णय लिया है इसे लेकर लोगों में परस्पर मतभेद है।

यदि इसके बाद भी सरकार स्थितियों को संभाल ले जाय तो इस निर्णय को गलत नहीं कहा जायेगा किन्तु केन्द्र सरकार को इस सत्य को स्वीकार करना ही होगा कि आर्थिक मोर्चे पर शीघ्र सकारात्मक पहल न हुई तो मुश्किलें और बढ सकती है। लोगों की नौकरियां बची रहे, उद्योग जगत धैर्य बनाये रखे तो हर मुश्किल का हल निकल सकता है।

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
28 Aug 2019 By Bhartiya Basti

आर्थिक मोर्चे की मुश्किलें

इस बात में दो राय नहीं हो सकती कि आर्थिक मोर्चे पर देश कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है। रिर्जव बैंक ने 1.76 लाख करोड़ रुपये सरकार को देने का जो निर्णय लिया है इसे लेकर लोगों में परस्पर मतभेद है।

यदि इसके बाद भी सरकार स्थितियों को संभाल ले जाय तो इस निर्णय को गलत नहीं कहा जायेगा किन्तु केन्द्र सरकार को इस सत्य को स्वीकार करना ही होगा कि आर्थिक मोर्चे पर शीघ्र सकारात्मक पहल न हुई तो मुश्किलें और बढ सकती है। लोगों की नौकरियां बची रहे, उद्योग जगत धैर्य बनाये रखे तो हर मुश्किल का हल निकल सकता है।

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