धरती पर कब आएगा विनाशकारी प्रलय? बन चुका है Dooms Day Clock!
Nostradamus
baba vanga predictions 2024
baba vanga predictions 2024: अक्सर हमने धरती पर जीवन नष्ट होने की बात तो सुनी ही होगी लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है. क्या यह इंसान की मानगढंथत कहानी है. या फिर सच में एक समय ऐसा आऐगा जिस दिन धरती का नाम और निशान मिट जाएगा. पृथ्वी के नष्ट होने की तो अक्सर भविष्यवाणी होती रहती हैं. नामी भविष्यवक्ताओं ने बताया है कि आखिर दुनिया कब खत्म होगी. इसमें भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस और बाबा वेंगा. समेत कई अन्य भविष्यवक्ताओं का नाम आता है. इसमें उन सब की अलग-अलग विचारधारा है. वैज्ञानिकों ने तो हीरो शीमा और नागासाकी के विनाशकारी परमाणु हमले के बाद. डूम्स क्लॉक भी बनाई है.आईये इसके बारे मे विस्तार से जानते है ,
डूम्स डे क्लॉक क्या है?
Doomsday Clock: डूम्स डे क्लॉक एक प्रतीकात्मक घडी है इसमें रात के 12 बजने के मतलब यह होगा कि अब दुनिया कभी भी ख़त्म हो सकती है. डूम्स डे क्लॉक में सबसे पहला समय 1947 में सेट किया गया था. यह समय रात के “12 बजने से 7 मिनट पहले” (अर्थात 11.53 PM) सेट किया गया था.
करीब 433 मिलियन साल पहले धरती पर पहली बार प्रलय आई थी, जिसे एंड-ऑर्डोविसियन कहा गया.
आपने अक्सर फिल्म निर्देशकों को भी . विनाशकारी प्रलय.पर आधारित फिल्में बनाते हुए देखा है. जहां पर उन्होंने पूरी तरह से मनुष्य जाति और जगजीवन. का विनाश होते हुए दर्शाया है. यह अक्सर लोगों में चिंता का विषय बना रहता है. की क्या वैज्ञानिकों द्वारा की गई भविष्यवाणी सच है.? कई टाइंम ट्रैवल्स यानी समय यात्री. का दावा है कि कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने धरती पर प्रलय लेकर अलग-अलग समय बताया है.
यह भी पढ़ें: Aaj Ka Rashifal 30 March 2026: वृषभ, कन्या, मकर, मेष, मिथुन,कुंभ, मीन, वृश्चिक, सिंह,कर्क, तुला,धनु का आज का राशिफलप्रलय को लेकर दुनिया भर मे वैज्ञानिकों की अलग-अलग थ्योरीज़ है. कुछ समय पहले एक थ्योरी सामने आई थी जिसके मुताबिक. दुनिया नष्ट होने की तारीख भी बताई गई. न केवल मनुष्य बल्कि जीव जंतु तथा पशु पौधों के भी नष्ट होने. की बात की गई यानी संपूर्ण विनाश.
यह भी पढ़ें: Aaj Ka Rashifal 29 March 2026: वृषभ, कन्या, मकर, मेष, मिथुन,कुंभ, मीन, वृश्चिक, सिंह,कर्क, तुला,धनु का आज का राशिफलधरती में कब-कब आया था प्रलय :
धरती में प्रलय को लेकर अक्सर भविष्यवाणी होती रहती हैं.
* धरती में सबसे पहली बार प्रलय करीब 433 मिलियन साल पहले आया था. जिसे एंड ऑर्डर विजन कहा गया है. इस दौरान धरती का पानी बर्फ में बदलने लगा था .जिससे जीवों की मौत होने लगी थी . इस दौरान कई प्रजातियां समाप्त हो गई. और कई बची हुई प्रजातियां ने मौसम के अनुसार खुद को ढाल िया था. वर्ष 2017 के करेंट बायोलॉजी जनरल में इस बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है.
* दूसरी बार पहले करीब 359 से 380 मिलियन वर्ष पहले .
* तीसरी बार प्रलय 251 मिलियन वर्ष पहले आया था..
*चौथी बार प्रलय 210 मिलियन पहले आया था. आखरी बार प्रलय करीब 65.5 मिलियन वर्ष पहले *आया था. जिस दौरान धरती में डायनासोर. का खत्म हो गया था हालांकि इसी क्या वजह थी इसको लेकर अभी भी बहस चल रही
अब वैज्ञानिक छठवीं विनाश को लेकर चर्चा करने लगे हैं वैज्ञानिकों के मुताबिक, 250 मिलियन साल में पृथ्वी पर प्रलय आ सकता है.
शोधकर्ताओं को डर है कि इसमें बैक्टीरिया, फंगी, पेड़-पौधे, इंसान, रेप्टाइल्स, पंक्षी और मछलियां सभी का विनाश हो जाएगा.
धरती पर कब आएगा विनाशकारी प्रलय? बन चुका है Dooms Day Clock!
Nostradamus <br> baba vanga predictions 2024
baba vanga predictions 2024: अक्सर हमने धरती पर जीवन नष्ट होने की बात तो सुनी ही होगी लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है. क्या यह इंसान की मानगढंथत कहानी है. या फिर सच में एक समय ऐसा आऐगा जिस दिन धरती का नाम और निशान मिट जाएगा. पृथ्वी के नष्ट होने की तो अक्सर भविष्यवाणी होती रहती हैं. नामी भविष्यवक्ताओं ने बताया है कि आखिर दुनिया कब खत्म होगी. इसमें भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस और बाबा वेंगा. समेत कई अन्य भविष्यवक्ताओं का नाम आता है. इसमें उन सब की अलग-अलग विचारधारा है. वैज्ञानिकों ने तो हीरो शीमा और नागासाकी के विनाशकारी परमाणु हमले के बाद. डूम्स क्लॉक भी बनाई है.आईये इसके बारे मे विस्तार से जानते है ,
डूम्स डे क्लॉक क्या है?
Doomsday Clock: डूम्स डे क्लॉक एक प्रतीकात्मक घडी है इसमें रात के 12 बजने के मतलब यह होगा कि अब दुनिया कभी भी ख़त्म हो सकती है. डूम्स डे क्लॉक में सबसे पहला समय 1947 में सेट किया गया था. यह समय रात के “12 बजने से 7 मिनट पहले” (अर्थात 11.53 PM) सेट किया गया था.
करीब 433 मिलियन साल पहले धरती पर पहली बार प्रलय आई थी, जिसे एंड-ऑर्डोविसियन कहा गया.
आपने अक्सर फिल्म निर्देशकों को भी . विनाशकारी प्रलय.पर आधारित फिल्में बनाते हुए देखा है. जहां पर उन्होंने पूरी तरह से मनुष्य जाति और जगजीवन. का विनाश होते हुए दर्शाया है. यह अक्सर लोगों में चिंता का विषय बना रहता है. की क्या वैज्ञानिकों द्वारा की गई भविष्यवाणी सच है.? कई टाइंम ट्रैवल्स यानी समय यात्री. का दावा है कि कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने धरती पर प्रलय लेकर अलग-अलग समय बताया है.
प्रलय को लेकर दुनिया भर मे वैज्ञानिकों की अलग-अलग थ्योरीज़ है. कुछ समय पहले एक थ्योरी सामने आई थी जिसके मुताबिक. दुनिया नष्ट होने की तारीख भी बताई गई. न केवल मनुष्य बल्कि जीव जंतु तथा पशु पौधों के भी नष्ट होने. की बात की गई यानी संपूर्ण विनाश.
धरती में कब-कब आया था प्रलय :
धरती में प्रलय को लेकर अक्सर भविष्यवाणी होती रहती हैं.
* धरती में सबसे पहली बार प्रलय करीब 433 मिलियन साल पहले आया था. जिसे एंड ऑर्डर विजन कहा गया है. इस दौरान धरती का पानी बर्फ में बदलने लगा था .जिससे जीवों की मौत होने लगी थी . इस दौरान कई प्रजातियां समाप्त हो गई. और कई बची हुई प्रजातियां ने मौसम के अनुसार खुद को ढाल िया था. वर्ष 2017 के करेंट बायोलॉजी जनरल में इस बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है.
* दूसरी बार पहले करीब 359 से 380 मिलियन वर्ष पहले .
* तीसरी बार प्रलय 251 मिलियन वर्ष पहले आया था..
*चौथी बार प्रलय 210 मिलियन पहले आया था. आखरी बार प्रलय करीब 65.5 मिलियन वर्ष पहले *आया था. जिस दौरान धरती में डायनासोर. का खत्म हो गया था हालांकि इसी क्या वजह थी इसको लेकर अभी भी बहस चल रही
अब वैज्ञानिक छठवीं विनाश को लेकर चर्चा करने लगे हैं वैज्ञानिकों के मुताबिक, 250 मिलियन साल में पृथ्वी पर प्रलय आ सकता है.
शोधकर्ताओं को डर है कि इसमें बैक्टीरिया, फंगी, पेड़-पौधे, इंसान, रेप्टाइल्स, पंक्षी और मछलियां सभी का विनाश हो जाएगा.
ताजा खबरें
About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है