'छोटे लोहिया' जनेश्वर मिश्र की जयंती पर सपा ने किया याद, बोले- आखिरी सांस तक रहे समाजवादी

'छोटे लोहिया' जनेश्वर मिश्र की जयंती पर सपा ने किया याद, बोले- आखिरी सांस तक रहे समाजवादी
'छोटे लोहिया' जनेश्वर मिश्र की जयंती पर सपा ने किया याद, बोले- आखिरी सांस तक रहे समाजवादी

 समाजवादी चिन्तक अपनों में छोटे लोहिया के रूप में लोकप्रिय पूर्व केन्द्रीय मंत्री जनेश्वर मिश्र को उनकी जयन्ती पर याद किया गया. बुधवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय में उपाध्यक्ष जावेद पिण्डारी की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने उन्हें याद किया. मो. स्वाले, डा.आरडी. गोस्वामी, मुरली पाण्डेय, मु. सलीम, अजीत सिंह आदि ने कहा कि वे आखिरी सांस तक समाजवादी थे और उन्हें समाजवाद की चलती फिरती पाठशाला कहा जाता था. राजनीति में उन्होने सदैव सादगी बनाये रखी और कार्यकर्ताओं को सर्वोच्च सम्मान दिया. युवा पीढी को उनके जीवन संघर्ष और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरणा लेनी चाहिये. कहा कि आज जब देश में साम्प्रदायिक धु्रवीकरण हो रहा है ऐसे में हमें अपने गंगा जमुनी तहजीब को  बचाये रखना होगा, यही जनेश्वर मिश्र जैसे महान नेता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

सपा नेता गुलाब सोनकर, राघवेन्द्र सिंह, जमील अहमद, संजय गौतम, रामशंकर निराला, अनीस गौतम, गीता भारती, कैलाश शर्मा, रजनीश पाठक, बुद्धिसागर बौद्ध, चन्द्रिका यादव, मो. उमर, रन बहादुर यादव, अरविन्द यादव, अभिषेक यादव, आदि ने जनेश्वर मिश्र को नमन् करते हुये कहा कि जनेश्वर मिश्र के प्रभाव से बडी संख्या में युंवा जुड़े और समाजवादी विचारधारा को देश भर में स्वीकारोक्ति मिली. वक्ताओं ने स्मृतियांे को साझा करते हुये  कहा कि बस्ती से जनेश्वर मिश्र का विशेष लगाव था, वे जब आते तो सबसे मिलने की कोशिश करते. कहा कि कार्यकर्ताओं के लिये उनके मन में विशेष सम्मान था .

अध्यक्षता करते हुये जावंेद पिण्डारी ने कहा कि  सादगी उनके राजनीति की विशेषता थी. उन्होने कभी दिखावें की राजनीति नहीं की और गांव, गरीब, आम आदमी की पीड़ा में सड़क से संसद तक स्वर देते रहे. उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा.  कहा कि सात बार केन्द्रीय मंत्री रहने के बाद भी उनके पास न अपनी गाड़ी थी और न ही बंगला. इनके नाम पर लखनऊ में एशिया का सबसे बड़ा सुन्दर पार्क सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के प्रेरणा से उत्तर प्रदेश के पूर्व युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा निर्माण कराया     गया . ऐसे महापुरूष को सदैव स्मरण किये जाने की जरूरत है.  

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जयन्ती पर जनेश्वर मिश्र को नमन् करने वालों में अरविन्द सोनकर, मंशाराम कन्नौजिया, प्रशान्त यादव, लालमन यादव, विजय लक्ष्मी, राधा, प्रिया श्रीवास्तव, राजेश यादव, मधुबन यादव,  राहुल सिंह, रोहितेश्वर सिंह, दिनेश तिवारी, घनश्याम यादव, डा. राम प्रकाश सुमन, नित्यराम चौधरी, अनवर अली, उदयराज विश्वकर्मा, देवनाथ यादव, मो. युनूस आलम, महेन्द्र यादव, गिरीश चन्द्र, अखिलेश यादव, दीपक आर्या, अजीत सिंह विपिन, बदरूल हसन, विलाल अहमद, विवेक यादव ‘ डिम्पल’, भोलू खान, वैजनाथ शर्मा, अकबर अली, गिरीश चन्द्र, चन्दभान यादव, अशोक कुमार यादव, सुभाष यादव, फूल यादव, गौरव यादव  के साथ ही सपा के अनेक पदाधिकारी शामिल रहे.

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bhartiyabasti.com
05 Aug 2026 By Bhartiya Basti

'छोटे लोहिया' जनेश्वर मिश्र की जयंती पर सपा ने किया याद, बोले- आखिरी सांस तक रहे समाजवादी

 समाजवादी चिन्तक अपनों में छोटे लोहिया के रूप में लोकप्रिय पूर्व केन्द्रीय मंत्री जनेश्वर मिश्र को उनकी जयन्ती पर याद किया गया. बुधवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय में उपाध्यक्ष जावेद पिण्डारी की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने उन्हें याद किया. मो. स्वाले, डा.आरडी. गोस्वामी, मुरली पाण्डेय, मु. सलीम, अजीत सिंह आदि ने कहा कि वे आखिरी सांस तक समाजवादी थे और उन्हें समाजवाद की चलती फिरती पाठशाला कहा जाता था. राजनीति में उन्होने सदैव सादगी बनाये रखी और कार्यकर्ताओं को सर्वोच्च सम्मान दिया. युवा पीढी को उनके जीवन संघर्ष और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरणा लेनी चाहिये. कहा कि आज जब देश में साम्प्रदायिक धु्रवीकरण हो रहा है ऐसे में हमें अपने गंगा जमुनी तहजीब को  बचाये रखना होगा, यही जनेश्वर मिश्र जैसे महान नेता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

सपा नेता गुलाब सोनकर, राघवेन्द्र सिंह, जमील अहमद, संजय गौतम, रामशंकर निराला, अनीस गौतम, गीता भारती, कैलाश शर्मा, रजनीश पाठक, बुद्धिसागर बौद्ध, चन्द्रिका यादव, मो. उमर, रन बहादुर यादव, अरविन्द यादव, अभिषेक यादव, आदि ने जनेश्वर मिश्र को नमन् करते हुये कहा कि जनेश्वर मिश्र के प्रभाव से बडी संख्या में युंवा जुड़े और समाजवादी विचारधारा को देश भर में स्वीकारोक्ति मिली. वक्ताओं ने स्मृतियांे को साझा करते हुये  कहा कि बस्ती से जनेश्वर मिश्र का विशेष लगाव था, वे जब आते तो सबसे मिलने की कोशिश करते. कहा कि कार्यकर्ताओं के लिये उनके मन में विशेष सम्मान था .

अध्यक्षता करते हुये जावंेद पिण्डारी ने कहा कि  सादगी उनके राजनीति की विशेषता थी. उन्होने कभी दिखावें की राजनीति नहीं की और गांव, गरीब, आम आदमी की पीड़ा में सड़क से संसद तक स्वर देते रहे. उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा.  कहा कि सात बार केन्द्रीय मंत्री रहने के बाद भी उनके पास न अपनी गाड़ी थी और न ही बंगला. इनके नाम पर लखनऊ में एशिया का सबसे बड़ा सुन्दर पार्क सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के प्रेरणा से उत्तर प्रदेश के पूर्व युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा निर्माण कराया     गया . ऐसे महापुरूष को सदैव स्मरण किये जाने की जरूरत है.  

जयन्ती पर जनेश्वर मिश्र को नमन् करने वालों में अरविन्द सोनकर, मंशाराम कन्नौजिया, प्रशान्त यादव, लालमन यादव, विजय लक्ष्मी, राधा, प्रिया श्रीवास्तव, राजेश यादव, मधुबन यादव,  राहुल सिंह, रोहितेश्वर सिंह, दिनेश तिवारी, घनश्याम यादव, डा. राम प्रकाश सुमन, नित्यराम चौधरी, अनवर अली, उदयराज विश्वकर्मा, देवनाथ यादव, मो. युनूस आलम, महेन्द्र यादव, गिरीश चन्द्र, अखिलेश यादव, दीपक आर्या, अजीत सिंह विपिन, बदरूल हसन, विलाल अहमद, विवेक यादव ‘ डिम्पल’, भोलू खान, वैजनाथ शर्मा, अकबर अली, गिरीश चन्द्र, चन्दभान यादव, अशोक कुमार यादव, सुभाष यादव, फूल यादव, गौरव यादव  के साथ ही सपा के अनेक पदाधिकारी शामिल रहे.

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