Basti में Social Media पर संप्रदाय विशेष के खिलाफ टिप्पणी करने वाला शख्स गिरफ्तार, WhatsApp पर किया था विवादित मैसेज
उत्तर प्रदेश स्थित बस्ती में नुपूर शर्मा विवाद के बीच संप्रदाय विशेष के बारे में सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने का मामला सामने आया है. घटना सामने आने के बाद एसपी आशीष श्रीवास्तव ने व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल लोगों के खिलाफ हर्रैया थाने में केस दर्ज करने का आदेश दिया जिसके बाद अब आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई है.
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया जिले में चलने वाले व्हाट्सएप ग्रुप पर बुधवार एक व्यक्ति द्वारा विशेष समुदाय के संबंध में टिप्पणी वाले मैसेज को फॉरवर्ड किया गया जिसके बाद इस सबंध में सूचना प्राप्त हुई. तत्काल हरैया में कई धाराओं में केस दर्ज किया गया. आपको बता दें व्हाट्सएप ग्रुप में टिप्पणी करने वाले शख्स का नाम एसडी त्रिपाठी बताया जा रहा है. जिस व्हाट्सएप ग्रुप में संप्रदाय विशेष को लेकर टिप्पणी की गई थी उसमें हर्रैया के बीजेपी विधायक सहित दर्जनों लोग जुड़े हुए हैं.
#BastiPolice सोशल मीडिया पर विशेष सम्प्रदाय के सम्बन्ध में अभद्र टिप्पणी करने वाले अभियुक्त को हरैया पुलिस द्वारा किया गया गिरफ्तार- pic.twitter.com/jNnECU3F44
— BASTI POLICE (@bastipolice) July 6, 2022यह भी पढ़ें: बस्ती में फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने मनाया स्वतंत्रता दिवस, 25 सितंबर को वृद्धाश्रम में फार्मासिस्ट दिवस मनाने का फैसला
बता दें सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पैनी नजर रखेगी. पुलिस की साइबर टीम ने इसके लिए फैक्ट को चेक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. फैक्ट चेक साफ्टवेयर के जरिए उत्तर प्रदेष पुलिस इंस्टाग्राम व फेसबुक पर अफवाह जनित पोस्टों को तुरंत जान सकेगी. संज्ञान में आते ही पुलिस टीम इस पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की करेगी. अभी तक प्रदेष की पुलिस टीम के पास सिर्फ ट्विटर के भ्रामक पोस्टों को जान सकती थी.पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भ्रामक खबरें और अफवाहों के खंडन के लिए ट्विटर हैंडल शुरू की गई थी.
यह भी पढ़ें: बस्ती में कांग्रेस की बैठक के दौरान हंगामा, कार्यालय घेरने पहुंचे भाजपा नेताओं को कांग्रेसियों ने दौड़ायायहां गलत व भ्रामक पोस्ट का न सिर्फ खंडन किया जाता है बल्कि कार्रवाई भी कराई जाती है. अब फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी यह सेवा शुरू की जा रही है. फेसबुक के फैक्ट चेक के लिए व इंस्टाग्राम के फैक्ट चेक के लिए हैंडिल जारी किया गया है. उन्होंने बताया कि इन दोनों प्लेटफार्म पर भी यूपी के अपराध से संबंधित अफवाहों एवं भ्रामक पोस्टों का खंडन किया जाएगा. फेसबुक पेज व इंस्टाग्राम अकाउंट को टैग करके किसी भी भ्रामक खबर, वीडियो, फोटो, पोस्ट के संबंध में जानकारी की जा सकती है. इसी तरह फेसबुक यूजर उक्त पेज के मैसेज बाक्स में किसी भी अफवाह फैलाने वाले व्यक्ति की गोपनीय सूचना भी दे सकता है
Basti में Social Media पर संप्रदाय विशेष के खिलाफ टिप्पणी करने वाला शख्स गिरफ्तार, WhatsApp पर किया था विवादित मैसेज
उत्तर प्रदेश स्थित बस्ती में नुपूर शर्मा विवाद के बीच संप्रदाय विशेष के बारे में सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने का मामला सामने आया है. घटना सामने आने के बाद एसपी आशीष श्रीवास्तव ने व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल लोगों के खिलाफ हर्रैया थाने में केस दर्ज करने का आदेश दिया जिसके बाद अब आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई है.
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया जिले में चलने वाले व्हाट्सएप ग्रुप पर बुधवार एक व्यक्ति द्वारा विशेष समुदाय के संबंध में टिप्पणी वाले मैसेज को फॉरवर्ड किया गया जिसके बाद इस सबंध में सूचना प्राप्त हुई. तत्काल हरैया में कई धाराओं में केस दर्ज किया गया. आपको बता दें व्हाट्सएप ग्रुप में टिप्पणी करने वाले शख्स का नाम एसडी त्रिपाठी बताया जा रहा है. जिस व्हाट्सएप ग्रुप में संप्रदाय विशेष को लेकर टिप्पणी की गई थी उसमें हर्रैया के बीजेपी विधायक सहित दर्जनों लोग जुड़े हुए हैं.
#BastiPolice सोशल मीडिया पर विशेष सम्प्रदाय के सम्बन्ध में अभद्र टिप्पणी करने वाले अभियुक्त को हरैया पुलिस द्वारा किया गया गिरफ्तार- pic.twitter.com/jNnECU3F44
— BASTI POLICE (@bastipolice) July 6, 2022
बता दें सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पैनी नजर रखेगी. पुलिस की साइबर टीम ने इसके लिए फैक्ट को चेक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. फैक्ट चेक साफ्टवेयर के जरिए उत्तर प्रदेष पुलिस इंस्टाग्राम व फेसबुक पर अफवाह जनित पोस्टों को तुरंत जान सकेगी. संज्ञान में आते ही पुलिस टीम इस पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की करेगी. अभी तक प्रदेष की पुलिस टीम के पास सिर्फ ट्विटर के भ्रामक पोस्टों को जान सकती थी.पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भ्रामक खबरें और अफवाहों के खंडन के लिए ट्विटर हैंडल शुरू की गई थी.
यहां गलत व भ्रामक पोस्ट का न सिर्फ खंडन किया जाता है बल्कि कार्रवाई भी कराई जाती है. अब फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी यह सेवा शुरू की जा रही है. फेसबुक के फैक्ट चेक के लिए व इंस्टाग्राम के फैक्ट चेक के लिए हैंडिल जारी किया गया है. उन्होंने बताया कि इन दोनों प्लेटफार्म पर भी यूपी के अपराध से संबंधित अफवाहों एवं भ्रामक पोस्टों का खंडन किया जाएगा. फेसबुक पेज व इंस्टाग्राम अकाउंट को टैग करके किसी भी भ्रामक खबर, वीडियो, फोटो, पोस्ट के संबंध में जानकारी की जा सकती है. इसी तरह फेसबुक यूजर उक्त पेज के मैसेज बाक्स में किसी भी अफवाह फैलाने वाले व्यक्ति की गोपनीय सूचना भी दे सकता है
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