कांग्रेस का आरोप: मतदाता सूची पुनरीक्षण ‘एसआईआर’ पर चुनाव आयोग की नीयत साफ नहीं
पत्रकारों के सवालों का उत्तर देते हुये विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में बी.एल.ओ. को पूरा समय दिया जाना चाहिये किन्तु न जाने किस मंशा से चुनाव आयोग ने केवल एक माह का समय दिया है. बी.एल.ओ. तनाव और दबाव में काम कर रहे हैं. ऐसे में चुनाव आयोग समय बढाये जिससे पारदर्शी मतदाता सूची बन सके.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण ‘एसआईआर.’ को लेकर चुनाव आयोग की नीयत साफ नहीं है. वह सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाने की मंशा से काम कर रही है. यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिये शुभ लक्षण नहीं है. चुनाव आयोग का लक्ष्य निष्पक्ष, पारदर्शी मतदाता सूची होना चाहिये जो एक माह में संभव नही है. कहा कि चुनाव आयोग तत्काल प्रभाव से समय बढाये.
प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से संदीप श्रीवास्तव, डा. वाहिद सिद्दीकी, अलीम अख्तर, वृजेश आर्य, विजय श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है