बस्ती में बिना नोटिस चला बुलडोजर! जिलाधिकारी से शिकायत करेगा पीड़ित, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
कोतवाली थाना क्षेत्र के जयपुरवा निवासी सुरेन्द्र कुमार चौधरी ने बस्ती विकास प्राधिकरण आरोप लगाया है. पत्रकारों से बातचीत में सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि उन्होंने गाटा सं० 77, 78 जो कि घरसोेहिया में स्थित है का बैनामा लिया था जिसका सीमांकन बाउण्ड्री व चिन्हीकरण किया गया था. इस गाटे पर किसी तरह का कोई विवाद नहीं है. 23 अप्रैल 2026 को विकास प्राधिकरण द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के बुल्डोजर से चिन्हांकन को गिरा दिया गया.
नोटिस को लेकर उठे सवाल
इस कार्यवाही को विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियन्ता हरिओम द्वारा कराया गया. पूछने पर उन्होंने नोटिस जारी करने की बात कही . जब नोटिस के बारे में पूछा गया तो गाटा संख्या 157/2, 157/3 की नोटिस दिखायी गयी है जिससे सुरेन्द्र चौधरी का कोई लेना देना नहीं है. सुरेन्द्र कुमार चौधरी ने पहले ही गाटा संख्या 77, 78 के ले आउट के सम्बन्ध में आवेदन किया है. उन्होने बताया कि अवैध मांग न पूरी करने के कारण ध्वस्तीकरण की कार्यवाही बिना किसी नोटिस के किया गया है.
वैध जमीन पर कार्रवाई से नाराजगी
उन्होने बताया कि उनकी वैध जमीन पर विकास प्राधिकरण द्वारा मनमानी कार्यवाही की गई. इस मामले से उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है. उन्हें भू-माफिया बताया जा रहा है. कहा कि वे इस पूरे प्रकरण को जिलाधिकारी के समक्ष ले जायेगे और यदि बीडीए के दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों के विरूद्ध समुचित कार्यवाही न हुई तो वे हाई कोर्ट जायेंगे और सम्बंधित पर मानहानि का दावा भी करेंगे.
बस्ती में बिना नोटिस चला बुलडोजर! जिलाधिकारी से शिकायत करेगा पीड़ित, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
कोतवाली थाना क्षेत्र के जयपुरवा निवासी सुरेन्द्र कुमार चौधरी ने बस्ती विकास प्राधिकरण आरोप लगाया है. पत्रकारों से बातचीत में सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि उन्होंने गाटा सं० 77, 78 जो कि घरसोेहिया में स्थित है का बैनामा लिया था जिसका सीमांकन बाउण्ड्री व चिन्हीकरण किया गया था. इस गाटे पर किसी तरह का कोई विवाद नहीं है. 23 अप्रैल 2026 को विकास प्राधिकरण द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के बुल्डोजर से चिन्हांकन को गिरा दिया गया.
नोटिस को लेकर उठे सवाल
इस कार्यवाही को विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियन्ता हरिओम द्वारा कराया गया. पूछने पर उन्होंने नोटिस जारी करने की बात कही . जब नोटिस के बारे में पूछा गया तो गाटा संख्या 157/2, 157/3 की नोटिस दिखायी गयी है जिससे सुरेन्द्र चौधरी का कोई लेना देना नहीं है. सुरेन्द्र कुमार चौधरी ने पहले ही गाटा संख्या 77, 78 के ले आउट के सम्बन्ध में आवेदन किया है. उन्होने बताया कि अवैध मांग न पूरी करने के कारण ध्वस्तीकरण की कार्यवाही बिना किसी नोटिस के किया गया है.
वैध जमीन पर कार्रवाई से नाराजगी
उन्होने बताया कि उनकी वैध जमीन पर विकास प्राधिकरण द्वारा मनमानी कार्यवाही की गई. इस मामले से उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है. उन्हें भू-माफिया बताया जा रहा है. कहा कि वे इस पूरे प्रकरण को जिलाधिकारी के समक्ष ले जायेगे और यदि बीडीए के दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों के विरूद्ध समुचित कार्यवाही न हुई तो वे हाई कोर्ट जायेंगे और सम्बंधित पर मानहानि का दावा भी करेंगे.
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About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है