बस्ती में 10 साल से बंद ट्रैफिक लाइट, चालान के लिए लगा 9.34 लाख का हाईटेक सिस्टम
Basti News
बस्ती शहर में अब ट्रैफिक नियम तोड़ना आसान नहीं रहेगा. यातायात व्यवस्था को सुधारने और नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए प्रशासन ने नया हाईटेक सिस्टम लगा दिया है. इस पूरे सिस्टम को लगाने में करीब 9.34 लाख रुपये खर्च किए गए हैं.
अब अगर कोई बिना हेलमेट गाड़ी चलाता है या तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाता है, तो उसका चालान अपने आप कट जाएगा. खास बात यह है कि आपको तुरंत पता भी नहीं चलेगा, बल्कि आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज आने के बाद ही जानकारी मिलेगी.
इन 3 चौराहों पर लगा सिस्टम
बस्ती शहर के तीन प्रमुख चौराहों पर यह हाईटेक सिस्टम लगाया गया है-
- कंपनी बाग चौराहा
- मालवीय तिराहा
- बड़ेवन चौराहा
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब किसी की सिफारिश नहीं चलेगी. चाहे नेता हो, पुलिसकर्मी हो या पत्रकार-जो भी नियम तोड़ेगा, उसका चालान होगा.
यह नया सिस्टम एएनपीआर (ANPR) कैमरों पर आधारित है, जो सामान्य कैमरों से अलग होते हैं. ये कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को तुरंत पहचान लेते हैं और उसका डेटा कंट्रोल रूम तक भेज देते हैं. इंफ्रारेड सेंसर की मदद से ये कैमरे रात के अंधेरे या कोहरे में भी साफ तस्वीर ले सकते हैं. साथ ही, तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों को भी यह सिस्टम तुरंत ट्रैक कर लेता है.
यह भी पढ़ें: Basti News: गोसेवा आयोग उपाध्यक्ष महेश शुक्ल ने किया श्री आटो मोबाइल्स पेट्रोल पम्प का उद्घाटनबीच में सवाल भी उठ रहे हैं
हालांकि, इस सिस्टम को लेकर सोशल मीडिया पर लोग सवाल भी उठा रहे हैं. लोगों का कहना है कि शहर में पिछले करीब 10 साल से ट्रैफिक लाइट बंद पड़ी हैं, उन्हें पहले ठीक कराया जाना चाहिए था.
शहर के कई चौराहों पर रोजाना जाम की समस्या बनी रहती है. खासकर सुबह 11 बजे से 1 बजे तक और शाम 3 बजे से 5 बजे तक लंबा जाम लगता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है. ऐसे में लोगों का कहना है कि पहले यातायात व्यवस्था सुधारना जरूरी था, उसके बाद चालान सिस्टम लागू करना चाहिए था. फिलहाल, प्रशासन का फोकस नियमों को सख्ती से लागू करने पर है और अब बस्ती में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सीधी कार्रवाई शुरू हो गई है.
बस्ती में 10 साल से बंद ट्रैफिक लाइट, चालान के लिए लगा 9.34 लाख का हाईटेक सिस्टम
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बस्ती शहर में अब ट्रैफिक नियम तोड़ना आसान नहीं रहेगा. यातायात व्यवस्था को सुधारने और नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए प्रशासन ने नया हाईटेक सिस्टम लगा दिया है. इस पूरे सिस्टम को लगाने में करीब 9.34 लाख रुपये खर्च किए गए हैं.
अब अगर कोई बिना हेलमेट गाड़ी चलाता है या तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाता है, तो उसका चालान अपने आप कट जाएगा. खास बात यह है कि आपको तुरंत पता भी नहीं चलेगा, बल्कि आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज आने के बाद ही जानकारी मिलेगी.
इन 3 चौराहों पर लगा सिस्टम
बस्ती शहर के तीन प्रमुख चौराहों पर यह हाईटेक सिस्टम लगाया गया है-
- कंपनी बाग चौराहा
- मालवीय तिराहा
- बड़ेवन चौराहा
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब किसी की सिफारिश नहीं चलेगी. चाहे नेता हो, पुलिसकर्मी हो या पत्रकार-जो भी नियम तोड़ेगा, उसका चालान होगा.
यह नया सिस्टम एएनपीआर (ANPR) कैमरों पर आधारित है, जो सामान्य कैमरों से अलग होते हैं. ये कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को तुरंत पहचान लेते हैं और उसका डेटा कंट्रोल रूम तक भेज देते हैं. इंफ्रारेड सेंसर की मदद से ये कैमरे रात के अंधेरे या कोहरे में भी साफ तस्वीर ले सकते हैं. साथ ही, तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों को भी यह सिस्टम तुरंत ट्रैक कर लेता है.
बीच में सवाल भी उठ रहे हैं
हालांकि, इस सिस्टम को लेकर सोशल मीडिया पर लोग सवाल भी उठा रहे हैं. लोगों का कहना है कि शहर में पिछले करीब 10 साल से ट्रैफिक लाइट बंद पड़ी हैं, उन्हें पहले ठीक कराया जाना चाहिए था.
शहर के कई चौराहों पर रोजाना जाम की समस्या बनी रहती है. खासकर सुबह 11 बजे से 1 बजे तक और शाम 3 बजे से 5 बजे तक लंबा जाम लगता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है. ऐसे में लोगों का कहना है कि पहले यातायात व्यवस्था सुधारना जरूरी था, उसके बाद चालान सिस्टम लागू करना चाहिए था. फिलहाल, प्रशासन का फोकस नियमों को सख्ती से लागू करने पर है और अब बस्ती में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सीधी कार्रवाई शुरू हो गई है.
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About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है