बस्ती में विकास की रफ्तार धीमी? बजट होने के बावजूद क्यों नहीं खर्च हो रहे पैसे

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बस्ती में विकास की रफ्तार धीमी? बजट होने के बावजूद क्यों नहीं खर्च हो रहे पैसे
बस्ती में विकास की रफ्तार धीमी? बजट होने के बावजूद क्यों नहीं खर्च हो रहे पैसे

बस्ती जनपद के कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान क्षेत्रीय विकास, बजट खर्च और किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और चीनी मिलों से संबंधित समस्याओं का समाधान जरूरी है.

विधायक ने बजट आवंटन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार द्वारा भारी-भरकम बजट घोषित किया जाता है, लेकिन खर्च की गति संतोषजनक नहीं है. उन्होंने विशेष रूप से लोक निर्माण विभाग (PWD) का उल्लेख करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति के करीब है, फिर भी लगभग 50% बजट ही खर्च हो पाया है. उनका कहना था कि जब बजट का पूरा उपयोग नहीं होगा, तो विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति कैसे होगी.

उन्होंने अपने क्षेत्र की सड़कों के चौड़ीकरण और उन्नयन की आवश्यकता पर जोर दिया. मौधिया नगर पंचायत बभनान से हलुआ होते हुए सोनहा मार्ग को विधानसभा क्षेत्र की “लाइफ लाइन” बताते हुए इसके शीघ्र सुधार की मांग की. साथ ही, बिजली के खंभों और तारों की स्थिति सुधारने की भी अपील की.

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तहसील स्तर की समस्याओं का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि बस्ती जनपद की बड़ी तहसीलों में गरीब किसानों और आम लोगों के मामलों का समय पर निस्तारण नहीं हो पा रहा है. उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने की आवश्यकता बताई.

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चीनी मिलों के भुगतान को लेकर विधायक ने कहा कि किसानों का बकाया भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिसे जल्द से जल्द कराया जाना चाहिए ताकि किसान उसका सही उपयोग कर सकें.

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स्वास्थ्य सेवाओं पर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष जैसी योजनाओं में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए. अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सरकार से निष्पक्षता और विकास कार्यों में गति लाने की अपील की.

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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है