यूपी में अब 12वी तक फ्री होगी पढ़ाई, करोड़ों के लागत से बनेंगे डिजिटल स्कूल
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्त्वाकांक्षी योजना की पहल की है. "मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय योजना" के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के लिए एकीकृत और तकनीकी सुविधाओं से युक्त विद्यालयों की स्थापना की जा रही है. ऐसे में अब पूर्वांचल का महत्त्वपूर्ण जिला आजमगढ़ भी इस ऐतिहासिक शिक्षा अभियान का हिस्सा बनने जा रहा है. सरकार की ओर से जिले में 4 मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया को गति दी गई है. प्रशासन ने चारों विद्यालयों के लिए भूमि का चयन भी कर लिया है, यह रही सूची:-
- निजामाबाद तहसील के मिर्जापुर ब्लॉक स्थित असगड़ा मुस्तफाबाद में 11 हेक्टेयर भूमि
- सदर तहसील के जहानागंज के सेमा गांव में 2.858 हेक्टेयर भूमि
- बुढ़नपुर तहसील के अतरौलिया ब्लॉक स्थित लोहारा गांव में 3.0053 हेक्टेयर भूमि
- फूलपुर तहसील के पवई ब्लॉक के बसही अशरफपुर में 3.0083 हेक्टेयर भूमि
प्रत्येक विद्यालय में 1,500 विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा. विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को इन स्कूलों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देने का लक्ष्य निश्चित किया गया है. इन विद्यालयों में छात्रों को तकनीकी, डिजिटल और वैज्ञानिक शिक्षा के साथ-साथ समग्र विकास का अवसर मिलेगा. इन विद्यालयों के निर्माण पर प्रत्येक स्कूल के लिए लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. विद्यालयों को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा जिनमें शामिल हैं:-
- स्मार्ट क्लासरूम
- मशीन लर्निंग आधारित शिक्षण प्रणाली
- भाषा, गणित और विज्ञान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं
- उन्नत कंप्यूटर लैब
- मल्टीपर्पज हॉल और खेल का मैदान
- मॉड्यूलर किचन व डाइनिंग हॉल
- सीसीटीवी सुरक्षा प्रणाली और सौर ऊर्जा पैनल
यह सभी विद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखकर निर्मित किए जा रहे हैं. प्रत्येक स्कूल में 30 क्लासरूम बनाए जाएंगे और उन्हें डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे छात्रों को समकालीन शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जा सके। सरकार का यह प्रयास शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी परिवर्तन लाने की दिशा में मजबूत कदम है. इस योजना से न सिर्फ विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी शहरी शिक्षा सुविधाओं के समान अवसर प्रदान किये जाएंगे।
ताजा खबरें
About The Author
शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।