Gorakhpur News: आजादी की रेल गाड़ी और स्टेशन‘‘ के अन्तर्गत आयोजित आइकाॅनिक सप्ताह समारोह का हुआ उद्घाटन
Gorakhpur News: रेलवे बोर्ड एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय कुमार त्रिपाठी ने आजादी के 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत सम्पूर्ण भारतीय रेल पर 18 से 23 जुलाई,2022 तक मनाये जा रहे ‘‘आजादी की रेलगाड़ी और स्टेशन‘‘ आइकाॅनिक सप्ताह का शुभारम्भ रेलवे बोर्ड,नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेसिंग द्वारा किया . स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े हुये भारतीय रेल के 75 रेलवे स्टेशनों को इस महोत्सव हेतु नामित किया गया है जिनमें से पूर्वोत्तर रेलवे के दो स्टेशन चैरीचैरा एवं बलिया सम्मिलित है. रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली में सांय 04.00 बजे से आयोजित इस केन्द्रीय समारोह में मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आइकाॅनिक सप्ताह के अन्तर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की सराहना करते हुये कहा कि हमारी आजादी स्वतंत्रता सेनानियों के निरन्तर संघर्ष एवं बलिदान का प्रतिफल है. इस समारोह में भारतीय रेल के सभी महाप्रबन्धक, मण्डल रेल प्रबन्धक सहित वरिष्ठ रेल अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे .
इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक अशोक कुमार मिश्र ने 18 जुलाई को चौरीचौरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक समारोह में चौरीचौरा एवं बलिया रेलवे स्टेशनों पर ‘‘आजादी की रेल गाड़ी और स्टेशन‘‘ के अन्तर्गत आयोजित आइकाॅनिक सप्ताह समारोह का उद्घाटन किया . उन्होंने फोटो गैलरी का निरीक्षण करने के उपरान्त स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया . सम्मानित होने वालों में स्वतंत्रता सेनानी लाल मुहम्मद के पौत्र मैनुद्दीन, लाल बिहारी तिवारी के पौत्र रवि नारायण त्रिपाठी, सुरत के पौत्र जंगली, रामेश्वर के पौत्र ओमप्रकाश, दीप यादव के पौत्र लालबाबु यादव तथा पांचु के पौत्र पारस नाथ सम्मिलित हैं.
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में महाप्रबन्धक अशोक कुमार मिश्र ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में चौरीचौरा एवं बलिया का विशेष योगदान रहा है. सौभाग्यवश यह वर्ष चौरीचौरा कांड का शताब्दी वर्ष भी है. ब्रिटिश सरकार की दमनकारी नीतियों के विरोध में 1922 में चलाये जा रहे असहयोग आन्दोलन को बर्बरता से कुचलने का प्रतिरोध करते हुये जनाक्रोश के फलस्वरूप चैरीचैरा में पुलिस थाने में आगजनी की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. इसी तरह बलिया में 1942 में ‘‘भारत छोड़ो‘‘ आंदोलन के अन्तर्गत बड़ी संख्या में स्वतंत्रता सेनानियों एवं प्रदर्शनकारियों को जेल में डाल दिये जाने के परिणामस्वरूप सरकारी कार्यालयों सहित लगभग सभी महत्वपूर्ण स्थलों पर जनता ने कब्जा कर लिया तथा स्वतंत्रता की घोषणा करते हुए चित्तू पाण्डेय की अगुवाई में अपनी सरकार गठित कर ली . इन घटनाओं ने स्वतंत्रता आन्दोलन को नई गति दी . समारोह में वाराणसी मण्डल के संरक्षा संगठन एवं स्काउट/गाइड़ों द्वारा दो नुक्कड़ नाटकों की प्रभावशाली प्रस्तुति की गई. सा मारोह का संचालन आसिफ जहीर, मुख्य कार्यालय अधीक्षक/यांत्रिक कारखाना,गोरखपुर ने किया.
Gorakhpur News: आजादी की रेल गाड़ी और स्टेशन‘‘ के अन्तर्गत आयोजित आइकाॅनिक सप्ताह समारोह का हुआ उद्घाटन
Gorakhpur News: रेलवे बोर्ड एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय कुमार त्रिपाठी ने आजादी के 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत सम्पूर्ण भारतीय रेल पर 18 से 23 जुलाई,2022 तक मनाये जा रहे ‘‘आजादी की रेलगाड़ी और स्टेशन‘‘ आइकाॅनिक सप्ताह का शुभारम्भ रेलवे बोर्ड,नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेसिंग द्वारा किया . स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े हुये भारतीय रेल के 75 रेलवे स्टेशनों को इस महोत्सव हेतु नामित किया गया है जिनमें से पूर्वोत्तर रेलवे के दो स्टेशन चैरीचैरा एवं बलिया सम्मिलित है. रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली में सांय 04.00 बजे से आयोजित इस केन्द्रीय समारोह में मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आइकाॅनिक सप्ताह के अन्तर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की सराहना करते हुये कहा कि हमारी आजादी स्वतंत्रता सेनानियों के निरन्तर संघर्ष एवं बलिदान का प्रतिफल है. इस समारोह में भारतीय रेल के सभी महाप्रबन्धक, मण्डल रेल प्रबन्धक सहित वरिष्ठ रेल अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे .
इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक अशोक कुमार मिश्र ने 18 जुलाई को चौरीचौरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक समारोह में चौरीचौरा एवं बलिया रेलवे स्टेशनों पर ‘‘आजादी की रेल गाड़ी और स्टेशन‘‘ के अन्तर्गत आयोजित आइकाॅनिक सप्ताह समारोह का उद्घाटन किया . उन्होंने फोटो गैलरी का निरीक्षण करने के उपरान्त स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया . सम्मानित होने वालों में स्वतंत्रता सेनानी लाल मुहम्मद के पौत्र मैनुद्दीन, लाल बिहारी तिवारी के पौत्र रवि नारायण त्रिपाठी, सुरत के पौत्र जंगली, रामेश्वर के पौत्र ओमप्रकाश, दीप यादव के पौत्र लालबाबु यादव तथा पांचु के पौत्र पारस नाथ सम्मिलित हैं.
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में महाप्रबन्धक अशोक कुमार मिश्र ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में चौरीचौरा एवं बलिया का विशेष योगदान रहा है. सौभाग्यवश यह वर्ष चौरीचौरा कांड का शताब्दी वर्ष भी है. ब्रिटिश सरकार की दमनकारी नीतियों के विरोध में 1922 में चलाये जा रहे असहयोग आन्दोलन को बर्बरता से कुचलने का प्रतिरोध करते हुये जनाक्रोश के फलस्वरूप चैरीचैरा में पुलिस थाने में आगजनी की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. इसी तरह बलिया में 1942 में ‘‘भारत छोड़ो‘‘ आंदोलन के अन्तर्गत बड़ी संख्या में स्वतंत्रता सेनानियों एवं प्रदर्शनकारियों को जेल में डाल दिये जाने के परिणामस्वरूप सरकारी कार्यालयों सहित लगभग सभी महत्वपूर्ण स्थलों पर जनता ने कब्जा कर लिया तथा स्वतंत्रता की घोषणा करते हुए चित्तू पाण्डेय की अगुवाई में अपनी सरकार गठित कर ली . इन घटनाओं ने स्वतंत्रता आन्दोलन को नई गति दी . समारोह में वाराणसी मण्डल के संरक्षा संगठन एवं स्काउट/गाइड़ों द्वारा दो नुक्कड़ नाटकों की प्रभावशाली प्रस्तुति की गई. सा मारोह का संचालन आसिफ जहीर, मुख्य कार्यालय अधीक्षक/यांत्रिक कारखाना,गोरखपुर ने किया.
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