गोरखपुर रेलवे भर्ती में वसूली का खेल, CBI ने पूर्व चेयरमैन और तीन अफसरों पर दर्ज की FIR
उत्तर प्रदेश: यूपी के गोरखपुर रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) में साल 2018-19 में हुई सहायक लोको पायलट (ALP) और तकनीशियन ग्रेड की भर्ती में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है. इस मामले में रेलवे की आंतरिक जांच के बाद सीबीआई की लखनऊ यूनिट ने केस दर्ज किया है.
चार अधिकारियों पर आरोप
एफआईआर में तत्कालीन चेयरमैन प्रवीण कुमार राय, तत्कालीन तकनीशियन विनय कुमार श्रीवास्तव, कार्यालय सहायक वरुण राज मिश्रा और सूरज कुमार श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं. इनके अतिरिक्त कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है.
चयन प्रक्रिया में जानबूझकर की जा रही है देरी
शिकायत के मुताबिक, चयनित उम्मीदवारों की सूची (पैनल) जारी करने में जानबूझकर देरी की गई. आरोप है कि पैनल में नाम जोड़ने के बदले उम्मीदवारों से पैसे मांगे गए. जिन्होंने राशि दी, उनका चयन कर जॉइनिंग करवाई गई, जबकि जिन्होंने मना किया, उनके नाम पर रोक लगा दिया गया.
पैसों के लिए फोन कॉल
कई उम्मीदवारों ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि पैनल में नाम न आने पर जब वे बोर्ड से संपर्क करने गए, तो उन्हें चेयरमैन से मिलने को कहा गया. चेयरमैन ने दस्तावेज और आवेदन अपने पास रख लिए और बाद में अलग-अलग नंबरों से फोन कर पैसों की मांग की जाने लगी.
3 साल पूर्व अगस्त 2022 में कुछ उम्मीदवारों ने रेल प्रशासन को शिकायत दी कि उन्हें जानबूझकर पैनल में शामिल नहीं किया जा रहा और रिश्वत मांगी जा रही है. इस पर रेलवे विजिलेंस ने जांच शुरू की, जिसमें आरोप सही पाए गए.
सीबीआई की जांच और छापेमारी
जांच रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वोत्तर रेलवे के उप मुख्य सतर्कता अधिकारी (लेखा) जे.ए. वैड्रीन ने सीबीआई को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की. इसके बाद सीबीआई की लखनऊ एंटी करप्शन यूनिट ने धोखाधड़ी, रिश्वतखोरी और षड्यंत्र के आरोप में केस दर्ज किया. जांच की जिम्मेदारी सीबीआई की एडिशनल एसपी रानू चौधरी को सौंपी गई है. एफआईआर दर्ज होते ही विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर आगे की जांच शुरू कर दी गई.
गोरखपुर रेलवे भर्ती बोर्ड में 2018-19 की ALP और तकनीशियन भर्ती में भारी अनियमितताओं का खुलासा होते ही, सीबीआई ने पूर्व चेयरमैन प्रवीण कुमार राय समेत चार लोगों पर रिश्वत लेकर चयन प्रक्रिया में हेरफेर करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया है. रेलवे विजिलेंस जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई हुई. फिलहाल सीबीआई की टीम मामले की गहन जांच कर रही है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।