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                <title>mahakumbh 2025 - Bhartiya Basti</title>
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                <title>यूपी के इस जिले में 100 करोड़ रुपए से इस रूट पर बनेगा 2 किलोमीटर लंबा रोप-वे</title>
                                    <description><![CDATA[A 2 km long ropeway will be built on this route in this district of UP at a cost of Rs 100 crore,  यूपी के इस जिले में 100 करोड़ रुपए से इस रूट पर बनेगा 2 किलोमीटर लंबा रोप-वे

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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/a-2-km-long-ropeway-will-be-built-on-this-route-in-this-district-of-up-at-a-cost-of-rs-100-crore/article-18254"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-03/long-ropeway--(1).png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज में महाकुंभ के बाद अब संगमनगरीवासियों को एक और बड़ी सौगात मिली है। योगी सरकार ने प्रयागराज महायोजना 2031 को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत कुंभ मेला क्षेत्र का दायरा 707 हेक्टेयर से बढ़ाकर 1631 हेक्टेयर किया जाएगा। इसके अलावा, यमुना किनारे जलालपुर घोसी के असरावे कला मार्ग पर एक नई टाउनशिप का विकास किया जाएगा। संगम पर रोपवे के निर्माण को भी हरी झंडी मिल गई है, जिससे श्रद्धालु सीधे त्रिवेणी तक पहुँच सकेंगे।</p>
<h6><strong>प्रयागराज के लोगों के लिए खुशखबरी</strong></h6>
<p>इस महायोजना के तहत शहर के विकास को तेज़ी से बढ़ावा देने के लिए पांच नए जोन जोड़े गए हैं, और अब कुल 17 जोन निर्धारित किए गए हैं। अवैध निर्माण पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और ग्रीन बेल्ट का दायरा 15 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा। प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. अमित पाल शर्मा ने बताया कि महायोजना 2031 को शासन से मंजूरी मिल चुकी है और अब इस पर 12 मार्च 2025 से कार्य शुरू हो जाएगा। इस योजना के तहत सब्जी पट्टी एरिया को आवासीय क्षेत्र में बदला जाएगा, जिससे पीडीए के राजस्व में वृद्धि होगी।लगभग छह वर्षों की प्रतीक्षा के बाद संगम पर रोप-वे परियोजना को लेकर सार्थक पहल हुई है। फाइलों में पड़ी परियोजना को धरातल पर उतारा गया है। संगम पर 2.2 किलोमीटर लंबा रोप-वे बनाया जाएगा। यह शंकर विमान मंडपम को त्रिवेणी पुष्प से जोड़ेगा। देश-विदेश के श्रद्धालु आसमान से विहंगम संगम को निहार सकेंगे। इससे आस्था के साथ रोमांच का मिलन होगा। रोप-वे बनने से तीर्थराज प्रयाग धार्मिक पर्यटन के फलक पर छा जाएगा। माघ मास के अलावा वर्ष पर्यंत श्रद्धालु आएंगे। प्रयागराज तीर्थों का राजा है, उसकी ख्याति के अनुरूप तीर्थराज का विकास कराया जा रहा है। सदियों से उपेक्षित धार्मिक और पौराणिक स्थलों का कुंभ-2019 से पहले कायाकल्प कराया गया। जो कार्य बचा था उसे महाकुंभ-2025 से पहले करवाया गया। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई गई। सड़कें चौड़ी हुई। महर्षि भरद्वाज, निषादराज पार्क, अक्षयवट, सरस्वती कूप, पाताल पुरी, बड़े हनुमान जी कारिडोर बनवाया गया। द्वादश माधव मंदिरों का कायाकल्प कराया। इससे बाहर से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। अब रोप-वे बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन स्थल संगम की ख्याति देश-विदेश में फैली है। </p>
<h6><strong>लंबा रोप.वे, जल्द शुरू होगा कार्य</strong></h6>
<p>सर्दियों में सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक रोप-वे चलेगा। बाढ़ ज्यादा होगी तो इसका संचालन कुछ दिनों के लिए रोका भी जा सकता है। रोप-वे में 16 केबल कार होंगी। प्रत्येक केबल कार में छह लोग बैठक सकेंगे। नेशनल हाईवेज लाजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) की टीम इसका सर्वे कर चुकी है। एनएचएलएमएल को देश में योजना के तहत रोपवे परियोजनाएं विकसित करने का काम सौंपा गया है। तत्कालीन पर्यटन मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी की देखरेख में प्रस्ताव तो बना, लेकिन उसका क्रियांन्वयन नहीं हो पाया। इधर, महाकुंभ के दौरान 13 जनवरी से 26 मार्च तक देश-विदेश से 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई तो प्रयागराज की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई। संगम पर रोप-वे बनाने की मंजूरी शासन से मिल चुकी है। इसका डीपीआर भी स्वीकृत हो गया था। शंकर विमान मंडपम से त्रिवेणी पुष्प और फिर संगम के ऊपर से झूंसी के उल्टा किला तक रोपवे मार्ग का सर्वे हुआ था। झूंसी स्थित उल्टा किला के पास स्टेशन बनाने के लिए 0.342 हेक्टेयर व अरैल में त्रिवेणी पुष्प के पास 0.3888 हेक्टेयर भूमि चिह्नित चुकी थी। यही कारण है कि महाकुंभ बीतने के बाद फाइलों में बंद रोप-वे की परियोजना केंद्र सरकार के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रयासों से यह योजना साकार होने जा रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना का एमओयू होने की एक्स पर जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसको प्रयागराज को होली की सौगात बताते हुए एक्स पर लिखा कि यह ऐतिहासिक परियोजना पर्यटन, यातायात सुविधा एवं सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम देगी। संगम के पास रोप-वे बनाने के लिए सर्वे किया जा चुका है। संबंधित विभागों से एनओसी भी जारी की जा चुकी है। यह रोप-वे धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण संगम क्षेत्र में आस्था और पर्यटन को बढ़ावा देगा। साथ ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम दर्शन में सुविधा प्रदान करेगा। माघ मेला, कुंभ और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को इससे अनुभव मिलेगा। माघ मास में लाखों-करोड़ों श्रद्धालु संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाने प्रयागराज आते हैं। उसके बाद यह क्षेत्र विरान हो जाता है। वर्ष 2017 में प्रदेश में योगी सरकार बनी तो प्रयागराज को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत धार्मिक-पौराणिक स्थलों का कायाकल्प कराया गया। वर्ष 2018 में संगम पर रोप-वे बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Mar 2025 11:00:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Shambhunath Gupta]]></dc:creator>
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                <title>यूपी के इन गाँव के लिए चलेगी बस, देखें यह 374 रूट की लिस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[Buses will run for these villages of UP, see this list of 374 routes,  यूपी के इन गाँव के लिए चलेगी बस, देखें यह 374 रूट की लिस्ट
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/buses-will-run-for-these-villages-of-up--see-this-list-of-374-routes/article-18253"><img src="https://bhartiyabasti.com/media/400/2025-03/upsrtc-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>महाकुंभ को देखते हुए यूपी सरकार ने 2023-24 और 2024-25 के बीच 6,138 बसें खरीदी थीं। इसमें से 3000 बसें कुंभ मेले के लिए आवंटित की गई थीं। इनमें 270 इलेक्ट्रिक और 20 डबल डेकर बसें शामिल हैं। महाकुंभ खत्म होने के बाद इन बसों को अब ग्रामीण मार्गों पर चलाने की तैयारी है।</p>
<h6><strong>परिवहन विभाग ड्राइवर और कंडक्टर की करेगा भर्ती</strong></h6>
<p>उत्तर प्रदेश के 28 हजार गांवों को जोड़ने के लिए 1 हजार 540 रूट तए किए गए हैं। इनमें 1 हजार 130 पुराने रूट हैं, 410 नए रूट जोड़े गए हैं। इस पर पहली बार परिवहन विभाग की बसें चलेंगी। 374 रूट का परमिट भी जारी हो चुका है। होली बाद इन मार्गों पर बसें चलने लगेंगी। बाकी रूटों पर परमिट देने की प्रक्रिया चल रही है। परिवहन निगम के जीएम अंकुर विकास बताते हैं- 2,397 अनुबंधित बसों के लिए भी टेंडर निकाला गया है। इनमें इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं। अनुबंधित बसों में 28 और 32 सीट वाली छोटी बसें भी हैं। इससे संकरे रास्ते वाले ग्रामीण मार्गों पर आसानी से चलाई जा सकें। परिवहन मंत्री दयाशंकर ने विधानसभा बजट सत्र में एक प्रश्न के जवाब में दावा किया था कि अगले मानसून सत्र तक बाकी बचे 70 हजार गांवों को भी बस सेवा से जोड़ देंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री ग्राम जोड़ो योजना शुरू की गई है। इस बजट में इसके लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपए दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 2 शहरों के बीच इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बस सेवाओं की शुरुआत कर रही है। हाल ही में आगरा फोर्ट डिपो में पहली इलेक्ट्रिक बस शामिल की गई, जिसकी कीमत 1.40 करोड़ है। इन बसों का संचालन इसी महीने से शुरू करने की प्लानिंग है। इन्हें आगरा से नोएडा, बरसाना, बुलंदशहर, बदायूं, फर्रुखाबाद जैसे शहरों के बीच चलाया जाएगा। परिवहन निगम ने अनुबंध के तहत 4,950 इलेक्ट्रिक बसों के लिए टेंडर जारी किए हैं। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन बसों को प्रदेश के 569 रूट पर चलाने की तैयारी है। टेंडर की प्रक्रिया मार्च तक पूरी हो जाएगी। टेंडर में देश के कई दिग्गज उद्योगपतियों ने दिलचस्पी दिखाई है। इसकी वजह यूपी में टूरिस्टों की बढ़ती संख्या है। गांवों की रोड कनेक्टिविटी ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम जोड़ों योजना के तहत 410 नए मार्ग की पहचान की गई है। इनमें से 408 के लिए विभाग ने परमिट का आवेदन किया था। 401 ग्रामीण मार्गों पर परिवहन निगम खुद की बसें चलाएगा।</p>
<h6><strong>यूपी में अब गांवों से भी चलेंगी सरकारी बसें</strong></h6>
<p>यूपी परिवहन निगम की ओर से 1 हजार 213 मार्गों पर 1 हजार 277 अनुबंधित बसें चलाई जाएंगी। बाकी रूट पर निगम खुद की बस चलाएगा। इसके लिए बस ड्राइवर और कंडक्टर की भर्तियां भी होंगी। प्रदेश में कौन-कौन से 374 मार्ग पर बसों की सेवा मिलेगी? इन बसों के चलने से आम लोगों को कितना फायदा मिलेगा? बसों का किराया कितना होगा? प्रदेश के सभी 1 लाख गांवों को कब तक बस सुविधा से जोड़ दिया जाएगा? प्रदेश में नए ग्रामीण रूटों पर बसें चलाने का फायदा युवाओं को रोजगार के तौर पर भी मिलेगा। विधानसभा में बजट सत्र के दौरान विधायक विनोद चतुर्वेदी के सवाल पर परिवहन मंत्री ने यह बात खुद स्वीकार की। उन्होंने कहा कि ड्राइवरों और कंडक्टरों की कमी के कारण जनवरी 2025 में 700 बसें बंद रहीं। इससे करीब 8 लाख रुपए की आय का नुकसान हुआ। इन बसों को चलाने के लिए ड्राइवरों-कंडक्टरों की संविदा के आधार पर भर्ती करने की प्रक्रिया चल रही है। 50 करोड़ की लागत से परिवहन निगम प्रदेश के सभी 20 रीजन में एक-एक चार्जिंग स्टेशन बनाने जा रहा है। इसमें लखनऊ रीजन में बाराबंकी डिपो, मुरादाबाद में पीतल नंबर वर्कशॉप, बरेली में ओल्ड बस स्टेशन, इटावा में फर्रुखाबाद बस स्टैंड, मेरठ में बड़ौत डिपो, प्रयागराज में प्रयाग डिपो, चित्रकूट धाम में राठ डिपो, आजमगढ़ में डॉ अंबेडकर डिपो, वाराणसी में काशी डिपो, गोरखपुर में राप्तीनगर वर्कशॉप, हरदोई में हरदोई डिपो, अलीगढ़ में गांधी नगर पार्क बस स्टेशन, सहारनपुर में खतौली डिपो, कानपुर में आजाद नगर डिपो, अयोध्या में अयोध्या डिपो, आगरा में आगरा फोर्ट डिपो, गाजियाबाद में साहिबाबाद बस स्टेशन, नोएडा में नोएडा डिपो, झांसी में झांसी डिपो, देवीपाटन में गोंडा डिपो में चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने विधानसभा में एक प्रश्न के जवाब में बताया था कि अगले चरण में वह हर जिले में एक चार्जिंग स्टेशन बना देंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली बसों के चार्जिंग की समस्या नहीं होगी। यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम वर्तमान में 12,325 बसों का संचालन कर रहा है। 9,373 बसें न्च्ैत्ज्ब् के स्वामित्व में हैं। जबकि 2,952 निजी तौर पर अनुबंधित हैं। ये बसें ग्रामीण क्षेत्रों को ब्लॉक, तहसील और जिलों से जोड़ती हैं। वहीं, वाराणसी जिले में 7 मार्गों पर अनुबंधित बसें चलाई जाएंगी। 374 का परमिट जारी हो चुका है। 34 मार्गों पर आपत्तियों के चलते परमिट जारी नहीं हो पाया है। परिवहन निगम हर रूट पर एक बस का संचालन करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uttar Pradesh News in Hindi</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Mar 2025 10:21:21 +0530</pubDate>
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